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पौधरोपण का सच: बारह हेक्टेयर भूमि में 6000 पौधे लगाए, यहां एक साल बाद भी गड्ढे ही नजर आए

Sat, 31 May 2025 10:32 AM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: चमन शर्मा Updated Sat, 31 May 2025 10:32 AM IST
सार

एक साल बाद पौधरोपण की सच्चाई सामने आ रही है। जहां पर विधायक व महापौर ने एक दिन में 6000 पौधे लगाए, आज वहां केवल गड्डे ही नजर आ रहे हैं, कुछ पौधे सूख गए हैं।

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truth of plantation in Aligarh
आसना अजीतपुर में लगाए 6000 पौधे, पर नजर आ रहे गड्ढे - फोटो : संवाद

विस्तार

अलीगढ़ के मथुरा रोड पर स्थित आसना-अजीतपुर में 12 हेक्टेयर भूमि पर 9 जुलाई 2024 को एक ही दिन में 6000 पौधे रोपने का दावा नगर निगम प्रशासन ने किया था। इस दिन महापौर और शहर विधायक के साथ कई अफसर पहुंचे थे। कहा गया था कि यह क्षेत्र हरियाली का एक बड़ा सेंटर बनेगा। लेकिन आज यहां एकदम उजाड़ है। गड्ढे खुदे हैं लेकिन पौधे गायब हैं। कई जगह पौधे सूखी डंडी में तब्दील हो गए हैं। यहां छह हजार तो छोड़िए 200 पौधे भी मुश्किल से ही दिखेंगे।

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मथुरा रोड स्थित आसना अजीतपुर में नगर निगम द्वारा लगाये गये पौधे खाली पड़ा ग्राउंड
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अलीगढ़ को हरा भरा बनाने के दावे किए जा रहे हैं। 14 जुलाई से जिले भर में अभियान शुरू होगा। इस साल जिले में 40 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य है। सभी विभागों को लक्ष्य का आवंटन कर दिया गया है। नगर निगम फिर से 16000 पौधे रोपने की तैयारी कर रहा है। आसना-अजीतपुर में फिर पौधे लगाए जाएंगे। लेकिन स्थिति पिछले वर्ष जैसे ही न हो यह सवाल फिर से उठने लगा है।

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आसना अजीतपुर में नगर निगम द्वारा 6000 पौधे रोपे गए थे। उन पौधों की नियमित देखभाल की भी व्यवस्था की गई थी। कुछ पौधे सूख गए हैं। जो बचे हैं उनकी देखभाल की जा रही है। गर्मी में पानी की भी व्यवस्था की जा रही है।-डा. राजेश वर्मा, उद्यान प्रभारी (नगर निगम)

जिले में हरियाली लाने के लिए इस बार भी विभागों को लक्ष्य तय किया गया है। पिछले साल लगाए गए पौधों की भी देखरेख की जा रही है। बकायदा उनकी जियो टेगिंग भी की जा रही है। पाैधों का जीवन बचाने के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों को जिम्मा दिया गया है। यदि पाैधे मुरझा जाते हैं तो उनके स्थान पर दूसरे पाैधे लगाए जाएंगे।- गाैरव कुमार सिंह, क्षेत्रीय वन अधिकारी

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