MLC Election: सपा का रुख साफ, भाजपा में खींचतान जारी, बागी बिगाड़ सकते हैं खेल, ये चाह रहे टिकट
मानवेंद्र प्रताप के सामने पिछले चुनाव में स्नातक का चुनाव लड़कर हार चुके हरि किशन तिवारी ने इस बार शिक्षक सीट के लिए दावेदारी पेश कर दी है।
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आगरा क्षेत्र के 12 जिलों की स्नातक और शिक्षक एमएलसी सीट के लिए चुनावी बिगुल बज चुका है। समाजवादी पार्टी ने एटा निवासी डाॅ. प्रकाश चंद्र गुप्ता को आगरा-अलीगढ़ खंड से शिक्षक एमएलसी और आगरा खंड स्नातक क्षेत्र के लिए एटा के ही शशांक यादव को प्रत्याशी घोषित कर दिया है। वहीं, भाजपा में अभी भी नामों को लेकर उहापोह की स्थिति बनी हुई है। मौजूदा स्नातक एमएलसी मानवेंद्र प्रताप सिंह से लेकर शिक्षक एमएलसी आकाश अग्रवाल भी सत्तारूढ़ पार्टी की नाव पर सवार होने की इच्छा जता चुके हैं। ऐसे में अब नाम तय करने में पेच फंस गया है।
दरअसल, पिछले चुनाव में जीते अलीगढ़ निवासी मानवेंद्र प्रताप सिंह इस बार भी स्नातक सीट पर जोर आजमाने के मूड मेें हैं। वहीं, आगरा के राहुलराज कुलश्रेष्ठ और विकास भारद्वाज ने भी चुनावी मैदान में भाजपा का समर्थन मांगा है। चूंकि तीनों ही नेताओं के दावे और सियासी समीकरण मजबूत हैं। ऐसे में पार्टी के लिए स्नातक सीट के लिए चेहरा चुनना चुनौती बना हुआ है। वहीं, पिछले चुनाव में निर्दलीय के रूप में चुनाव जीतने वाले आगरा क्षेत्र के शिक्षक एमएलसी आकाश अग्रवाल भी भाजपा के संपर्क में हैं।
उधर, मानवेंद्र प्रताप के सामने पिछले चुनाव में स्नातक का चुनाव लड़कर हार चुके हरि किशन तिवारी ने इस बार शिक्षक सीट के लिए दावेदारी पेश कर दी है। इसके अलावा आगरा के तपेश शर्मा भी अपने प्रयास कर रहे हैं। चूंकि इस बार दोनों ही सीटों पर बड़े नाम वाले दावेदारी पेश कर रहे हैं। यही वजह है कि सपा के नाम सामने आने के बाद भी भाजपा का फोकस सिर्फ वोट बनवाने पर है।
बागी बिगाड़ सकते हैं खेल
10 अक्तूबर से आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद, अलीगढ़, एटा, कासगंज, मैनपुरी, इटावा, फर्रुखाबाद, हाथरस, औरैया व कन्नौज में शुरू हुई मतदाता बनाने की प्रक्रिया 6 नवंबर तक चलेगी। इसके बाद चुनाव की तारीख की घोषणा होने तक पार्टी के लिए अपनों को साधे रखना और बागी बनने से रोकना चुनौती रहेगा। चूंकि दावेदार ज्यादा हैं और वह अभी से निर्दलीय के रूप में मैदान में डट गए हैं।