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अलीगढ़ः डॉ. विष्णु सक्सेना की कविता महाराष्ट्र के पाठ्यक्रम में शामिल
Fri, 28 Aug 2020 08:06 PM IST
राजेश सिंह
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
Published by: राजेश सिंह
Updated Fri, 28 Aug 2020 08:06 PM IST
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डॉ विष्णु सक्सेना
- फोटो : amar ujala
प्रसिद्ध गीतकार और सिकंदराराऊ के रहने वाले डॉ. विष्णु सक्सेना की कविता को महाराष्ट्र सरकार ने वहां के शासकीय विद्यालयों में पाठ्यक्रम में शामिल किया है। ‘एक दिन फूल से तितलियों ने कहा, कैसे रहते हो कुछ हर एक हाल में’ नामक यह कविता वहां के शासकीय विद्यालय में कक्षा 7 में पाठ्यक्रम में शामिल की गई है।
इस कविता में विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य न छोड़ देना और अपने माता पिता को सम्मान देने के लिए प्रेरित किया गया है। महाराष्ट्र में और खासतौर से मुंबई में उत्तर भारतीयों के साथ होने वाली घटनाओं को ध्यान में रखते हुए विशुद्ध हिंदी के गीतकार की कविता का वहां में पाठ्यक्रम में शामिल होना अच्छा संकेत माना जा रहा है।
डॉ विष्णु सक्सेना कहते हैं कि यह कविता ‘सब चढ़ा दो वहां’ शीर्षक से लिखी गई है। उन्होंने महाराष्ट्र के अलग-अलग शहरों में अपनी प्रस्तुति दी है। वहां उनके असंख्य प्रशंसक हैं। उन्होंने कहा कि इस कविता को लिखते समय उनके हृदय में एक बच्चे जैसी भावनाएं थीं। इस कविता को लिखने से पहले स्वयं से संवाद हुआ था। बड़ों के लिए तो बहुत लिखा है, आज बच्चों के लिए कुछ लिखना चाहिए।
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इस कविता में विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य न छोड़ देना और अपने माता पिता को सम्मान देने के लिए प्रेरित किया गया है। महाराष्ट्र में और खासतौर से मुंबई में उत्तर भारतीयों के साथ होने वाली घटनाओं को ध्यान में रखते हुए विशुद्ध हिंदी के गीतकार की कविता का वहां में पाठ्यक्रम में शामिल होना अच्छा संकेत माना जा रहा है।
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डॉ विष्णु सक्सेना कहते हैं कि यह कविता ‘सब चढ़ा दो वहां’ शीर्षक से लिखी गई है। उन्होंने महाराष्ट्र के अलग-अलग शहरों में अपनी प्रस्तुति दी है। वहां उनके असंख्य प्रशंसक हैं। उन्होंने कहा कि इस कविता को लिखते समय उनके हृदय में एक बच्चे जैसी भावनाएं थीं। इस कविता को लिखने से पहले स्वयं से संवाद हुआ था। बड़ों के लिए तो बहुत लिखा है, आज बच्चों के लिए कुछ लिखना चाहिए।
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