{"_id":"61eef8c70bd05260352d4f91","slug":"shadab-and-chandraya-received-prime-minister-s-national-children-s-award-aligarh-news-ali283800275","type":"story","status":"publish","title_hn":"अलीगढ़ः शादाब व चंद्रय को मिला प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अलीगढ़ः शादाब व चंद्रय को मिला प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार
विज्ञापन
मोहम्मद शादाब, चन्द्रय सिंह चौधरी को बुके देकर स्वागत करतीं डीएम सेल्वा कुमारी।
- फोटो : CITY OFFICE
जिले के प्रतिभावान मोहम्मद शादाब व चंद्रय सिंह चौधरी को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार मिला। यह पुरस्कार शादाब को शिक्षा के क्षेत्र में और चंद्रय को खेलकूद के क्षेत्र में मिला है। उन्हें पुरस्कार राशि के रूप में एक-एक लाख रुपये भी मिले हैं। अब इस राशि से निशानेबाज चंद्रय पिस्टल खरीदेंगे, जबकि शादाब अपने प्रोजेक्ट ‘गर्ल्स से यस’ को प्रमोट करने पर खर्च करेंगे।
5 से 18 साल आयु के बच्चों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार मिलता है। इनमें जिले के शादाब व चंद्रय को यह पुरस्कार मिला है। उनके मोबाइल में डिजिटल प्रशस्ति पत्र मिला है। इसके अलावा एक-एक लाख रुपये की धनराशि भी उनके बैंक खाते में भेजी गई है। सोमवार को कलेक्ट्रेट स्थित जिला सूचना विज्ञान केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन विजेताओं से वर्चुअल संवाद भी किया। शादाब को इससे पहले वर्ष 2021 में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार मिला था। इस अवसर पर डीएम सेल्वा कुमारी जे व विजेताओं के परिजन मौजूद रहे। डीपीएस के प्रो. वाइस चेयरमैन स्वप्निल जैन व प्रिंसिपल आरती झा ने चंद्रय व उनके माता-पिता को फोन पर बधाई दी है। उधर, अलीगढ़ स्केटिंग क्लासेज के अध्यक्ष विवेक बंसल व सचिव प्रदीप रावत ने स्केटर चंद्रय को बधाई दी है।
देश के लिए मेडल जीतना चाहता हूं : चंद्रय
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार विजेता चंद्रय सिंह चौधरी ने बताया कि जो पुरस्कार राशि मिली है, उससे पिस्टल खरीदनी है। इसी पिस्टल से ओलंपिक में देश के लिए मेडल जीतना चाहता हूं। तेजेंद्र सिंह चौधरी व मुनेश कुमारी के बेटे चंद्रय डीपीएस में कक्षा आठ में पढ़ रहे हैं। तेजेंद्र, गैस एजेंसी पर मैकेनिक का कार्य करते हैं। 11 वर्ष की अल्पायु में रोलर स्केटिंग, एयर पिस्टल शूटिंग, ताइकवांडो सहित तैराकी में महारत हासिल है। चंद्रय ने 2 बार गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड व 10 अन्य रिकॉर्ड बुक में प्रतिभाग कर रिकॉर्ड स्थापित किया है। उप राष्ट्रपति, उत्तर प्रदेश के राज्यपाल, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व केंद्रीय खेल मंत्री उन्हें सम्मानित कर चुके हैं। चंद्रय ने कहा कि प्रेरणा और उनके हीरो उनके पिता ही है। उन्होेंने कहा कि उनसे प्रधानमंत्री जी ने बात की। उन्हें काफी अच्छा लगा। चंद्रय के पिता तेजेंद्र ने बताया कि अगर थोड़ी सी सहायता मिल जाए तो इनाम राशि से मिलाकर बच्चे के लिए एक पिस्टल खरीद सकता हूं।
विज्ञापन
प्रोजेक्ट ‘गर्ल्स से यस’ को प्रमोट करूंगा : शादाब
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार विजेता मोहम्मद शादाब ने कहा कि यह पुरस्कार उन्हेें दूसरी बार मिल रहा है। वह प्रोजेक्ट ‘गर्ल्स से यस’ को प्रमोट करेंगे। यह प्रोजेक्ट महिलाओं की शिक्षा व सशक्तीकरण के लिए है। इसके लिए उनके परिजन, भारतीय व अमेरिकी सरकार मदद कर रही है। जमालपुर निवासी मोटर मैकेनिक अरशद नूर के बेटे मोहम्मद शादाब ने कैनेडी. लूगर यूथ एक्सचेंज एंड स्टडी स्कॉलरशिप के जरिए बेलफास्ट एरिया हाईस्कूल, अमेरिका में पढ़ाई की थी। 97.6 फीसदी अंक हासिल कर स्कूल टॉप किया था। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के मिंटो सर्किल से कक्षा नौ की पढ़ाई करके शादाब ने स्कॉलरशिप के जरिए बेलफास्ट एरिया हाईस्कूल में दाखिला लिया था। स्कॉलरशिप में 28 हजार अमेरिकी डालर, जो भारतीय मुद्रा में करीब 20 लाख रुपये मिले थे। स्कूल में कक्षा 9 से 12 तक करीब 500 बच्चे पढ़ते थे। शादाब ने बताया कि फरवरी 2020 में उसे स्कूल में स्टूडेंट ऑफ द मंथ चुना गया था। शादाब ने कहा कि उनकी अम्मी जरीना बेगम व अब्बू अरशद नूर पढ़े-लिखे नहीं हैं।
