छोटी सी समस्या, दर्द बड़ा: समाधान की आस में पूरा दिन यूं ही गुजर गया, बढ़ रहा प्रार्थना पत्रों का बोझ
नाम है सम्पूर्ण समाधान दिवस पर शायद कभी भी यहां आई हुई सभी शिकायतों का समाधान नहीं हुआ होगा। 5 अप्रैल को हुए समाधान दिवस में 72 शिकायतें आईं और समाधान हुआ बस आठ का।
विस्तार
खेरुपुरा गांव के नाहर सिंह एक पुराना सा थैला थामे पहुंचे थे समाधान दिवस में। थैले में प्रार्थना पत्र का एक बड़ा बंडल सा था। यह खतौनी में नाम सही कराने के लिए दस महीने से भटक रहे हैं। प्रार्थना पत्रों पर लेखपाल, तहसीलदार, एसडीएम तक के निर्देश दर्ज हैं। लेकिन समस्या आज भी वही बनी हुई है। इस तरह की छोटी छोटी समस्याएं लेकर अकेले नाहर सिंह नहीं बल्कि 72 लोग पहुंचे थे। लेकिन समाधान केवल 8 का ही हो सका है।
केस-1
ब्लाक लोधा के गांव हीरपुर हुसैनपुर के रहने वाले प्रेम स्वरूप एक मोटी सी फाइल लेकर पहुंचते हैं। अधिकारियों से कहते हैं कि गांव के कुछ दबंग लोगों ने सरकारी नाली पर कब्जा कर लिया है। इससे पानी निकासी के साथ ही रास्ते में आवागमन बाधित हो रहा है। इसे कब्जा मुक्त करा दें। प्रेम स्वरूप के प्रार्थना पत्र पर भी निस्तारण के निर्देश दिए गए। प्रेम स्वरूप का कहना था कि वह पहले भी अफसरों से गुहार लगा चुका है।
केस-2
ब्लाक धनीपुर के हरदुआगंज के गांव नरेंद्रगढ़ी निवासी हरि सिंह ठाकुर भी सुबह ही समाधान दिवस में पहुंच गया था। उनका कहना था कि गांव के रास्ते पर कुछ लोग रुकावट डाल रहे हैं। अतिक्रमण कर रहे हैं। स्थानीय स्तर पर कोई सुनवाई नहीं हो रही। अगर रास्ता साफ हो जाता है तो ग्रामीणों के लिए काफी लाभकारी होगा। उनकी शिकायत पर निस्तारण के निर्देश जारी किए गए।
केस-3
ब्लाक लोधा के गांव हरिदासपुर की मीना पत्नी भंवरपाल राशन कार्ड में यूनिट नहीं बढ़ाए जाने के चलते भटक रही हैं। शनिवार को अधिकारियों के सामने कहा तीन जगह ऑटो बदल कर यहां तक आई हैं। ब्लाक पर कोई नहीं सुन रहा। कई बार शिकायत कर चुकी हूं लेकिन बार बार जांच की बात कह दी जाती है। उनकी शिकायत पर सप्लाई विभाग को निर्देशित किया गया।
केस-4
ब्लाक लोधा के गांव भदेसी माफी के भूप सिंह अपनी जमीन को कब्जा मुक्त कराने के लिए भटक रहे हैं। गांव खराई के हेमंत कुमार भी नाली निर्माण के लिए भटक रहे हैं। दोनों ने तहसील दिवस में फरियाद की। यह भी तहसील स्तर पर पहले कई दफा शिकायत कर चुके मगर निर्देश तो जारी होते रहे लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।
घर बैठे रिपोर्ट न लगाएं, मौके पर जाकर दोनों पक्षों को सुने अधिकारी: डीएम
लोगों की समस्याओं के समुचित समाधान न होने पर डीएम संजीव रंजन ने तहसील में समाधान दिवस के बाद राजस्व अधिकारियों से कहा किसी भी प्रकरण में घर बैठे रिपोर्ट देने के बजाए मौके पर जाकर पक्षों को सुनें, नजरी नक्शा के साथ रिपोर्ट लगायें।
कानूनगो एवं लेखपालों से कहा कि वह एक अप्रैल से पहले के पैमाइश एवं निर्विवाद वरासत से संबंधित मामलों को 15 मई से पहले निस्तारित करें। धारा 34 के तहत न्यायालय में लंबित वाद निपटाते हुए फॉर्मर रजिस्ट्री का काम जल्द समाप्त करें।