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धर्मांतरण प्रकरणः माली का परिवार बोला, हमें शासन-प्रशासन पर भरोसा

Sat, 26 Jun 2021 12:39 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 26 Jun 2021 12:39 AM IST
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The gardener's family said, we trust the administration
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के माली नवीन का धर्मांतरण कराए जाने के कथित दावे के बाद एएमयू परिसर में रह रहा नवीन का परिवार सहमा हुआ है। परिवार का सिर्फ इतना कहना है कि हमें सरकार पर पूरा भरोसा है। उन्होंने बातचीत करने से भी इंकार कर दिया।
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अमर उजाला की टीम शुक्रवार को जब नवीन के घर पर पहुंची तो बाहर सन्नाटा था। काफी देर तक दरवाजा खटखटाने के बाद एक व्यक्ति बाहर आए। एक कमरे के क्वार्टर में सात आठ लोग थे। कुछ रिश्तेदार थे। कमरे में दो महिलाएं थीं लेकिन दोनों का परिवेश और वेशभूषा गैर मुस्लिम की थी। इसके अलावा दो या तीन पुरुष थे और चार पांच बच्चे भी मौजूद थे। इनमें कौन नवीन था, यह पता नहीं लग पा रहा था।
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लेकिन जब इन लोगों को परिचय दिया तो उनमें से एक व्यक्ति खड़ा हुआ और कहा कि हम कुछ भी कह पाने में अभी सक्षम नहीं है। इसके बाद नवीन के परिवार ने कहा कि उन्हें शासन और प्रशासन पर पूरा भरोसा है। सच्चाई जरूर सामने आएगी। इस बीच दो-तीन बार कमरे का दरवाजा बंद करने का प्रयास किया गया।
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कमरे में मौजूद एक शख्स ने कहा कि आप अपना मोबाइल नंबर दे दीजिए। हमको जो भी बात कहनी होगी, आपसे संपर्क कर लेंगे। कमरे में मौजूद दो महिलाएं इस तरह देख रही थीं कि जैसे कब यह असहज स्थिति समाप्त हो और वह कमरे में सहजता के साथ बैठ सकें। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान छोटे-छोटे बच्चे अंदर से बाहर और बाहर से अंदर आते जाते रहे।
तीन दिन की छुट्टी पर गया नवीन
अलीगढ़। घर से निकलने के बाद टीम ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के लैंड एंड गार्डन विभाग की ओर रुख किया। यहां पर कुछ लोगों को पहले से ही नवीन के संबंध में हो रही चर्चा के विषय में अंदाजा था। एक व्यक्ति ने बताया कि इस मामले की चर्चा में आने के बाद वह तीन दिन से छुट्टी पर है। नवीन लैंड एंड गार्डन विभाग की नर्सरी वाली शाखा में काम करता है। यहां पर भी नवीन नाम से ही उसको पहचाना गया और इसी नाम से उसके संबंध में थोड़ी बहुत जानकारी दी गई। यह भी सामने आया कि वह मूल रूप से जलेसर का रहने वाला है।

पड़ोसियों ने नवीन नाम से ही पता बताया
अलीगढ़। 2017 में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में दिव्यांग और मूकबधिर कोटे से मालियों की भर्ती निकली थी। उसी दौरान नवीन की भी भर्ती हुई थी। तभी से वह यहां क्वार्टर में रह रहा है। पड़ोसियों ने पता नवीन नाम से ही बताया। इससे यह बात स्पष्ट है कि सभी लोग उसको नवीन नाम से ही जानते हैं। उसके नाम परिवर्तन किए जाने की बात गलत है। पड़ोस की एक महिला ने बताया कि नवीन वैसे तो बातचीत कर पाने या किसी को बात सुन पाने में सक्षम नहीं है। लेकिन मोबाइल पर मैसेज भेजा जाए तो वह मैसेज के माध्यम से अच्छी तरह संवाद कर लेता है। पड़ोस की इस महिला ने यह भी बताया कि नवीन की पत्नी को थोड़ा बहुत सुनाई देता है। दोनों पति-पत्नी मूक बधिर हैं।
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