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Aligarh News: एडीए के जर्जर आवासों की संरचना जांच होगी
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दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में भवन गिरने से सात लोगों की मौत हो चुकी है। इस घटना के बाद अलीगढ़ विकास प्राधिकरण भी चौकन्ना हो गया है। प्राधिकरण अपनी अलग-अलग योजनाओं में बनाए गए भवनों की संरचनात्मक जांच कराएगा। इसके लिए सहायक अभियंता एवं अवर अभियंता की टीम गठित की गई है। बरौला जाफराबाद में ऐसे 46 जर्जर भवनों को चिह्नित किया गया है, जिन्हें तोड़कर दोबारा बनाया जाएगा।
प्राधिकरण ने अपनी विभिन्न आवासीय कॉलोनियों में जर्जर भवनों की स्थिति का संज्ञान लिया है। प्राधिकरण के सचिव राहुल विश्वकर्मा ने बताया कि विभिन्न योजनाओं में एडीए द्वारा बनवाए गए भवनों की संरचनात्मक जांच कराई जाएगी। भवनों की वास्तविक स्थिति का तकनीकी आकलन कराने के लिए सहायक अभियंता एवं अवर अभियंता की टीम गठित की गई है। यह टीम स्थलीय निरीक्षण करेगी।
जिसमें भवनों की संरचनात्मक स्थिति, जर्जरता की गंभीरता तथा निवासियों की सुरक्षा से जुड़े पहलुओं का विस्तृत परीक्षण किया जाएगा। तकनीकी आकलन के आधार पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, ताकि किसी भी संभावित जोखिम को समय रहते दूर किया जा सके।
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पुनर्विकास नीति के तहत होगा निर्माण कार्य
सचिव ने बताया कि जर्जर भवनों के स्थायी समाधान के लिए उत्तर प्रदेश शहरी पुनर्विकास नीति-2026 के प्रावधानों के अनुरूप कार्रवाई की जाएगी। तकनीकी परीक्षण के बाद निर्धारित मानकों के अनुसार भवनों को पुनर्विकास योजना में शामिल करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
पुनर्विकास की स्थिति में नियमानुसार संबंधित सोसायटी/आवंटियों की दो-तिहाई सहमति प्राप्त की जाएगी। इसके बाद पीपीपी मॉडल अथवा प्राधिकरण स्तर से विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कराकर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। आधुनिक सुविधाओं के अनुरूप आवासीय क्षेत्रों को दुरुस्त किया जाएगा।
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प्राधिकरण ने अपनी विभिन्न आवासीय कॉलोनियों में जर्जर भवनों की स्थिति का संज्ञान लिया है। प्राधिकरण के सचिव राहुल विश्वकर्मा ने बताया कि विभिन्न योजनाओं में एडीए द्वारा बनवाए गए भवनों की संरचनात्मक जांच कराई जाएगी। भवनों की वास्तविक स्थिति का तकनीकी आकलन कराने के लिए सहायक अभियंता एवं अवर अभियंता की टीम गठित की गई है। यह टीम स्थलीय निरीक्षण करेगी।
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जिसमें भवनों की संरचनात्मक स्थिति, जर्जरता की गंभीरता तथा निवासियों की सुरक्षा से जुड़े पहलुओं का विस्तृत परीक्षण किया जाएगा। तकनीकी आकलन के आधार पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, ताकि किसी भी संभावित जोखिम को समय रहते दूर किया जा सके।
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पुनर्विकास नीति के तहत होगा निर्माण कार्य
सचिव ने बताया कि जर्जर भवनों के स्थायी समाधान के लिए उत्तर प्रदेश शहरी पुनर्विकास नीति-2026 के प्रावधानों के अनुरूप कार्रवाई की जाएगी। तकनीकी परीक्षण के बाद निर्धारित मानकों के अनुसार भवनों को पुनर्विकास योजना में शामिल करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
पुनर्विकास की स्थिति में नियमानुसार संबंधित सोसायटी/आवंटियों की दो-तिहाई सहमति प्राप्त की जाएगी। इसके बाद पीपीपी मॉडल अथवा प्राधिकरण स्तर से विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कराकर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। आधुनिक सुविधाओं के अनुरूप आवासीय क्षेत्रों को दुरुस्त किया जाएगा।