{"_id":"5b7b1cd442c792465274a750","slug":"struggling-to-remove-atal-pise-march-in-amu","type":"story","status":"publish","title_hn":"एएमयू में अटल पीस मार्च निकालने पर तनातनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एएमयू में अटल पीस मार्च निकालने पर तनातनी
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
Updated Tue, 21 Aug 2018 01:35 AM IST
विज्ञापन
एएमयू में अटल पीस मार्च निकालने पर तनातनी
- फोटो : Dig Vishal
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में बिना प्रॉक्टर की अनुमति के अटल पीस मार्च (कैंडल मार्च) निकालने पर तनातनी की स्थिति है। इस मामले में एएमयू छात्रों की ओर से प्रॉक्टर आफिस के माध्यम से थाना सिविल लाइन को तहरीर दी गई है। पीस मार्च निकालने वाले छात्रों ने कार्यक्रम के दौरान केरल के बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए 20 हजार रुपये जमा किये हैं। राशि प्रधानमंत्री राहत कोष में दान करेंगे।
पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के सम्मान में सोमवार देर शाम को छात्र नेता ठाकुर अजय सिंह के नेतृत्व में छात्रों ने एएमयू के मौलाना आजाद लाइब्रेरी से लेकर बाब-ए-सैयद तक हाथ में कैंडल लेकर अटल पीस मार्च निकाला। बाब-ए-सैयद पर लगी अटल बिहारी वाजपेयी की तस्वीर के सामने दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
छात्रों ने केरल के बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए अटल फॉर केरल के नाम से 20 हजार रुपये जमा किये। इसे प्रधानमंत्री राहत कोष के माध्यम से भेजेंगे। इस मौके पर ठाकुर अजय सिंह ने कहा कि हर किसी के लिए अटल जी से सीखने के लिए कुछ न कुछ है। वह अमन चैन के लिए लाहौर बस लेकर गए।
विज्ञापन
लेकिन जब वक्त ने हिम्मत को अजमाया तो परमाणु परीक्षण और कारगिल में पाकिस्तान को जवाब देने से भी पीछे नहीं हटे। इससे पूर्व एएमयू में अटल पीस मार्च का विरोध करने कुछ छात्र नेता पहुंच गये। उनका कहना था कि इससे कैंपस में शांति भंग होगी।
पीस मार्च प्रॉक्टर की अनुमति के बगैर निकाला जा रहा है। ठाकुर अजय सिंह का कहना है कि श्रद्धांजलि सभा में पहले इंतजामिया एवं बाद में कुछ छात्र नेताओं ने अड़चन डालने की कोशिश की लेकिन उनको मार्च में शामिल लोगों ने शांतिपूर्ण ढंग से समझा-बुझा दिया। कैंपस में पीस मार्च के बाद राजनीति गरम है।
अटल जी को श्रद्धांजलि देने के लिए प्रॉक्टर से अनुमति मांगी थी लेकिन नहीं दी गई। मेरे समझ में नहीं आता कि जब वे अनुमति मांगते हैं तो उनके साथ भेदभाव क्यों होता है। हम भी छात्र हैं और हमारे भी अधिकार हैं। चंदन के समय भी उन्हें मार्च निकालने की अनुमति नहीं दी गई थी।
- ठाकुर अजय सिंह, छात्र नेता, एएमयू
बिना प्रॉक्टर के अनुमति के कैंपस में अटल पीस मार्च निकाला गया है। छात्रों ने इसकी शिकायत प्राक्टर के माध्यम से की है। जिसको भी राजनीति करना है, कैंपस के बाहर करें। अब आगे की कार्यवाही प्रॉक्टर पर निर्भर है।
- नदीम अंसारी, पूर्व उपाध्यक्ष, एएमयू छात्र संघ
बयान
अजय सिंह द्वारा पीस मार्च निकालने के लिए अनुमति मांगी थी। लेकिन कैंपस का माहौल खराब न हो, इसलिए अनुमति नहीं दी गई। बावजूद इसके अजय सिंह द्वारा कैंपस में पीस मार्च निकाला गया। छात्रों ने इसकी शिकायत की है।
- प्रो. एम मोहसिन खान, प्रॉक्टर एएमयू
दो दिन पहले एक छात्र पर हुई है एफआईआर
