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अलीगढ़ : हाईवे पर टोल टैक्स भरपूर, यात्री सुविधाएं कोसों दूर
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पीपी सिंह, उप महाप्रबंधक एनएचआई।
- फोटो : CITY OFFICE
रिंकू शर्मा
अलीगढ़-गाजियाबाद हाईवे (राष्ट्रीय राजमार्ग 91) पर वाहन चालकों से टोल टैक्स तो भरपूर वसूला जा रहा है, लेकिन सुविधाएं कोसों दूर हैं। हाईवे की टूटी सड़क और गहरे गड्ढों से वाहन चालकों को परेशानी हो रही। दुर्घटना से बचने के लिए इंडिकेटर, फ्लैक्स, साइन बोर्ड तक नहीं लगे हैं, इसके चलते यहां हर रोज छोटे-बड़े सड़क हादसे हो रहे हैं। इस ओर न तो एनएचएआई कोई ध्यान दे रहा है और न ही टोल टैक्स वसूलने वाली कंपनी।
हाईवे पर स्थित खेरेश्वर चौराहे से लेकर अलीगढ़-बुलंदशहर सीमा तक सड़क गड्ढ़ों में तब्दील हो चुकी हैं। एनएचएआई ने सड़कों पर पैचवर्क कर खानापूर्ति कर दी है। लेकिन भारी वाहनों के दबाव के कारण सड़क में फिर से गड्ढ़े उभर आए हैं। इन गड्ढों से बचने के प्रयास में वाहन एक-दूसरे वाहन से टकरा जाते हैं। इसके अलावा, खेरेश्वर चौराहे के बाद से भांकरी तक हाईवे पर अधिकांश लाइटें रात्रि में बंद रहती हैं। बीधानगर से चूहरपुर ओवरब्रिज और सोमना मोड़ तक हाईवे पर अंधेरा रहता है। यही हाल आगरा रोड पर मडराक टोल प्लाजा तक का है। सड़क में अनगिनत गड्ढ़े हादसों का सबब बने हुए हैं। संवाद
टूटी रेलिंग दे रही हादसों को दावत
हाईवे ओवरब्रिज (पैराई पुल) पर रेलिंग जगह-जगह टूटी है। इसके चलते पूर्व में भी यहां कई हादसे हो चुके हैं। फिर भी इस ओर ध्यान नहीं जा रहा है, जिससे हर समय यहां हादसों का खतरा रहता है। अतिव्यस्त रहने वाले नेशनल हाईवे-91 से दिन भर में सैकड़ों वीआईपी व प्रशासनिक अधिकारी गुजरते हैं। क्षेत्रीय लोग भी एनएचएआई से कई बार शिकायत कर चुके हैं। फिर भी रेलिंग को सही कराने व सड़क की जर्जर स्थिति में सुधार के लिए कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं।
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अवैध कट बन रहे हादसों का कारण
हाईवे पर होने वाले हादसों का कारण अवैध कट भी हैं। हाईवे पर महरावल पुल, भरतरी, पचपेड़ा मोड़, बीधानागर कट, चूहरपुर तिराहा, बरौली मोड़, दौरऊ मोड़, पहावटी मोड़ पर अवैध कट पिछले एक साल में 62 लोगों की जान ले चुके हैं।
वाहन चालक बोले ....
जिस हिसाब से हाईवे पर टोल टैक्स वसूला जाता है। उस हिसाब से एनएचएआई को वाहन चालकों व यात्रियों को सुविधाएं देने में सुधार करना चाहिए। - वीनेश कुमार सिंह, पैराई
हाईवे पर हादसों को रोकने के लिए अवैध कटों पर संबंधित विभाग को संकेतक या साइन बोर्ड लगाने चाहिए। जिससे इन हादसों को रोका जा सके। - जितेंद्र कुमार शर्मा, गभाना
गाजियाबाद-अलीगढ़ हाईवे पर गड्ढ़ों को भरवाने का काम लगातार चल रहा है। हाईवे पर बने अवैध कटों को चिन्हित करके उन्हें बंद कराने का अभियान चलाया जा रहा है। जिन जगहों पर हादसे बढ़ गए हैं, वहां पर भी उनकी वजह तलाश कर सुधार कराया जाएगा।
- पीपी सिंह, उप महाप्रबंधक, एनएचएआई।
जिले का हाल -
- सड़क हादसों में होने वाली मौतों के मामले में अलीगढ़ चौथे स्थान पर है।
- पिछले एक माह में हाईवे पर होने वाले हादसे में 18 लोगों की जान जा चुकी है।
- इस साल अब तक हादसों मेें 198 लोग गवां चुके हैं जान
जिले में हुए हादसों का विवरण
वर्ष, हादसे, मृतक, घायल
2019, 489, 391, 298
2020, 327, 232, 269
2021, 478, 422, 482
2022, 221, 198, 246
