{"_id":"630a7a936a084229153d53ac","slug":"so-why-was-the-complainant-sitting-silent-for-50-years-aligarh-news-ali2990632115","type":"story","status":"publish","title_hn":"...तो 50 वर्ष से क्यों चुप बैठे थे शिकायतकर्ता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
...तो 50 वर्ष से क्यों चुप बैठे थे शिकायतकर्ता
विज्ञापन
क्षेत्रीय खादी आश्रम की हरदुआगंज की जमीन को लेकर शिकायत करने पर क्षेत्रीय मंत्री संतोष मिश्रा ने शिकायत करने वालों पर पलटवार करते हुए सवाल खड़ा किया है। कहा है कि जो खादी आश्रम बंदी के कगार पर आ गया था और बैंक कर्ज के चलते जमीन कौड़ियों के भाव जा रही थी, उसे बचाकर क्या बुरा किया है? जमीन सिर्फ किराये पर ही तो दी है। अगर यहां कुछ गलत हो रहा था तो ये लोग पिछले 50 वर्ष से क्यों चुप बैठे थे।
क्षेत्रीय मंत्री संतोष मिश्रा ने अमर उजाला से बातचीत में कहा है कि अगर जमीन नॉन जेडए की थी और गलत बैनामा हुआ तो ये लोग पिछले 50 वर्ष से चुप क्यों थे। हरदुआगंज आश्रम की 11 दुकानें पहले से किराये पर उठी हुई हैं। उसी तरह से अब आश्रम की जमीन किराये पर तिलकराज यादव के पुत्र के नाम दी गई है।
उन्होंने आश्रम की मदद की है। हरदुआगंज की जमीन व बन्नादेवी आश्रम 9 करोड़ में नीलाम होने जा रहा था। उसे सिर्फ 2 करोड़ 2 लाख रुपये में किराये पर देकर बचा ली है। इसमें क्या बुरा किया है। वे कहते हैं कि 2015 में जब मंत्री पद संभाला तो आश्रम बंदी के कगार पर था।
विज्ञापन
6-6 माह के वेतन, फंड तक नहीं मिल रहा था। बुनकरों को भुगतान नहीं हो रहा था। माल तक नहीं था। मगर अब किसी का आश्रम पर कर्ज नहीं है। मिश्रा ने फिर कहा है कि अगर जमीन किराये पर देना गलत है तो शिकायत करने वाले लोग रुपया दें तो जमीन वापस ले ली जाएगी।
गलत तरीके से हुआ बैनामा, यहां बनवाएंगे कन्या इंटर कॉलेज : राजेश
इस जमीन को बचाने में जुटे पूर्व चेयरमैन राजेश यादव का कहना है कि ये जमीन सरकार की है लेकिन सरकार अपनी जमीन की सुरक्षा नहीं कर पा रही है। इस जमीन का निजी स्वार्थ के लिए दुरुपयोग हो रहा है। ऐसा नहीं होने देंगे, जमीन को सरकार के कब्जे में लाकर यहां कन्या इंटर कॉलेज बनवाएंगे।
वे कहते हैं कि खादी आश्रम बन्ना देवी के संस्थापक के नाम इस जमीन का बैनामा 40 वर्ष पुराना है। श्रेणी 6 में दर्ज काश्तकार की मृत्यु के बाद उसके वरिसों ने पावर ऑफ अटॉर्नी के आधार पर ये बैनामा किया और सरकारी जमीन को बेच डाला था।
विज्ञापन
क्षेत्रीय मंत्री संतोष मिश्रा ने अमर उजाला से बातचीत में कहा है कि अगर जमीन नॉन जेडए की थी और गलत बैनामा हुआ तो ये लोग पिछले 50 वर्ष से चुप क्यों थे। हरदुआगंज आश्रम की 11 दुकानें पहले से किराये पर उठी हुई हैं। उसी तरह से अब आश्रम की जमीन किराये पर तिलकराज यादव के पुत्र के नाम दी गई है।
विज्ञापन
उन्होंने आश्रम की मदद की है। हरदुआगंज की जमीन व बन्नादेवी आश्रम 9 करोड़ में नीलाम होने जा रहा था। उसे सिर्फ 2 करोड़ 2 लाख रुपये में किराये पर देकर बचा ली है। इसमें क्या बुरा किया है। वे कहते हैं कि 2015 में जब मंत्री पद संभाला तो आश्रम बंदी के कगार पर था।
विज्ञापन
6-6 माह के वेतन, फंड तक नहीं मिल रहा था। बुनकरों को भुगतान नहीं हो रहा था। माल तक नहीं था। मगर अब किसी का आश्रम पर कर्ज नहीं है। मिश्रा ने फिर कहा है कि अगर जमीन किराये पर देना गलत है तो शिकायत करने वाले लोग रुपया दें तो जमीन वापस ले ली जाएगी।
गलत तरीके से हुआ बैनामा, यहां बनवाएंगे कन्या इंटर कॉलेज : राजेश
इस जमीन को बचाने में जुटे पूर्व चेयरमैन राजेश यादव का कहना है कि ये जमीन सरकार की है लेकिन सरकार अपनी जमीन की सुरक्षा नहीं कर पा रही है। इस जमीन का निजी स्वार्थ के लिए दुरुपयोग हो रहा है। ऐसा नहीं होने देंगे, जमीन को सरकार के कब्जे में लाकर यहां कन्या इंटर कॉलेज बनवाएंगे।
वे कहते हैं कि खादी आश्रम बन्ना देवी के संस्थापक के नाम इस जमीन का बैनामा 40 वर्ष पुराना है। श्रेणी 6 में दर्ज काश्तकार की मृत्यु के बाद उसके वरिसों ने पावर ऑफ अटॉर्नी के आधार पर ये बैनामा किया और सरकारी जमीन को बेच डाला था।