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय एवं भारतीय जनता पार्टी के बीच छत्तीस का आंकड़ा है। यहां के छात्र भाजपा एवं संघ को पसंद नहीं करते हैं। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर एक छात्र ने फेसबुक पर अशोभनीय टिप्पणी की थी। इससे संबंधित मामला थाना सिविल लाइन में दर्ज हुआ है। अजय सिंह द्वारा कैंपस में मार्च निकालने के ऐलान के बाद से ही छात्रों की गोलबंदी शुरू हो गई थी। ठाकुर अजय सिंह भाजपा नेता एवं बरौली विधायक ठाकुर दलवीर सिंह के पौत्र हैं। अटल पीस मार्च के बाद छात्रों द्वारा अजय सिंह के अतिरिक्त पवन सिंह, प्रशांत, संजीव ठाकुर आदि के खिलाफ शिकायत की गई है। इन लोगों पर शांति भंग करने की नीयत से मार्च निकालने का आरोप लगाया गया है।
विज्ञापन
पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के सम्मान में सोमवार देर शाम को छात्र नेता ठाकुर अजय सिंह के नेतृत्व में छात्रों ने एएमयू के मौलाना आजाद लाइब्रेरी से लेकर बाब-ए-सैयद तक हाथ में कैंडल लेकर अटल पीस मार्च निकाला। बाब-ए-सैयद पर लगी अटल बिहारी वाजपेयी की तस्वीर के सामने दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
विज्ञापन
छात्रों ने केरल के बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए अटल फॉर केरल के नाम से 20 हजार रुपये जमा किये। इसे प्रधानमंत्री राहत कोष के माध्यम से भेजेंगे। इस मौके पर ठाकुर अजय सिंह ने कहा कि हर किसी के लिए अटल जी से सीखने के लिए कुछ न कुछ है। वह अमन चैन के लिए लाहौर बस लेकर गए।
विज्ञापन
लेकिन जब वक्त ने हिम्मत को अजमाया तो परमाणु परीक्षण और कारगिल में पाकिस्तान को जवाब देने से भी पीछे नहीं हटे। इससे पूर्व एएमयू में अटल पीस मार्च का विरोध करने कुछ छात्र नेता पहुंच गये। उनका कहना था कि इससे कैंपस में शांति भंग होगी।
पीस मार्च प्रॉक्टर की अनुमति के बगैर निकाला जा रहा है। ठाकुर अजय सिंह का कहना है कि श्रद्धांजलि सभा में पहले इंतजामिया एवं बाद में कुछ छात्र नेताओं ने अड़चन डालने की कोशिश की लेकिन उनको मार्च में शामिल लोगों ने शांतिपूर्ण ढंग से समझा-बुझा दिया। कैंपस में पीस मार्च के बाद राजनीति गरम है।
अटल जी को श्रद्धांजलि देने के लिए प्रॉक्टर से अनुमति मांगी थी लेकिन नहीं दी गई। मेरे समझ में नहीं आता कि जब वे अनुमति मांगते हैं तो उनके साथ भेदभाव क्यों होता है। हम भी छात्र हैं और हमारे भी अधिकार हैं। चंदन के समय भी उन्हें मार्च निकालने की अनुमति नहीं दी गई थी।
- ठाकुर अजय सिंह, छात्र नेता, एएमयू
बिना प्रॉक्टर के अनुमति के कैंपस में अटल पीस मार्च निकाला गया है। छात्रों ने इसकी शिकायत प्राक्टर के माध्यम से की है। जिसको भी राजनीति करना है, कैंपस के बाहर करें। अब आगे की कार्यवाही प्रॉक्टर पर निर्भर है।
- नदीम अंसारी, पूर्व उपाध्यक्ष, एएमयू छात्र संघ
बयान
अजय सिंह द्वारा पीस मार्च निकालने के लिए अनुमति मांगी थी। लेकिन कैंपस का माहौल खराब न हो, इसलिए अनुमति नहीं दी गई। बावजूद इसके अजय सिंह द्वारा कैंपस में पीस मार्च निकाला गया। छात्रों ने इसकी शिकायत की है।
- प्रो. एम मोहसिन खान, प्रॉक्टर एएमयू
दो दिन पहले एक छात्र पर हुई है एफआईआर
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय एवं भारतीय जनता पार्टी के बीच छत्तीस का आंकड़ा है। यहां के छात्र भाजपा एवं संघ को पसंद नहीं करते हैं। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर एक छात्र ने फेसबुक पर अशोभनीय टिप्पणी की थी। इससे संबंधित मामला थाना सिविल लाइन में दर्ज हुआ है। अजय सिंह द्वारा कैंपस में मार्च निकालने के ऐलान के बाद से ही छात्रों की गोलबंदी शुरू हो गई थी। ठाकुर अजय सिंह भाजपा नेता एवं बरौली विधायक ठाकुर दलवीर सिंह के पौत्र हैं। अटल पीस मार्च के बाद छात्रों द्वारा अजय सिंह के अतिरिक्त पवन सिंह, प्रशांत, संजीव ठाकुर आदि के खिलाफ शिकायत की गई है। इन लोगों पर शांति भंग करने की नीयत से मार्च निकालने का आरोप लगाया गया है।