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अलीगढ़ः गांव दतावली पहुंची विशेषज्ञों की टीम, डेंगू से नहीं हुई लोगों की मौत
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लार्वा की जांच करते चिकित्सक।
- फोटो : CITY OFFICE
गंगीरी के दतावली गांव में बुखार से आठ लोगों की मौत की सूचना के बाद स्वास्थ्य विभाग के विशेषज्ञों की टीम गांव में जांच करने पहुंची। विभाग का दावा है कि डेंगू से किसी की मौत नहीं हुई है। सरसरी जांच में तीन बच्चों सहित पांच की मौत का कारण तीव्र ज्वर बताया गया है।
मंडलीय सर्विलांस अधिकारी डॉ. देवेंद्र कुमार, पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट डॉ. रोहित गोयल, ईपीडिमियोलोजिस्ट डॉ. शोएब एवं जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. राहुल कुलश्रेष्ठ ने घर-घर जाकर बुखार से हुई मृत्यु का सत्यापन किया। जांच टीम का कहना है कि भूदेवी पत्नी विष्णु शर्मा (80 वर्ष) की मृत्यु स्वाभाविक एवं वृद्धावस्था के कारण हुई है। गर्विता उर्फ जैमी पुत्री राजवीर (8 वर्ष) की मृत्यु का कारण डिपथिरिया था। शाइस्ता पत्नी शाकिर (38 वर्ष) की मृत्यु का कारण ओवेसिटी के साथ डायबिटीज एवं मल्टीपिल आर्गन डिस्फंक्शन है। विशाल पुत्र नेत्रपाल (14 वर्ष), राखी पुत्री राम अवतार (11 वर्ष), प्रीति पुत्री महीपाल सिंह (18 वर्ष), अजय कुमार पुत्र राकेश पाल (23 वर्ष), विनोद पुत्र रामपाल (36 वर्ष) की मृत्यु का कारण एक्यूट फेब्राईल इलनेश है। जांच टीम का कहना है कि कोई भी मृत्यु डेंगू से नहीं हुई है।
शहर से देहात तक बुखार का प्रकोप
शहर से लेकर गांवों तक में बुखार का प्रकोप है। अकराबाद थाना क्षेत्र के सीहोर में बुखार से तीन लोगों की मौत हुई थी। गांव में काफी लोग बुखार की चपेट में आए थे। अब गांव दतावली एवं मढ़ौली में कई लोगों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी सफाई दे रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी डेंगू की पुष्टि एलाइजा टेस्ट के बाद ही करते हैं। हालात यह है कि 24 घंटे में जिला अस्पताल में मुश्किल से 92 और किसी-किसी दिन 180 लोगों की जांच हो पाती है। जांच की पॉजिटिव रिपोर्ट को स्वास्थ्य विभाग स्वीकार नहीं करता है। कुछ चिकित्सक ही विभाग के रवैये से संतुष्ट नहीं हैं। सीएमओ डॉ. आनंद उपाध्याय का कहना है कि हम अधिक से अधिक एलाइजा टेस्ट की कोशिश कर रहे हैं। सीएचसी एवं पीएचसी से नमूने मंगाकर जांच किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा निरोधात्मक कार्रवाई युद्धस्तर पर जारी है।
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मंडलीय सर्विलांस अधिकारी डॉ. देवेंद्र कुमार, पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट डॉ. रोहित गोयल, ईपीडिमियोलोजिस्ट डॉ. शोएब एवं जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. राहुल कुलश्रेष्ठ ने घर-घर जाकर बुखार से हुई मृत्यु का सत्यापन किया। जांच टीम का कहना है कि भूदेवी पत्नी विष्णु शर्मा (80 वर्ष) की मृत्यु स्वाभाविक एवं वृद्धावस्था के कारण हुई है। गर्विता उर्फ जैमी पुत्री राजवीर (8 वर्ष) की मृत्यु का कारण डिपथिरिया था। शाइस्ता पत्नी शाकिर (38 वर्ष) की मृत्यु का कारण ओवेसिटी के साथ डायबिटीज एवं मल्टीपिल आर्गन डिस्फंक्शन है। विशाल पुत्र नेत्रपाल (14 वर्ष), राखी पुत्री राम अवतार (11 वर्ष), प्रीति पुत्री महीपाल सिंह (18 वर्ष), अजय कुमार पुत्र राकेश पाल (23 वर्ष), विनोद पुत्र रामपाल (36 वर्ष) की मृत्यु का कारण एक्यूट फेब्राईल इलनेश है। जांच टीम का कहना है कि कोई भी मृत्यु डेंगू से नहीं हुई है।
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शहर से देहात तक बुखार का प्रकोप
शहर से लेकर गांवों तक में बुखार का प्रकोप है। अकराबाद थाना क्षेत्र के सीहोर में बुखार से तीन लोगों की मौत हुई थी। गांव में काफी लोग बुखार की चपेट में आए थे। अब गांव दतावली एवं मढ़ौली में कई लोगों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी सफाई दे रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी डेंगू की पुष्टि एलाइजा टेस्ट के बाद ही करते हैं। हालात यह है कि 24 घंटे में जिला अस्पताल में मुश्किल से 92 और किसी-किसी दिन 180 लोगों की जांच हो पाती है। जांच की पॉजिटिव रिपोर्ट को स्वास्थ्य विभाग स्वीकार नहीं करता है। कुछ चिकित्सक ही विभाग के रवैये से संतुष्ट नहीं हैं। सीएमओ डॉ. आनंद उपाध्याय का कहना है कि हम अधिक से अधिक एलाइजा टेस्ट की कोशिश कर रहे हैं। सीएचसी एवं पीएचसी से नमूने मंगाकर जांच किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा निरोधात्मक कार्रवाई युद्धस्तर पर जारी है।
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