दरोगा भर्ती: अलीगढ़ में 21 केंद्रों पर चल रही परीक्षा, 15 जगहों पर दबिश, 12 संदिग्ध लिए हिरासत में
दरोगा भर्ती परीक्षा से पहले सॉल्वर गैंग के दो सदस्य पकड़े जाने के बाद एसटीएफ और पुलिस की संयुक्त टीमों ने जिले भर में 15 स्थानों पर दबिश दी। इस दौरान गोंडा, इगलास, टप्पल व पिसावा थाना क्षेत्रों से 12 और संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
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अलीगढ़ शहर के 21 परीक्षा केंद्रों पर 14 और 15 मार्च को पुलिस उपनिरीक्षक (दरोगा) भर्ती की लिखित परीक्षा चार पालियों में हो रही है। इसमें करीब 37 हजार अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं। प्रत्येक पाली में 9300 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। दिल्ली, खुर्जा, आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, एटा, कासगंज, हाथरस समेत आठ जिलों के अभ्यर्थी इसमें शामिल हो रहे हैं।
गहन जांच के बाद ही अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश दिया गया। प्रवेश पत्र के साथ वैध पहचान पत्र दिखाना अनिवार्य है। किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध है। रेलवे स्टेशन व बस स्टैंड पर हेल्प डेस्क बनाई गई है।
एसपी अपराध / नोडल अधिकारी परीक्षा ममता कुरील ने बताया कि परीक्षा को नकलविहीन, शांतिपूर्ण एवं निष्पक्षता से संपन्न कराने के लिए तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस की तैनाती होगी। सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जाएगी। परीक्षा केंद्रों के आसपास संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए भी पुलिस टीमों को लगाया गया है। अभ्यर्थियों को निर्धारित समय से पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं।
दौड़ेगी स्पेशल ट्रेन, बसों की संख्या बढ़ेगी
उत्तर मध्य रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी अमित कुमार सिंह ने बताया कि अभ्यर्थियों की भीड़ को देखते हुए स्पेशल ट्रेन का संचालन कराया जाएगा। गाड़ी संख्या 54424/54423 दिल्ली-हिसार अलीगढ़ तक आएगी। इसके अलावा प्रयागराज, कानपुर सेंट्रल, अलीगढ़ एवं इटावा स्टेशनों पर रिजर्व कोच रखे गए हैं, जिन्हें परीक्षार्थियों की आवश्यकता के अनुसार विभिन्न दिशाओं में चलने वाली ट्रेनों से जोड़ दिया जाएगा। मेमू ट्रेनों को आगे के स्टेशनों तक विस्तारित किया जाएगा। इधर, रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक सत्येंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि अभ्यर्थियों के लिए अतिरिक्त बसों का संचालन कराया जाएगा।
दरोगा भर्ती परीक्षा से पहले जिले में 15 स्थानों पर दबिश, 12 संदिग्ध हिरासत में
दरोगा भर्ती परीक्षा से पहले सॉल्वर गैंग के दो सदस्य पकड़े जाने के बाद एसटीएफ और पुलिस की संयुक्त टीमों ने जिले भर में 15 स्थानों पर दबिश दी। इस दौरान गोंडा, इगलास, टप्पल व पिसावा थाना क्षेत्रों से 12 और संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। ये सभी जो पूर्व में हुई परीक्षाओं में नकल कराने में पकड़े गए थे।
शहर में दो दिन होने वाली पुलिस दरोगा भर्ती परीक्षा को नकल विहीन संपन्न कराने के लिए एसटीएफ, सर्विलांस और स्थानीय पुलिस ने शुक्रवार को कार्रवाई की। एसपी क्राइम व परीक्षा की नोडल अधिकारी ममता कुरील ने बताया कि पुलिस भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक व सॉल्वरों को लेकर अलीगढ़ खासा बदनाम है। हर परीक्षा में कोई न कोई गैंग यहां से जुड़ा निकलता रहा है। इसलिए एसटीएफ को यहां पहले से सक्रिय रखा गया है। पुलिस टीमें सर्विलांस टीम की मदद से सॉल्वर गैंग द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाली इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और संदिग्ध कॉल्स को ट्रैक कर रही है, जिससे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के उपयोग पर रोक और संदिग्धों के डेटाबेस का उपयोग कर धांधली को रोका जा सके। सक्रिय खुफिया जानकारी के बाद पूर्व में पकड़े गए गिरोह के सदस्यों के नए ठिकानों पर नजर रखी जा रही है। इसमें डाटाबेस का इस्तेमाल कर पुराने रिकॉर्ड के आधार पर सक्रिय दलालों और सॉल्वरों की पहचान कर उन्हें पहले ही पकड़ा जा रहा है।
हंगामा होता देख एसटीएफ ने बुलाई टप्पल पुलिस
एसटीएफ की टीम ने छज्जूपुर से ललित और इतवारपुर से हरकेश को पकड़ा तो ग्रामीणों ने विरोध करना शुरू कर दिया। टीम जैसे ही टीम दोनों को लेकर चलने लगी परिजन पुलिस की गाड़ी के आगे लेट गए। बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए। इसके बाद एसटीएफ ने टप्पल पुलिस को बुला लिया।
पुलिस के अनुसार हरकेश का बहनोई दिल्ली पुलिस में है और वह भी गांव में आया हुआ था। वह भी पुलिस कार्रवाई का विरोध करने लगा। बाद में जब उसे सॉल्वर गैंग से जुड़ा मामला होने की जानकारी हुई तो वह पीछे हट गया। टप्पल पुलिस की मदद से दोनों को थाने लाया गया। यहां सीओ खैर संजीव कुमार तोमर, एसपी ट्रैफिक प्रवीन कुमार, प्रशिक्षु आईपीएस सम्यक चौधरी आदि ने कड़ी पूछताछ की तो सच्चाई सामने आ गई। पुलिस टीम अभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है कि परीक्षा का पेपर कहां से लीक होना था और किन- किन लोगों को उपलब्ध कराना था, कितने में साैदा तय हुआ था और इस गैंग के तार कहां- कहां तक जुड़े हुए हैं ? यह विस्तृत पूछताछ के बाद साफ हो सकेगा।