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पुट्टी-पेंट किए जर्जर झूले न बन जाएं ‘हादसों के झूले’
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दीपक शर्मा
ठहरिये! नुमाइश में झूला झूलने से पहले देख लें कि कहीं उसकी सीट या बोगी जर्जर तो नहीं है, क्योंकि कुछ झूलों और रोलर कोस्टर जंग लगे हैं, उनमें पेंट कर इसे छिपाया गया है। साथ ही, रोलर कोस्टर की जो बोगियां हैं, वह भी जर्जर अवस्था में है। उनमें पुट्टी लगाकर पेंट किया गया है। इसके अलावा जरूरी सुरक्षा उपाय भी नदारद हैं। ऐसे में यहां पर हादसा होने से इनकार नहीं किया जा सकता है। इस संबंध में सिटीजन वेलफेयर संस्था के प्रमुख और समाजशास्त्री डॉ. उमेश दीक्षित ने जिला प्रशासन को पत्र लिखकर शिकायत की है।
इस पत्र में कहा गया कि नुमाइश में लगे अधिकांश झूलों और रोला कोस्टर संचालकों के पास जरूरी सुरक्षा उपकरण नहीं है। सेटअप खड़ा करने के बाद झूलों में पेंट कर दिया गया, जिससे उस सेटअप की खामियां पेंट से छुप जाएं। जबकि गत वर्षों में नुमाइश में दो बार इसी तरह की घटनाएं हो चुकी हैं जिसमें कई लोग घायल भी हुए। सन 2019 में प्रशासन ने जांच कमेटी भी गठित की थी जिसने अपनी रिपोर्ट प्रशासन को सौंपी थी। इसके बाद भी प्रशासन ने सबक नहीं लिया है।
1 फरवरी 2019 को हादसे में कई लोग हुए थे घायल
1 फरवरी 2019 को नुमाइश की हुल्लड़ बाजार पुलिस चौकी के पास टावर झूला लगा था। झूला करीब 60 फीट ऊंचा था। झूले में एक पिलर था, इस पिलर के चारों और बोगियां घूमती हुई ऊपर तक जाती थीं और फिर घूमती हुई नीचे आती थीं। रात करीब 8:30 बजे 30 फीट की ऊंचाई से झूले की बोगियां अचानक तेजी के साथ नीचे आ गिरीं। बोगियों को ऊपर नीचे ले जाने वाला तार टूट चुका था, हादसे में 12 से अधिक लोग घायल हुए थे।
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19 फरवरी 2013 को नाव वाला झूला टूट गया था
19 फरवरी 2013 को नुमाइश में सिंगर मीका की नाइट थी। नुमाइश में काफी भीड़ थी। हुल्लड़ बाजार में नाव वाला झूला लगा था। घटना वाली रात अचानक यह झूला टूट गया। झूले में बैठे लोगों में चीख-पुकार मच गई। कई लोग घायल हो गए, जिन्हें पुलिस ने आनन-फानन जिला अस्पताल पहुंचाया।
16 फरवरी 2003 को झूले से लगा दी थी छलांग
16 फरवरी 2003 को हुल्लड़ बाजार में लगे झूले में बैठे व्यक्ति ने चीखना चिल्लाना शुरू कर दिया। उसको उल्टियां हो रही थीं। लेकिन झूला नहीं रुका। क्योंकि झूला चलाने वाला उसको सुन ही नहीं पाया। शोर मचा रहे व्यक्ति ने झूले से छलांग लगा दी। वह बुरी तरह घायल हो गया। गंभीर हालत में उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया।
अभी पत्र संज्ञान में नहीं आया है, झूलों की जांच संबंधित विभागों से कराई गई है। संचालकों को निर्देशित किया जा चुका है कि वह सभी तकनीकी व सुरक्षा के पहलुओं को पालन करेंगे। इसी शर्त पर उनको झूला लगाने की अनुमति दी गई है। --- विनीत कुमार सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट
