{"_id":"57e198664f1c1be555a82591","slug":"the-student-leader-also-threatened-suicide","type":"story","status":"publish","title_hn":"छात्र नेता ने दी आत्महत्या की धमकी ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छात्र नेता ने दी आत्महत्या की धमकी
अमर उजाला, अलीगढ़
Updated Wed, 21 Sep 2016 02:02 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
सोशल मीडिया पर एक छात्र नेता अमित गोस्वामी के सुसाइड नोट को लेकर मंगलवार को चर्चा रही। इस सुसइड नोट में अमित गोस्वामी ने कहा है कि सीएम कार्यालय, आवास, प्रधानमंत्री कार्यालय, आवास पर कभी भी मौत को गले लगा सकता हूं।
पत्र में उसने कहा है कि डीएस कॉलेज में उसने पिछले साल एलएलबी तृतीय वर्ष की परीक्षा दी। पढ़ाई के साथ-साथ वह चार वर्ष से छात्रों की समस्याओं को भी उठाता रहा है। 27 मई को वह अपने साथियों के साथ प्राचार्य से मिलने गया और वहां दलित छात्रों की छात्रवृत्ति का मामला उठाया तो उसके और उसके साथियों के साथ गाली गलौज की गई और धक्का मारकर बाहर निकाल दिया गया। बाद में तत्कालीन गांधी पार्क थाना प्रभारी भी मौके पर आए। पुलिस ने भी उल्टे उसके और उसके साथियों पर ही मुकदमा कायम कर दिया।
प्राचार्य ने उसे और उसके साथियों को अनिश्चितकाल के लिए निष्कासित कर दिया। गोस्वामी ने कहा कि वह सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कार्रवाई की मांग करता रहा लेकिन किसी ने उसकी नहीं सुनी। वह डीएम और अन्य अधिकारियों से भी मिला लेकिन कुछ नहीं हुआ। इसीलिए अब उसने अपनी जिंदगी को खत्म करने का मन बना लिया है।
विज्ञापन
उसने कहा है कि उसकी आत्महत्या के लिए जिम्मेदार डीएस कॉलेज की प्राचार्या डॉ. अंजना बंसल, चीफ प्राक्टर डॉ. पीके शर्मा, शिक्षक वाईपी सिंह, निर्मल सेंगर व प्रबंध समिति के सचिव राजीव अग्रवाल होंगे।
उसने इस नोट में यह भी लिखा है कि उसकी मृत्यु के पश्चात उसके परिजनों और रिश्तेदारों को परेशान नहीं किया जाए। दूसरी ओर थाना गांधी पार्क के प्रभारी बीआर दीक्षित ने कहा है कि अमित गोस्वामी पहले से ही निषेधाज्ञा में पाबंद है। इस मामले कोई जानकारी नहीं है लेकिन हां चर्चा सुनने में आयी है। पुलिस आवश्यक कार्रवाई करेगी।
‘अमित गोस्वामी द्वारा लगाए गए सारे आरोप झूठे हैं। इस पत्र के बारे में पता चला है। इसकी जानकारी प्रशासन को दी जाएगी’
- डॉ. अंजना बंसल, प्रिंसिपल डीएस कॉलेज
पत्र में उसने कहा है कि डीएस कॉलेज में उसने पिछले साल एलएलबी तृतीय वर्ष की परीक्षा दी। पढ़ाई के साथ-साथ वह चार वर्ष से छात्रों की समस्याओं को भी उठाता रहा है। 27 मई को वह अपने साथियों के साथ प्राचार्य से मिलने गया और वहां दलित छात्रों की छात्रवृत्ति का मामला उठाया तो उसके और उसके साथियों के साथ गाली गलौज की गई और धक्का मारकर बाहर निकाल दिया गया। बाद में तत्कालीन गांधी पार्क थाना प्रभारी भी मौके पर आए। पुलिस ने भी उल्टे उसके और उसके साथियों पर ही मुकदमा कायम कर दिया।
विज्ञापन
प्राचार्य ने उसे और उसके साथियों को अनिश्चितकाल के लिए निष्कासित कर दिया। गोस्वामी ने कहा कि वह सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कार्रवाई की मांग करता रहा लेकिन किसी ने उसकी नहीं सुनी। वह डीएम और अन्य अधिकारियों से भी मिला लेकिन कुछ नहीं हुआ। इसीलिए अब उसने अपनी जिंदगी को खत्म करने का मन बना लिया है।
विज्ञापन
उसने कहा है कि उसकी आत्महत्या के लिए जिम्मेदार डीएस कॉलेज की प्राचार्या डॉ. अंजना बंसल, चीफ प्राक्टर डॉ. पीके शर्मा, शिक्षक वाईपी सिंह, निर्मल सेंगर व प्रबंध समिति के सचिव राजीव अग्रवाल होंगे।
उसने इस नोट में यह भी लिखा है कि उसकी मृत्यु के पश्चात उसके परिजनों और रिश्तेदारों को परेशान नहीं किया जाए। दूसरी ओर थाना गांधी पार्क के प्रभारी बीआर दीक्षित ने कहा है कि अमित गोस्वामी पहले से ही निषेधाज्ञा में पाबंद है। इस मामले कोई जानकारी नहीं है लेकिन हां चर्चा सुनने में आयी है। पुलिस आवश्यक कार्रवाई करेगी।
‘अमित गोस्वामी द्वारा लगाए गए सारे आरोप झूठे हैं। इस पत्र के बारे में पता चला है। इसकी जानकारी प्रशासन को दी जाएगी’
- डॉ. अंजना बंसल, प्रिंसिपल डीएस कॉलेज