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अपने ही बागवानों की बड़ी बगावत..
अमर उजाला ब्यूूराे
Updated Wed, 25 Jan 2017 02:32 AM IST
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अलीगढ़ में विस चुनाव से ठीक पहले अलग अलग पार्टियों में उनके ही बागवान की बगावत का दौर जारी है। नामांकन के आखिरी दिन तस्वीर कुछ कुछ साफ हो रही है। नाम वापसी के बाद 27 जनवरी को परिदृश्य काफी कुछ स्पष्ट हो जाएगा। भाजपा से टिकट मांग रहे चार नेताओं में से दो दूसरे दलों से तो दो निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में कूद गए हैं।
सपा से टिकट मांग रहे वर्तमान विधायक जमीरउल्लाह और पूर्व महानगर अध्यक्ष बाबा फरीद आजाद निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में तो पूर्व प्रत्याशी गुरविंदर सिंह कांग्रेस से इगलास विस क्षेत्र का टिकट ले आए हैं। रालोद छोड़ गए वर्तमान विधायक ठा.दलवीर सिंह भाजपा से बरौली से विस प्रत्याशी के रूप में पर्चा दाखिल किया है तो इसी पार्टी ने दो विधायकों भवगती प्रसाद सूर्यवंशी और त्रिलोकीराम दिवाकर का पत्ता साफ हो गया है।
ऊपर के घटनाक्रम बताते हैं कि भाजपा, सपा, बसपा और रालोद में कुल मिला 11 ऐसे बागी है जो टिकट नहीं मिलने पर दूसरे दलों में या निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में हैं। केवल कांग्रेस ही एक ऐसा दल है जिसका कोई नेता बागी नहीं है क्योंकि पार्टी ने आखिरी वक्त में विवेक बंसल को टिकट देकर बागवान को मना लिया है।
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भाजपा
1-भाजपा से टिकट नहीं मिलने पर हेमंत राजपूत ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में छर्रा विस क्षेत्र से नामांकन किया। उनके साथ पूर्व भाजपा विधायक डा. राम सिंह आर्य और हथकरघा आयोग के सदस्य अनिल शेखावत भी रहे, जिस विभाग की मुखिया हैं केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी।
2-भाजपा से टिकट नहीं मिलने पर केशव सिंह बघेल ने कांग्रेस से टिकट लिया, बरौली विस क्षेत्र से नामांकन किया, पिछली बार विस चुनाव 2012 में केशव को पूर्व सीएम कल्याण सिंह की पार्टी जेकेपी से 30540 वोट मिले थे।
3-भाजपा से टिकट मांग रहे जयप्रकाश लोधी ने कोल से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में पर्चा जमा किया।
4-भाजपा से बरौली विस क्षेत्र में टिकट मांग रहे नीरज शर्मा ने रालोद से बरौली का टिकट लेकर पर्चा दाखिल किया।
सपा
1-सपा में टिकट नहीं मिलने से खफा कोल विस क्षेत्र के विधायक जमीरउल्लाह ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन किया। मंगलवार को हजारों समर्थकों के साथ जुलूस निकाल कर जबरदस्त शक्ति प्रदर्शन किया।
2-विस चुनाव 2012 में खैर विस क्षेत्र से सपा के टिकट पर चुनाव लड़ने वाले गुरविंदर सिंह ने इस बार कांग्रेस से इगलास सीट का टिक ट लिया। नामांकन हुआ।
3-सपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष बाबा फरीद आजाद ने सपा से शहर सीट का टिकट मांगा था, नहीं मिलने पर निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन जमा किया।
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सपा से टिकट मांग रहे वर्तमान विधायक जमीरउल्लाह और पूर्व महानगर अध्यक्ष बाबा फरीद आजाद निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में तो पूर्व प्रत्याशी गुरविंदर सिंह कांग्रेस से इगलास विस क्षेत्र का टिकट ले आए हैं। रालोद छोड़ गए वर्तमान विधायक ठा.दलवीर सिंह भाजपा से बरौली से विस प्रत्याशी के रूप में पर्चा दाखिल किया है तो इसी पार्टी ने दो विधायकों भवगती प्रसाद सूर्यवंशी और त्रिलोकीराम दिवाकर का पत्ता साफ हो गया है।
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ऊपर के घटनाक्रम बताते हैं कि भाजपा, सपा, बसपा और रालोद में कुल मिला 11 ऐसे बागी है जो टिकट नहीं मिलने पर दूसरे दलों में या निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में हैं। केवल कांग्रेस ही एक ऐसा दल है जिसका कोई नेता बागी नहीं है क्योंकि पार्टी ने आखिरी वक्त में विवेक बंसल को टिकट देकर बागवान को मना लिया है।
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भाजपा
1-भाजपा से टिकट नहीं मिलने पर हेमंत राजपूत ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में छर्रा विस क्षेत्र से नामांकन किया। उनके साथ पूर्व भाजपा विधायक डा. राम सिंह आर्य और हथकरघा आयोग के सदस्य अनिल शेखावत भी रहे, जिस विभाग की मुखिया हैं केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी।
2-भाजपा से टिकट नहीं मिलने पर केशव सिंह बघेल ने कांग्रेस से टिकट लिया, बरौली विस क्षेत्र से नामांकन किया, पिछली बार विस चुनाव 2012 में केशव को पूर्व सीएम कल्याण सिंह की पार्टी जेकेपी से 30540 वोट मिले थे।
3-भाजपा से टिकट मांग रहे जयप्रकाश लोधी ने कोल से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में पर्चा जमा किया।
4-भाजपा से बरौली विस क्षेत्र में टिकट मांग रहे नीरज शर्मा ने रालोद से बरौली का टिकट लेकर पर्चा दाखिल किया।
सपा
1-सपा में टिकट नहीं मिलने से खफा कोल विस क्षेत्र के विधायक जमीरउल्लाह ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन किया। मंगलवार को हजारों समर्थकों के साथ जुलूस निकाल कर जबरदस्त शक्ति प्रदर्शन किया।
2-विस चुनाव 2012 में खैर विस क्षेत्र से सपा के टिकट पर चुनाव लड़ने वाले गुरविंदर सिंह ने इस बार कांग्रेस से इगलास सीट का टिक ट लिया। नामांकन हुआ।
3-सपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष बाबा फरीद आजाद ने सपा से शहर सीट का टिकट मांगा था, नहीं मिलने पर निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन जमा किया।