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सात वर्ष की उम्र से झेला दुष्कर्म... 35वें वर्ष में न्याय पाने का प्रयास
सार
घटना दशकों पुरानी है लेकिन बेहद शर्मनाक और रोंगटे खड़े करने वाली है।आखिरकार 35 वर्ष पूरे कर चुकी युवती ने अपने अंदर की घुटन को मिटाने के लिए अपने पति को सारा सच बता दिया और अब कानून से मदद पाने के लिए उठ खड़ी हुई है।यह युवती दो बेटियों की मां है।मां से शिकायत करने पर चुप रहने की हिदायत मिली।
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विस्तार
घटना दशकों पुरानी है लेकिन बेहद शर्मनाक और रोंगटे खड़े करने वाली है। पिता सहित परिवार के 12 सदस्यों की मौत के बाद बच्ची नए रिश्तों को समझने की कोशिश कर रही थी, तभी उसे सात वर्ष की उम्र में दुष्कर्म का शिकार होना पड़ा। उसके साथ दुष्कर्म का यह सिलसिला 19 वर्ष की आयु तक रुक-रुककर चला। इस दौरान मां ने भी डरा-धमकाकर चुप रखा। खुद की शादी के बाद लगा कि शायद नारकीय जीवन में बदलाव आएगा, मगर शादी के कुछ वर्ष बाद मायके पहुंची तो फिर उसके अस्मिता से खिलवाड़ की कोशिश हुई। आखिरकार 35 वर्ष पूरे कर चुकी युवती ने अपने अंदर की घुटन को मिटाने के लिए अपने पति को सारा सच बता दिया और अब कानून से मदद पाने के लिए उठ खड़ी हुई है।
यह युवती दो बेटियों की मां है। अब वह अपने साथ पाप करने वालों को सजा दिलाने की जिद पर अड़ी है। पति ने भी साथ दिया तो हौसला बढ़ा। पीड़िता ने मुख्यमंत्री पोर्टल समेत आईजीआरएस, राष्ट्रीय महिला आयोग व एसएसपी को शिकायत भेजी है, जिस पर बन्नादेवी थाने की पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
यह है दुराचार की दास्तां
मूलरूप से बुलंदशहर के कुछ लोग 80 के दशक में शहर के एक इलाके में आकर बसे थे। इसी परिवार में दंपती के 1986 में पहली संतान के रूप में बेटी हुई। बेटी ढाई वर्ष की रही होगी, तभी दिसंबर 1988 में सड़क दुर्घटना में पिता सहित परिवार के 12 लोगों की जान चली गई। इसके बाद बेटी की विधवा मां ने बरला क्षेत्र के व्यक्ति से प्रेम विवाह कर लिया। बेटी जब सात वर्ष की हुई तो उसके सौतेले चाचा ने पहली बार उसका दुष्कर्म किया। मां से शिकायत करने पर चुप रहने की हिदायत मिली। इसके बाद 19 वर्ष की होने तक उसके साथ यह घटना दोहराई जाती रही।
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दूसरा सौतेला चाचा भी दुराचार में शामिल रहा। विरोध के नाम पर उसे डरा-धमकाकर रखा गया। यह सब झेलते हुए वर्ष 2011 में इस युवती की शादी एक फौजी के साथ हुई। दंपती के आज दो बेटियां हैं। पति ने वीआरएस लेकर अलीगढ़ शहर में अपना व्यापार शुरू कर दिया है। कुछ वर्ष तक सब ठीक चला। वर्ष 2019 में युवती अपने सौतेले भाई के साथ मायके पहुंची तो फिर उसके साथ वही सब दोहराने की कोशिश हुई। हालांकि इस बार उसने सख्ती से विरोध किया तो उसे मारपीट कर मायके से वापस कर दिया गया। आरोपियों ने धमकाया कि अब उसकी शादीशुदा जिंदगी में खलल पैदा करेंगे। इस सबसे अंदर ही अंदर घुट रही युवती ने डरते हुए पूरा वाकया अपने पति को बताया। आशंका जताई कि आरोपियों की हरकत से कहीं उनकी बेटियों का जीवन बर्बाद न हो जाए? इस पर पति ने अपनी पत्नी का साथ दिया। 11 अप्रैल 2022 को पति के साथ युवती अपनी मां व सौतेले पिता आदि के पास पहुंची और इस विषय पर विरोध शुरू किया तो मारपीट व धमकाकर उन्हें भगा दिया गया।
आईजीआरएस पर शिकायत में थाना पुलिस का असहयोग