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ठहरिये! नुमाइश में झूला झूलने से पहले देख लें कि कहीं उसकी सीट या बोगी जर्जर तो नहीं है, क्योंकि कुछ झूलों और रोलर कोस्टर जंग लगे हैं, उनमें पेंट कर इसे छिपाया गया है। साथ ही, रोलर कोस्टर की जो बोगियां हैं, वह भी जर्जर अवस्था में है। उनमें पुट्टी लगाकर पेंट किया गया है। इसके अलावा जरूरी सुरक्षा उपाय भी नदारद हैं। ऐसे में यहां पर हादसा होने से इनकार नहीं किया जा सकता है। इस संबंध में सिटीजन वेलफेयर संस्था के प्रमुख और समाजशास्त्री डॉ. उमेश दीक्षित ने जिला प्रशासन को पत्र लिखकर शिकायत की है।
इस पत्र में कहा गया कि नुमाइश में लगे अधिकांश झूलों और रोला कोस्टर संचालकों के पास जरूरी सुरक्षा उपकरण नहीं है। सेटअप खड़ा करने के बाद झूलों में पेंट कर दिया गया, जिससे उस सेटअप की खामियां पेंट से छुप जाएं। जबकि गत वर्षों में नुमाइश में दो बार इसी तरह की घटनाएं हो चुकी हैं जिसमें कई लोग घायल भी हुए। सन 2019 में प्रशासन ने जांच कमेटी भी गठित की थी जिसने अपनी रिपोर्ट प्रशासन को सौंपी थी। इसके बाद भी प्रशासन ने सबक नहीं लिया है।
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1 फरवरी 2019 को हादसे में कई लोग हुए थे घायल
1 फरवरी 2019 को नुमाइश की हुल्लड़ बाजार पुलिस चौकी के पास टावर झूला लगा था। झूला करीब 60 फीट ऊंचा था। झूले में एक पिलर था, इस पिलर के चारों और बोगियां घूमती हुई ऊपर तक जाती थीं और फिर घूमती हुई नीचे आती थीं। रात करीब 8:30 बजे 30 फीट की ऊंचाई से झूले की बोगियां अचानक तेजी के साथ नीचे आ गिरीं। बोगियों को ऊपर नीचे ले जाने वाला तार टूट चुका था, हादसे में 12 से अधिक लोग घायल हुए थे।
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19 फरवरी 2013 को नाव वाला झूला टूट गया था
19 फरवरी 2013 को नुमाइश में सिंगर मीका की नाइट थी। नुमाइश में काफी भीड़ थी। हुल्लड़ बाजार में नाव वाला झूला लगा था। घटना वाली रात अचानक यह झूला टूट गया। झूले में बैठे लोगों में चीख-पुकार मच गई। कई लोग घायल हो गए, जिन्हें पुलिस ने आनन-फानन जिला अस्पताल पहुंचाया।
16 फरवरी 2003 को झूले से लगा दी थी छलांग
16 फरवरी 2003 को हुल्लड़ बाजार में लगे झूले में बैठे व्यक्ति ने चीखना चिल्लाना शुरू कर दिया। उसको उल्टियां हो रही थीं। लेकिन झूला नहीं रुका। क्योंकि झूला चलाने वाला उसको सुन ही नहीं पाया। शोर मचा रहे व्यक्ति ने झूले से छलांग लगा दी। वह बुरी तरह घायल हो गया। गंभीर हालत में उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया।
अभी पत्र संज्ञान में नहीं आया है, झूलों की जांच संबंधित विभागों से कराई गई है। संचालकों को निर्देशित किया जा चुका है कि वह सभी तकनीकी व सुरक्षा के पहलुओं को पालन करेंगे। इसी शर्त पर उनको झूला लगाने की अनुमति दी गई है। --- विनीत कुमार सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट

राजकीय औद्योगिक एवं कृषि प्रदर्शनी में लगे पेंडुलम झूले की सीट में दरार।- फोटो : CITY OFFICE