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Aligarh News: आठ स्वास्थ्य केंद्रों पर नहीं मिल रहा उपचार
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चंडौस के गांव एलमुपरा में पिछले दो वर्ष से बंद पड़ा उप स्वास्थ केंद्र। संवाद
- फोटो : samvad
सरकार शहर से लेकर गांव तक जन आरोग्य मंदिर स्थापित घर के पास ही प्राथमिक उपचार की सुविधा दे रही है, लेकिन जिले के गभाना और चंडौस में यह सुविधा फेल हो रही है। दोनों स्थानों पर आठ स्वास्थ्य केंद्र बंद हैं, इसमें पांच उप स्वास्थ्य केंद्र और तीन जन आरोग्य मंदिर हैं। स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती नहीं होने के कारण इन केंद्रों पर सालों से ताला लटका है। जिससे 40 हजार की आबादी इलाज नहीं मिलने से परेशान हैं। इन केंद्रों पर केवल टीकाकरण ही होता है।
चंडौस के गांव एलमपुरा में करीब दो वर्ष पहले लगभग आठ लाख रुपये की लागत से जन आरोग्य मंदिर के भवन का निर्माण कराया गया है। शासन की मंशा थी कि सीएचओ (सामुदायिक हेल्थ अफसर) की तैनाती कर मरीजों को घर के पास ही प्राथमिक उपचार दिया जाए। यहां पर 16 प्रकार की जांच, प्राथमिक उपचार और गैरसंचारी रोगों की जांच होनी थी, लेकिन भवन बनने के बाद से इस पर ताला लटका है। स्टाफ की तैनाती न होने से यह केंद्र शुरू ही नहीं हो पाया। न तो यहां सीएचओ की नियुक्ति हुई है और न ही एएनएम की तैनाती की गई है। आज भी लोगों को पांच किलोमीटर दूर चंडौस सीएचसी जाना पड़ता है।
कुल उपकेंद्र-31 (सभी पर एएनएम व एचवी की तैनाती अनिवार्य)
रिक्त पद-पांच (एलमपुरा, ऊमरी, बरका, हुसैना व जखौता)
पांच हजार की आबादी पर एक स्वास्थ्य केंद्र होता है
कुल आयुष्मान आरोग्य मंदिर : 28
सीएचओ (सामुदायिक हेल्थ आफिसर)-25
रिक्त पद- तीन (नगला पदम, गंगई व डेटा खुर्द)
बयान--
जनप्रतिनिधियों व विभाग के अधिकारियों को स्वास्थ्य केंद्रों पर ताला लगा होने की जानकारी दी है, मगर कोई फायदा नहीं हुआ। विभाग के लोग स्टाफ की कमी बता कर पल्ला झाड़ रहे हैं। इन सबके बीच गांव के लोग परेशान हैं। -लक्ष्मी शर्मा, प्रधान एलमपुरा।
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उप स्वास्थ्य केंद्र पर स्टाफ न होने की जानकारी अधिकारियों को दी जा चुकी है। स्टाफ मिलते ही एलमपुरा केंद्र पर तैनाती की जाएगी, वहां फिलहाल एएनएम की तैनाती है।
-डॉ. कुलदीप राजपुरी, सीएचसी अधीक्षक चंडौस।
जहां सीएचओ और एएनएम की तैनाती नहीं है। इसकी सूचना शासन को भेज दी गई है। सीएचओ मिलने पर उनकी तैनाती इन केंद्रों पर की जाएगी। व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए एएनएम की तैनाती की गई है।
-डॉ. नीरज त्यागी, सीएमओ
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चंडौस के गांव एलमपुरा में करीब दो वर्ष पहले लगभग आठ लाख रुपये की लागत से जन आरोग्य मंदिर के भवन का निर्माण कराया गया है। शासन की मंशा थी कि सीएचओ (सामुदायिक हेल्थ अफसर) की तैनाती कर मरीजों को घर के पास ही प्राथमिक उपचार दिया जाए। यहां पर 16 प्रकार की जांच, प्राथमिक उपचार और गैरसंचारी रोगों की जांच होनी थी, लेकिन भवन बनने के बाद से इस पर ताला लटका है। स्टाफ की तैनाती न होने से यह केंद्र शुरू ही नहीं हो पाया। न तो यहां सीएचओ की नियुक्ति हुई है और न ही एएनएम की तैनाती की गई है। आज भी लोगों को पांच किलोमीटर दूर चंडौस सीएचसी जाना पड़ता है।
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कुल उपकेंद्र-31 (सभी पर एएनएम व एचवी की तैनाती अनिवार्य)
रिक्त पद-पांच (एलमपुरा, ऊमरी, बरका, हुसैना व जखौता)
पांच हजार की आबादी पर एक स्वास्थ्य केंद्र होता है
कुल आयुष्मान आरोग्य मंदिर : 28
सीएचओ (सामुदायिक हेल्थ आफिसर)-25
रिक्त पद- तीन (नगला पदम, गंगई व डेटा खुर्द)
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जनप्रतिनिधियों व विभाग के अधिकारियों को स्वास्थ्य केंद्रों पर ताला लगा होने की जानकारी दी है, मगर कोई फायदा नहीं हुआ। विभाग के लोग स्टाफ की कमी बता कर पल्ला झाड़ रहे हैं। इन सबके बीच गांव के लोग परेशान हैं। -लक्ष्मी शर्मा, प्रधान एलमपुरा।
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उप स्वास्थ्य केंद्र पर स्टाफ न होने की जानकारी अधिकारियों को दी जा चुकी है। स्टाफ मिलते ही एलमपुरा केंद्र पर तैनाती की जाएगी, वहां फिलहाल एएनएम की तैनाती है।
-डॉ. कुलदीप राजपुरी, सीएचसी अधीक्षक चंडौस।
जहां सीएचओ और एएनएम की तैनाती नहीं है। इसकी सूचना शासन को भेज दी गई है। सीएचओ मिलने पर उनकी तैनाती इन केंद्रों पर की जाएगी। व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए एएनएम की तैनाती की गई है।
-डॉ. नीरज त्यागी, सीएमओ