{"_id":"5f7b64428ebc3e9b7a5bf13a","slug":"sri-lankan-released-from-jamaati-jail-rangrejan-stayed-in-mosque","type":"story","status":"publish","title_hn":"श्रीलंकाई जमाती जेल से रिहा, रंगरेजान मस्जिद में ठहरे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
श्रीलंकाई जमाती जेल से रिहा, रंगरेजान मस्जिद में ठहरे
Tue, 06 Oct 2020 12:09 AM IST
राजेश सिंह
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
Published by: राजेश सिंह
Updated Tue, 06 Oct 2020 12:09 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जमातियों के तलाशी अभियान के दौरान बीती एक अप्रैल को कोतवाली इलाके के रंगरेजान मोहल्ला मस्जिद से पकड़े गए श्रीलंकाई मूल के जमाती मो. मुर्शीद पुत्र पाकीर अली और एमजे हिपलुररहमान रविवार को जेल से रिहा हो गए। पुलिस ने उनको रंगरेजान मोहल्ला के रहने वाले मो. खालीद और मो. उमर की सुपुर्दगी में सौंपा है। विदेश के लिए हवाई उड़ान शुरू न होने के चलते उनको यहां रखा गया है। जैसे ही उड़ान शुरू हो जाएगी, उनको श्रीलंका वापस भेज दिया जाएगा।
जमातियों के अधिवक्ता अहलेनबी ने बताया कि जमाती मो. मुर्शीद पुत्र पाकीर अली और एमजे हिपलुररहमान पुत्र जिहार 28 फरवरी टूरिस्ट वीजा पर भारत आए थे। दो दिन निजामुद्दीन मरकज में रुकने के बाद एक मार्च को अलीगढ़ आ गए। यहां रंगरेजान मस्जिद से इनको पुलिस ने पकड़कर पांच मई को जेल भेजा था
। कोर्ट में चले मुकदमे में एसीजेएम प्रथम की कोर्ट में दोनों ने अपना जुर्म कुबूल कर लिया है। इस पर कोर्ट से उनको एक-एक हजार रुपये अर्थदंड और पांच-पांच माह के कारावास की सजा से दंडित किया था। रविवार को दोनों रिहा होकर आ गए। दोनों के पास अभी अपने देश जाने का कोई जरिया नहीं है। जैसे ही उड़ान चालू हो जाएंगी। यह विदेश मंत्रालय और श्रीलंका दूतावास के जरिये अपने देश वापस जा सकेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
जमातियों के अधिवक्ता अहलेनबी ने बताया कि जमाती मो. मुर्शीद पुत्र पाकीर अली और एमजे हिपलुररहमान पुत्र जिहार 28 फरवरी टूरिस्ट वीजा पर भारत आए थे। दो दिन निजामुद्दीन मरकज में रुकने के बाद एक मार्च को अलीगढ़ आ गए। यहां रंगरेजान मस्जिद से इनको पुलिस ने पकड़कर पांच मई को जेल भेजा था
विज्ञापन
। कोर्ट में चले मुकदमे में एसीजेएम प्रथम की कोर्ट में दोनों ने अपना जुर्म कुबूल कर लिया है। इस पर कोर्ट से उनको एक-एक हजार रुपये अर्थदंड और पांच-पांच माह के कारावास की सजा से दंडित किया था। रविवार को दोनों रिहा होकर आ गए। दोनों के पास अभी अपने देश जाने का कोई जरिया नहीं है। जैसे ही उड़ान चालू हो जाएंगी। यह विदेश मंत्रालय और श्रीलंका दूतावास के जरिये अपने देश वापस जा सकेंगे।
विज्ञापन