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खेरेश्वर में जल्द बनेगी तीसरी फल मंडी
अभिषेक शर्मा
Updated Tue, 11 Apr 2017 02:32 AM IST
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धनीपुर, सारसौल के बाद अब खेरेश्वर बाईपास इलाके में तीसरी फल मंडी स्थापित होने जा रही है। इसे धनीपुर की उपमंडी के रूप में मंडी परिषद द्वारा ही चलाया जाएगा। इसके लिए फिलहाल किराये पर जमीन तलाशी जा रही है और अगले पांच साल में मंडी परिषद यहां जमीन खरीदकर नई मंडी का निर्माण करा देगा।
खास बात है कि यह निर्णय सारसौल फल मंडी में दुकानदारों के सिंडीकेट को तोड़ने के लिए लिया गया है। इस सिंडीकेट के संबंध में मुख्यमंत्री तक से ट्विटर के जरिये शिकायत की गई है।
कृषि मंडी परिषद द्वारा धनीपुर में गल्ला, सब्जी व फल मंडी संचालित है।
इसके अलावा करीब तीन दशक से कुछ दुकानदारों द्वारा सारसौल पर निजी जमीन में फल मंडी चलाई जा रही है। इन दुकानदारों ने बाकायदा जमीन खरीदकर आढ़त के लाइसेंस लिए हैं और वह फल की आढ़त चलाते हैं। चूंकि उनकी जमीन निजी है, इसलिए वह किसी अन्य को वहां घुसने तक नहीं देते।
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धनीपुर में पहले से दुकानें खाली नहीं हैं। इसे लेकर जब शिकायत हुई तो कृषि मंडी परिषद अधिकारियों ने तय किया कि गोंडा रोड, खैर रोड, इगलास रोड के व्यापारियों को जोड़ते हुए खेरेश्वर पर एक उपमंडी स्थापित कराई जाए। इसके लिए फिलहाल किराये पर जमीन तलाशी जा रही है।
शिकायत पर हरकत में पुलिस
इस गोरखधंधे की सीएम से लेकर एसएसपी तक से ट्विटर के जरिये शिकायत हुई है। इस शिकायत के बाद सीओ द्वितीय ने जांच शुरू कर दी है।
ट्विटर पर शिकायत करते हुए भाजपा युवा मोर्चा नेता योगेश वार्ष्णेय ने कहा है कि सारसौल पर करीब 27 साल से 36 लोगों ने जमीन का बैनामा कराकर पहले कच्ची और अब पक्की दुकानें बनवाकर मंडी संचालित कर रखी है। कुछ के पास लाइसेंस हैं और कुछ बिना लाइसेंस के यहां धंधा कर रहे हैं।
इसमें मंडी परिषद की साठगांठ है। जब भी इन 36 के अलावा कोई व्यापारी वहां काम करना चाहता है तो उसे जगह न होने की बात कहकर चलता कर दिया जाता है। कुछ को डरा धमकाकर भगा दिया जाता है। यहां दो मंडी निरीक्षक जाते हैं और धनीपुर मंडी परिषद की पक्की रसीद सारसौल में काटते हैं।
10 गाड़ियों में माल आता है और 2 की रसीद कटती है। अब एसएसपी के एकाउंट पर ही जवाब दिया गया है कि सीओ द्वितीय को जांच सौंपी गई है। उनकी जांच रिपोर्ट पर आगे कार्रवाई की जाएगी।
सारसौल में जो फल विक्रेताओं ने मंडी बना रखी है, उसमें वे जगह न होने की बात कहते हैं। हालांकि वे लाइसेंस लेकर आढ़त चला रहे हैं। मंडी शुल्क भी देते हैं। फिर भी हम नई उपमंडी खेरेश्वर पर बनाने जा रहे हैं। उसमें उन लोगों को जगह देंगे, जो धनीपुर व सारसौल में जगह न मिलने से परेशान हैं। फिलहाल यह किराये पर चलेगी। बाद में जगह खरीदकर निर्माण कराया जाएगा।
- बिजेंद्र सिंह, सचिव कृषि मंडी परिषद धनीपुर
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खास बात है कि यह निर्णय सारसौल फल मंडी में दुकानदारों के सिंडीकेट को तोड़ने के लिए लिया गया है। इस सिंडीकेट के संबंध में मुख्यमंत्री तक से ट्विटर के जरिये शिकायत की गई है।
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कृषि मंडी परिषद द्वारा धनीपुर में गल्ला, सब्जी व फल मंडी संचालित है।
इसके अलावा करीब तीन दशक से कुछ दुकानदारों द्वारा सारसौल पर निजी जमीन में फल मंडी चलाई जा रही है। इन दुकानदारों ने बाकायदा जमीन खरीदकर आढ़त के लाइसेंस लिए हैं और वह फल की आढ़त चलाते हैं। चूंकि उनकी जमीन निजी है, इसलिए वह किसी अन्य को वहां घुसने तक नहीं देते।
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धनीपुर में पहले से दुकानें खाली नहीं हैं। इसे लेकर जब शिकायत हुई तो कृषि मंडी परिषद अधिकारियों ने तय किया कि गोंडा रोड, खैर रोड, इगलास रोड के व्यापारियों को जोड़ते हुए खेरेश्वर पर एक उपमंडी स्थापित कराई जाए। इसके लिए फिलहाल किराये पर जमीन तलाशी जा रही है।
शिकायत पर हरकत में पुलिस
इस गोरखधंधे की सीएम से लेकर एसएसपी तक से ट्विटर के जरिये शिकायत हुई है। इस शिकायत के बाद सीओ द्वितीय ने जांच शुरू कर दी है।
ट्विटर पर शिकायत करते हुए भाजपा युवा मोर्चा नेता योगेश वार्ष्णेय ने कहा है कि सारसौल पर करीब 27 साल से 36 लोगों ने जमीन का बैनामा कराकर पहले कच्ची और अब पक्की दुकानें बनवाकर मंडी संचालित कर रखी है। कुछ के पास लाइसेंस हैं और कुछ बिना लाइसेंस के यहां धंधा कर रहे हैं।
इसमें मंडी परिषद की साठगांठ है। जब भी इन 36 के अलावा कोई व्यापारी वहां काम करना चाहता है तो उसे जगह न होने की बात कहकर चलता कर दिया जाता है। कुछ को डरा धमकाकर भगा दिया जाता है। यहां दो मंडी निरीक्षक जाते हैं और धनीपुर मंडी परिषद की पक्की रसीद सारसौल में काटते हैं।
10 गाड़ियों में माल आता है और 2 की रसीद कटती है। अब एसएसपी के एकाउंट पर ही जवाब दिया गया है कि सीओ द्वितीय को जांच सौंपी गई है। उनकी जांच रिपोर्ट पर आगे कार्रवाई की जाएगी।
सारसौल में जो फल विक्रेताओं ने मंडी बना रखी है, उसमें वे जगह न होने की बात कहते हैं। हालांकि वे लाइसेंस लेकर आढ़त चला रहे हैं। मंडी शुल्क भी देते हैं। फिर भी हम नई उपमंडी खेरेश्वर पर बनाने जा रहे हैं। उसमें उन लोगों को जगह देंगे, जो धनीपुर व सारसौल में जगह न मिलने से परेशान हैं। फिलहाल यह किराये पर चलेगी। बाद में जगह खरीदकर निर्माण कराया जाएगा।
- बिजेंद्र सिंह, सचिव कृषि मंडी परिषद धनीपुर