Aligarh: आतिशबाजी का प्रदूषण नहीं हुआ कम और जहरीली हुई हवा, लोगों को हो रही परेशानी
पिछले तीन दिन से शहर और आसपास के इलाकों में आसमान में धुंध छाने लगी है। इससे आंखों में जलन के साथ ही गले में खराश होने की शिकायत हो रही है। शुक्रवार को बड़ी संख्या में मरीज जिला मलखान सिंह अस्पताल एवं पंडित दीनदयाल चिकित्सालय में 3371 मरीज पहुंचे।
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दीपावली के त्योहार पर हुई आतिशबाजी से शहर में प्रदूषण का स्तर बेहद घातक स्थिति में जा पहुंचा है। आतिशबाजी का खतरनाक धुआं अब असर दिखाने लगा है। सांस, हृदय रोगियों के साथ ही गर्भ में पल रहे शिशुओं की सेहत के लिए भी यह वातावरण नुकसानदायक है। हवा की रफ्तार घटते ही एक्यूआई का स्तर आगामी एक सप्ताह के अंदर बढ़ने की आशंका व्यक्त की जा रही है।
आलम यह है कि पिछले तीन दिन से शहर और आसपास के इलाकों में आसमान में धुंध छाने लगी है। इससे आंखों में जलन के साथ ही गले में खराश होने की शिकायत हो रही है। शुक्रवार को बड़ी संख्या में मरीज जिला मलखान सिंह अस्पताल एवं पंडित दीनदयाल चिकित्सालय में 3371 मरीज पहुंचे। चिकित्सकों के अनुसार इनमें से 20 फीसदी से अधिक लोग आंखों में जलन, सांस और हृदय रोग की समस्या से पीड़ित थे। दीनदयाल अस्पताल में मरीजों को मास्क पहनकर आना अनिवार्य कर दिया गया है।
अधिकांश लोगों को मुंह पर मास्क, रूमाल और कपड़ा बांधे हुए देखा गया। आंखों में जलन को लेकर नेत्र चिकित्सकों के पास भी मरीजों की संख्या बढ़ गई है। जिला मलखान सिंह अस्पताल की ओपीडी में 1863 मरीज पहुंचे तो दीनदयाल चिकित्सालय में 1509 मरीज पहुंचे थे। डॉ. संजय सिंघल के अनुसार 130 मरीजों में से 20 फीसदी से अधिक मरीज अस्थमा, सांस लेने में दिक्कत को लेकर पहुंचे थे।
प्रदूषण विशेषज्ञों की मानें तो हवा का प्रवाह थमते ही वातावरण में प्रदूषण का स्तर बढ़ गया है। इससे आंखों में जलन और गले में खराश की समस्या बन गई है। दिवाली के बाद हर साल जिले की हवा का स्वास्थ्य बिगड़ जाता है। सोमवार को दिवाली में खूब आतिशबाजी की गई। सरकार और सुप्रीम कोर्ट की तमाम पाबंदी के बावजूद प्रदूषण फैलाने वाले पटाखे जलाए गए। गंधक, पोटाश के मिश्रण से भी आतिशबाजी हुई। रातभर तेज हवा चलने के कारण प्रदूषण का स्तर वातावरण में नहीं बढ़ा। बुधवार सुबह हवा का प्रवाह कम हुआ तो प्रदूषण ने पूरे शहर को धुंध के रूप में घेर लिया। बृहस्पतिवार एवं शुक्रवार को प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ा रहा।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. जेपी सिंह ने बताया कि हवा का प्रवाह कम रहा तो आने वाले दिनों में प्रदूषण का स्तर और बढ़ जाएगा। उन्होंने बताया कि एयर क्वालिटी इंडेक्स का सामान्य मापक 100 माइक्रो ग्राम प्रति क्यूबिक है। इसके बढ़ने पर वायु प्रदूषण का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने बताया कि शहर के आवासीय क्षेत्र ज्ञान सरोवर, एएमयू समेत कई स्थानों पर पीएम -10 को मापने के लिए मैन्युअल सैंपलर मशीन से सैंपल कराया जा रहा है और 31 अक्तूबर तक इसकी मॉनीटरिंग की जा रही है। उन्होंने बताया कि दीपावली पर प्रदूषण का स्तर 413 माइक्रो ग्राम पर मीटर क्यू था, जो बुधवार सुबह तक 364 माइक्रो ग्राम पर मीटर क्यू पर आ गया।
बृहस्पतिवार सुबह यह 308 माइक्रो ग्राम पर मीटर क्यू पर आ गया। दोपहर बाद फिर से बढ़ा और शुक्रवार सुबह यह 306 माइक्रो ग्राम पर मीटर क्यू पर आ पहुंचा है। इससे प्रदूषण का स्तर बेहद घातक स्तर पर है। आवासीय क्षेत्र में ध्वनि प्रदूषण 70 से 80 डेसीबल तक मापा गया है। एयर क्वालिटी इंडेक्स (आईक्यू) न्यूनतम से 43 माइक्रो ग्राम प्रति क्यूबिक पर पहुंचा है।
प्रदूषण का मानक
0-60- उत्तम हवा, सुरक्षित
69-99 - सामान्य
100-149- हल्का प्रदूषण, सांस के मरीजों के लिए सतर्कता जरूरी
150- 200- बेहद प्रदूषित हवा, सभी के लिए नुकसानदायक
201- 299 -हर किसी के स्वास्थ्य के लिए बेहद गंभीर
300 से ज्यादा- अधिक हानिकारक, हृदय, लंग्स और ब्रेन के लिए खतरनाक ,सांस और ह्दय रोगियों के लिए बेहद खतरा
प्रदूषण- अलीगढ़ महानगर
तारीख प्रदूषण (माइक्रो ग्राम पर मीटर क्यू में)
18 अक्तूबर 268
19 अक्तूबर 295
20 अक्तूबर 285
21 अक्तूबर 309
22 अक्तूबर 304
23 अक्तूबर 333
24 अक्तूबर 413
25 अक्तूबर 364
26 अक्तूबर 308
27 अक्तूबर 237