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अलीगढ़-गाजियाबाद हाईवे (राष्ट्रीय राजमार्ग 91) पर वाहन चालकों से टोल टैक्स तो भरपूर वसूला जा रहा है, लेकिन सुविधाएं कोसों दूर हैं। हाईवे की टूटी सड़क और गहरे गड्ढों से वाहन चालकों को परेशानी हो रही। दुर्घटना से बचने के लिए इंडिकेटर, फ्लैक्स, साइन बोर्ड तक नहीं लगे हैं, इसके चलते यहां हर रोज छोटे-बड़े सड़क हादसे हो रहे हैं। इस ओर न तो एनएचएआई कोई ध्यान दे रहा है और न ही टोल टैक्स वसूलने वाली कंपनी।
हाईवे पर स्थित खेरेश्वर चौराहे से लेकर अलीगढ़-बुलंदशहर सीमा तक सड़क गड्ढ़ों में तब्दील हो चुकी हैं। एनएचएआई ने सड़कों पर पैचवर्क कर खानापूर्ति कर दी है। लेकिन भारी वाहनों के दबाव के कारण सड़क में फिर से गड्ढ़े उभर आए हैं। इन गड्ढों से बचने के प्रयास में वाहन एक-दूसरे वाहन से टकरा जाते हैं। इसके अलावा, खेरेश्वर चौराहे के बाद से भांकरी तक हाईवे पर अधिकांश लाइटें रात्रि में बंद रहती हैं। बीधानगर से चूहरपुर ओवरब्रिज और सोमना मोड़ तक हाईवे पर अंधेरा रहता है। यही हाल आगरा रोड पर मडराक टोल प्लाजा तक का है। सड़क में अनगिनत गड्ढ़े हादसों का सबब बने हुए हैं। संवाद
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टूटी रेलिंग दे रही हादसों को दावत
हाईवे ओवरब्रिज (पैराई पुल) पर रेलिंग जगह-जगह टूटी है। इसके चलते पूर्व में भी यहां कई हादसे हो चुके हैं। फिर भी इस ओर ध्यान नहीं जा रहा है, जिससे हर समय यहां हादसों का खतरा रहता है। अतिव्यस्त रहने वाले नेशनल हाईवे-91 से दिन भर में सैकड़ों वीआईपी व प्रशासनिक अधिकारी गुजरते हैं। क्षेत्रीय लोग भी एनएचएआई से कई बार शिकायत कर चुके हैं। फिर भी रेलिंग को सही कराने व सड़क की जर्जर स्थिति में सुधार के लिए कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं।
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अवैध कट बन रहे हादसों का कारण
हाईवे पर होने वाले हादसों का कारण अवैध कट भी हैं। हाईवे पर महरावल पुल, भरतरी, पचपेड़ा मोड़, बीधानागर कट, चूहरपुर तिराहा, बरौली मोड़, दौरऊ मोड़, पहावटी मोड़ पर अवैध कट पिछले एक साल में 62 लोगों की जान ले चुके हैं।
वाहन चालक बोले ....
जिस हिसाब से हाईवे पर टोल टैक्स वसूला जाता है। उस हिसाब से एनएचएआई को वाहन चालकों व यात्रियों को सुविधाएं देने में सुधार करना चाहिए। - वीनेश कुमार सिंह, पैराई
हाईवे पर हादसों को रोकने के लिए अवैध कटों पर संबंधित विभाग को संकेतक या साइन बोर्ड लगाने चाहिए। जिससे इन हादसों को रोका जा सके। - जितेंद्र कुमार शर्मा, गभाना
गाजियाबाद-अलीगढ़ हाईवे पर गड्ढ़ों को भरवाने का काम लगातार चल रहा है। हाईवे पर बने अवैध कटों को चिन्हित करके उन्हें बंद कराने का अभियान चलाया जा रहा है। जिन जगहों पर हादसे बढ़ गए हैं, वहां पर भी उनकी वजह तलाश कर सुधार कराया जाएगा।
- पीपी सिंह, उप महाप्रबंधक, एनएचएआई।
जिले का हाल -
- सड़क हादसों में होने वाली मौतों के मामले में अलीगढ़ चौथे स्थान पर है।
- पिछले एक माह में हाईवे पर होने वाले हादसे में 18 लोगों की जान जा चुकी है।
- इस साल अब तक हादसों मेें 198 लोग गवां चुके हैं जान
जिले में हुए हादसों का विवरण
वर्ष, हादसे, मृतक, घायल
2019, 489, 391, 298
2020, 327, 232, 269
2021, 478, 422, 482
2022, 221, 198, 246

अलीगढ़ गाजियाबाद एक्सप्रेस वे पर हो रहे गड्ढे।- फोटो : CITY OFFICE

अलीगढ़ गाजियाबाद एक्सप्रेस वे पर हो रहे गड्ढे।- फोटो : CITY OFFICE