विज्ञापन
5 से 18 साल आयु के बच्चों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार मिलता है। इनमें जिले के शादाब व चंद्रय को यह पुरस्कार मिला है। उनके मोबाइल में डिजिटल प्रशस्ति पत्र मिला है। इसके अलावा एक-एक लाख रुपये की धनराशि भी उनके बैंक खाते में भेजी गई है। सोमवार को कलेक्ट्रेट स्थित जिला सूचना विज्ञान केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन विजेताओं से वर्चुअल संवाद भी किया। शादाब को इससे पहले वर्ष 2021 में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार मिला था। इस अवसर पर डीएम सेल्वा कुमारी जे व विजेताओं के परिजन मौजूद रहे। डीपीएस के प्रो. वाइस चेयरमैन स्वप्निल जैन व प्रिंसिपल आरती झा ने चंद्रय व उनके माता-पिता को फोन पर बधाई दी है। उधर, अलीगढ़ स्केटिंग क्लासेज के अध्यक्ष विवेक बंसल व सचिव प्रदीप रावत ने स्केटर चंद्रय को बधाई दी है।
विज्ञापन
देश के लिए मेडल जीतना चाहता हूं : चंद्रय
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार विजेता चंद्रय सिंह चौधरी ने बताया कि जो पुरस्कार राशि मिली है, उससे पिस्टल खरीदनी है। इसी पिस्टल से ओलंपिक में देश के लिए मेडल जीतना चाहता हूं। तेजेंद्र सिंह चौधरी व मुनेश कुमारी के बेटे चंद्रय डीपीएस में कक्षा आठ में पढ़ रहे हैं। तेजेंद्र, गैस एजेंसी पर मैकेनिक का कार्य करते हैं। 11 वर्ष की अल्पायु में रोलर स्केटिंग, एयर पिस्टल शूटिंग, ताइकवांडो सहित तैराकी में महारत हासिल है। चंद्रय ने 2 बार गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड व 10 अन्य रिकॉर्ड बुक में प्रतिभाग कर रिकॉर्ड स्थापित किया है। उप राष्ट्रपति, उत्तर प्रदेश के राज्यपाल, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व केंद्रीय खेल मंत्री उन्हें सम्मानित कर चुके हैं। चंद्रय ने कहा कि प्रेरणा और उनके हीरो उनके पिता ही है। उन्होेंने कहा कि उनसे प्रधानमंत्री जी ने बात की। उन्हें काफी अच्छा लगा। चंद्रय के पिता तेजेंद्र ने बताया कि अगर थोड़ी सी सहायता मिल जाए तो इनाम राशि से मिलाकर बच्चे के लिए एक पिस्टल खरीद सकता हूं।
विज्ञापन
प्रोजेक्ट ‘गर्ल्स से यस’ को प्रमोट करूंगा : शादाब
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार विजेता मोहम्मद शादाब ने कहा कि यह पुरस्कार उन्हेें दूसरी बार मिल रहा है। वह प्रोजेक्ट ‘गर्ल्स से यस’ को प्रमोट करेंगे। यह प्रोजेक्ट महिलाओं की शिक्षा व सशक्तीकरण के लिए है। इसके लिए उनके परिजन, भारतीय व अमेरिकी सरकार मदद कर रही है। जमालपुर निवासी मोटर मैकेनिक अरशद नूर के बेटे मोहम्मद शादाब ने कैनेडी. लूगर यूथ एक्सचेंज एंड स्टडी स्कॉलरशिप के जरिए बेलफास्ट एरिया हाईस्कूल, अमेरिका में पढ़ाई की थी। 97.6 फीसदी अंक हासिल कर स्कूल टॉप किया था। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के मिंटो सर्किल से कक्षा नौ की पढ़ाई करके शादाब ने स्कॉलरशिप के जरिए बेलफास्ट एरिया हाईस्कूल में दाखिला लिया था। स्कॉलरशिप में 28 हजार अमेरिकी डालर, जो भारतीय मुद्रा में करीब 20 लाख रुपये मिले थे। स्कूल में कक्षा 9 से 12 तक करीब 500 बच्चे पढ़ते थे। शादाब ने बताया कि फरवरी 2020 में उसे स्कूल में स्टूडेंट ऑफ द मंथ चुना गया था। शादाब ने कहा कि उनकी अम्मी जरीना बेगम व अब्बू अरशद नूर पढ़े-लिखे नहीं हैं।