इस मामले में आईजीआरएस/ मुख्यमंत्री पोर्टल पर हुई शिकायत की जांच बन्नादेवी पुलिस को मिली है। बन्नादेवी पुलिस ने बुधवार को पीड़ित पक्ष को बुलाया। हालांकि पुलिस ने यह दबाव डाला कि बचपन में अथवा अब से पहले क्या हुआ, उसे छोड़कर सिर्फ बन्नादेवी क्षेत्र में हुए घटनाक्रम पर फोकस करो। उसे अलग से लिखित में दे दो। इस पर आरोपियों पर कार्रवाई की जाएगी, मगर पीड़िता और उसका पति बिना कुछ लिखित दिए लौट गए। उनका कहना है कि वह न्याय मिलने तक लड़ेंगे। उन्हें संपत्ति आदि से कोई लेना-देना नहीं है।
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यह युवती दो बेटियों की मां है। अब वह अपने साथ पाप करने वालों को सजा दिलाने की जिद पर अड़ी है। पति ने भी साथ दिया तो हौसला बढ़ा। पीड़िता ने मुख्यमंत्री पोर्टल समेत आईजीआरएस, राष्ट्रीय महिला आयोग व एसएसपी को शिकायत भेजी है, जिस पर बन्नादेवी थाने की पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
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यह है दुराचार की दास्तां
मूलरूप से बुलंदशहर के कुछ लोग 80 के दशक में शहर के एक इलाके में आकर बसे थे। इसी परिवार में दंपती के 1986 में पहली संतान के रूप में बेटी हुई। बेटी ढाई वर्ष की रही होगी, तभी दिसंबर 1988 में सड़क दुर्घटना में पिता सहित परिवार के 12 लोगों की जान चली गई। इसके बाद बेटी की विधवा मां ने बरला क्षेत्र के व्यक्ति से प्रेम विवाह कर लिया। बेटी जब सात वर्ष की हुई तो उसके सौतेले चाचा ने पहली बार उसका दुष्कर्म किया। मां से शिकायत करने पर चुप रहने की हिदायत मिली। इसके बाद 19 वर्ष की होने तक उसके साथ यह घटना दोहराई जाती रही।
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दूसरा सौतेला चाचा भी दुराचार में शामिल रहा। विरोध के नाम पर उसे डरा-धमकाकर रखा गया। यह सब झेलते हुए वर्ष 2011 में इस युवती की शादी एक फौजी के साथ हुई। दंपती के आज दो बेटियां हैं। पति ने वीआरएस लेकर अलीगढ़ शहर में अपना व्यापार शुरू कर दिया है। कुछ वर्ष तक सब ठीक चला। वर्ष 2019 में युवती अपने सौतेले भाई के साथ मायके पहुंची तो फिर उसके साथ वही सब दोहराने की कोशिश हुई। हालांकि इस बार उसने सख्ती से विरोध किया तो उसे मारपीट कर मायके से वापस कर दिया गया। आरोपियों ने धमकाया कि अब उसकी शादीशुदा जिंदगी में खलल पैदा करेंगे। इस सबसे अंदर ही अंदर घुट रही युवती ने डरते हुए पूरा वाकया अपने पति को बताया। आशंका जताई कि आरोपियों की हरकत से कहीं उनकी बेटियों का जीवन बर्बाद न हो जाए? इस पर पति ने अपनी पत्नी का साथ दिया। 11 अप्रैल 2022 को पति के साथ युवती अपनी मां व सौतेले पिता आदि के पास पहुंची और इस विषय पर विरोध शुरू किया तो मारपीट व धमकाकर उन्हें भगा दिया गया।
आईजीआरएस पर शिकायत में थाना पुलिस का असहयोग
इस मामले में आईजीआरएस/ मुख्यमंत्री पोर्टल पर हुई शिकायत की जांच बन्नादेवी पुलिस को मिली है। बन्नादेवी पुलिस ने बुधवार को पीड़ित पक्ष को बुलाया। हालांकि पुलिस ने यह दबाव डाला कि बचपन में अथवा अब से पहले क्या हुआ, उसे छोड़कर सिर्फ बन्नादेवी क्षेत्र में हुए घटनाक्रम पर फोकस करो। उसे अलग से लिखित में दे दो। इस पर आरोपियों पर कार्रवाई की जाएगी, मगर पीड़िता और उसका पति बिना कुछ लिखित दिए लौट गए। उनका कहना है कि वह न्याय मिलने तक लड़ेंगे। उन्हें संपत्ति आदि से कोई लेना-देना नहीं है।