SIB raid: अहमदाबाद गोल्डन ट्रांसपोर्ट कंपनी के तीन ठिकानों पर एसआईबी का छापा, दस्तावेज जब्त
टीम ने कई दस्तावेज जब्त किए। तीनों स्थानों से बड़ी संख्या में बिना दस्तावेज के माल मिला। बिना बिल के माल परिवहन को लेकर एसआईबी ने यह कार्रवाई की है।
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जीएसटी एसआईबी की टीम ने 5 दिसंबर को झम्मन लाल कंपाउंड स्थित अहमदाबाद गोल्डन ट्रांसपोर्ट कंपनी के तीन ठिकानों पर छापा मारा। झम्मनलाल कंपाउंड में कार्यालय, मथुरा रोड और शाहकमाल रोड पर गोदामों को चेक किया गया। इस दौरान 12 से अधिक अधिकारी मौजूद रहे। टीम ने कई दस्तावेज जब्त किए। तीनों स्थानों से बड़ी संख्या में बिना दस्तावेज के माल मिला। बिना बिल के माल परिवहन को लेकर एसआईबी ने यह कार्रवाई की है।
राज्यकर विभाग के प्रमुख सचिव एम देवराज के दौरे के बाद जीएसटी विभाग एक बार फिर अलर्ट मोड में आ गया है। अवैध परिवहन और राजस्व को चूना लगाने वालों के खिलाफ विभागीय अधिकारी कार्रवाई कर रहे हैं। 5 दिसंबर को पहले मैरिस रोड के हबीब गार्डन पर छापा मारा गया। इसके बाद ट्रांसपोर्ट कंपनी पर कार्रवाई की गई है।
एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-2 डॉ. श्याम सुंदर तिवारी के निर्देश पर जेसी एसआईबी सत्येंद्र गौतम, जेसी एसआईबी रश्मि सिंह राजपूत के निर्देशन में डीसी एसआईबी अखिलेश सिंह, एसी एसआईबी शिव कुमार ने सासनी गेट के झम्मन लाल कंपाउंड स्थित अहमदाबाद गोल्डन ट्रांसपोर्ट के तीन ठिकानों पर एक साथ छापा मारा। जिसमें अलीगढ़ व कासगंज के अधिकारी भी शामिल रहे।
डीसी एसआईबी अखिलेश सिंह ने आगरा रोड झम्मन लाल कंपाउंड, असिस्टेंट कमिश्नर एसआईबी शिव कुमार सिंह ने मथुरा रोड व एसी एसआईबी अभिषेक सिंह ने गांधी पार्क शाहकमाल रोड पर टीम के साथ कार्रवाई की। डीसी एसआईबी अखिलेश सिंह ने बताया कि अभी तीन ठिकानों पर जांच जारी है। प्रारंभिक जांच में बिना बिल के माल परिवहन का मामला सामने आया है। तीनों स्थानों से विभिन्न राज्यों का माल बिना कागजात के मिला है। इसका आकलन करने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। टीम में एसी कासगंज सत्यप्रकाश उमराव, चिन्मय मिश्रा व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
जिले की 250 से अधिक ट्रांसपोर्ट कंपनियां रडार पर
प्रमुख सचिव ने अवैध परिवहन को लेकर जीएसटी अधिकारियों को चेतावनी दी थी। इसको लेकर अब कार्रवाई का दौर शुरू हो गया है। सूत्रों की मानें तो अब रोजाना ट्रांसपोर्ट कंपनियों पर जांच पड़ताल होगी। जिले की करीब 250 से अधिक ट्रांसपोर्ट कंपनियां जीएसटी विभाग के रडार पर हैं।