Sir Syed Day: अलीगढ़ को व्यापारिक केंद्र बनाना चाहते थे सर सैयद, बनाई थी कंपनी, इस वजह से नहीं हुआ सपना पूरा
एएमयू संस्थापक सर सेैयद अहमद खान ने एक स्टॉक कंपनी बनाई थी। सर सैयद ने 10 हजार रुपये की पूंजी से 50-50 रुपये के 200 शेयर निकाले थे, जिसका मकसद अलीगढ़ की बनी चीजों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाना था।
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अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के संस्थापक सर सैयद अहमद खान अलीगढ़ को व्यापारिक केंद्र बनाना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने संयुक्त स्टॉक कंपनी भी बनाई थी, जिसके शेयर राजाओं और नवाबों ने भी खरीदे थे। हालांकि, एक खजांची की वजह से उनका सपना पूरा नहीं हो सका था।
जिंदगी के आखिरी वक्त में सर सैयद ने अलीगढ़ को अपना ठिकाना बनाया था। आज की तरह उस समय भी व्यापारिक दृष्टि से मुंबई, दिल्ली और कोलकाता काफी समृद्ध था। उसी तर्ज पर सर सैयद अहमद ने अलीगढ़ में व्यापारिक केंद्र बनाने की रूपरेखा बनाई थी। हालांकि, उनका यह सपना एक खजांची की वजह से हकीकत नहीं बन सका, क्योंकि उसने गबन किया था, जिसका जिक्र उन्होंने स्वयं इंस्टीट्यूट गजट में किया था।
एएमयू के उर्दू एकेडमी के पूर्व निदेशक डॉ. राहत अबरार ने बताया कि सर सैयद ने 21 फरवरी 1891 के अंक में अपने संपादकत्व में ज्वाइंट स्टॉक कंपनी के बारे में लिखा था। सर सैयद ने 10 हजार रुपये की पूंजी से 50-50 रुपये के 200 शेयर निकाले थे, जिसका मकसद अलीगढ़ की बनी चीजों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाना था। इससे स्थानीय लोगों की आर्थिक स्थिति में सुधार लाया जा सके। कंपनी में मुरसान के राजा कुंवर धनश्याम सिंह ने 50-50 रुपये के 20 शेयर लेने की स्वीकृति प्रदान की थी।
भीकमपुर के नवाब मुजम्मिल उल्लाह खां ने 5 शेयर खरीदे थे, जबकि पुरदिलनगर के साहूकार लाला मटरुमल ने चार शेयर खरीदे थे। इंस्टीट्यूट गजट में शेयरधारक लाखनू के मान सिंह, पिसावा के रईस ठाकुर गोविंद सिंह, इगलास के रईस गंगाराम, ठाकुर खेरत सिंह, लाखनूं के कुंवर कुंदन सिंह, अलीगढ़ के डिप्टी कलेक्टर पंडित कामता प्रसाद ने भी शेयर खरीदे थे। डॉ. राहत ने बताया कि स्टॉक कंपनी की तरफ लोगों का रुझान बढ़ रहा था, तभी एमएओ कॉलेज के खजांची ने जुलाई 1895 में एक लाख पांच हजार रुपये का गबन कर लिया, जिस से सर सैयद को काफी सदमा पहुंचा। इसके बाद उनका यह सपना अधूरा ही रह गया।
17 अक्तूबर को मनाया जाता है सर सैयद डे
सर सैयद की जयंती 17 अक्तूबर को है, जिसे यूनिवर्सिटी के छात्र-छात्राएं पूरी दुनिया में सर सैयद डे के रूप में मनाएंगी।