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अलीगढ़ : जिले में होगा राशन पाने वाले पात्रों का चयन, सूची से बाहर होंगे अपात्र
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जिले में जांच के दौरान अपात्र मिले लोगों को राशन कार्ड सरेंडर करने की चेतावनी का असर देखने को मिल रहा है। डीएम के निर्देश पर अपात्र पाए गए लोगों से मुफ्त लिए गए राशन की वसूली के आदेश के बाद संबंधित ने राशन कार्ड सरेंडर करना शुरू कर दिया है। इसके अलावा आपूर्ति विभाग ने ग्राम पंचायत स्तर पर पात्रों का चयन व अपात्रों के नाम सूची से बाहर करने का निर्णय लिया है।
डीएसओ शिवकांत पांडेय ने बताया कि जिले में बड़ी संख्या में मोटर कार, ट्रैक्टर, प्लॉट, मकान व आयकर दाताओं द्वारा राशन कार्ड के जरिए मुफ्त राशन लेने की शिकायतें मिल रही थीं। इसके आधार पर जिले भर में पात्रता की जांच कराई गई। इसमें पाया गया कि तमाम अपात्र लोग सरकारी योजना का अनुचित लाभ उठा रहे हैं। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में पूरे परिवार के लोगों की वार्षिक आय दो लाख व नगरीय क्षेत्र में तीन लाख रुपये वाले परिवार एवं सरकारी सेवारत कर्मचारियों को इस योजना के लिए अपात्र घोषित किया गया है। डीएम ने जांच में अपात्र पाए गए लोगों से लिए गए मुफ्त राशन की वसूली करने को निर्देश दिए हैं। कार्ड बनने से लेकर अब तक लिए राशन की 24 रुपये प्रति किलो गेहूं व 32 रुपये प्रति किलो चावल के हिसाब से वसूली होगी। उन्होंने बताया कि जिले में अपात्रों के स्तर से राशन कार्ड सरेंडर किए जा रहे हैं । अब तक 250 से अधिक लोग राशन कार्ड सरेंडर कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि जिले में मिले लक्ष्य को पूरा कर लिया गया है। ऐसे में तमाम पात्र लोग भी राशन कार्ड बनवाने के लिए तहसीलों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन लक्ष्य पूरा हो जाने के चलते उनके राशन कार्ड नहीं बन पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि आपूर्ति विभाग गांव-गांव जाकर शिविर लगाकर पात्रों का चयन करेगा और सूची में दर्ज अपात्रों के नाम भौतिक सत्यापन के बाद बाहर होंगे।
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डीएसओ शिवकांत पांडेय ने बताया कि जिले में बड़ी संख्या में मोटर कार, ट्रैक्टर, प्लॉट, मकान व आयकर दाताओं द्वारा राशन कार्ड के जरिए मुफ्त राशन लेने की शिकायतें मिल रही थीं। इसके आधार पर जिले भर में पात्रता की जांच कराई गई। इसमें पाया गया कि तमाम अपात्र लोग सरकारी योजना का अनुचित लाभ उठा रहे हैं। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में पूरे परिवार के लोगों की वार्षिक आय दो लाख व नगरीय क्षेत्र में तीन लाख रुपये वाले परिवार एवं सरकारी सेवारत कर्मचारियों को इस योजना के लिए अपात्र घोषित किया गया है। डीएम ने जांच में अपात्र पाए गए लोगों से लिए गए मुफ्त राशन की वसूली करने को निर्देश दिए हैं। कार्ड बनने से लेकर अब तक लिए राशन की 24 रुपये प्रति किलो गेहूं व 32 रुपये प्रति किलो चावल के हिसाब से वसूली होगी। उन्होंने बताया कि जिले में अपात्रों के स्तर से राशन कार्ड सरेंडर किए जा रहे हैं । अब तक 250 से अधिक लोग राशन कार्ड सरेंडर कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि जिले में मिले लक्ष्य को पूरा कर लिया गया है। ऐसे में तमाम पात्र लोग भी राशन कार्ड बनवाने के लिए तहसीलों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन लक्ष्य पूरा हो जाने के चलते उनके राशन कार्ड नहीं बन पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि आपूर्ति विभाग गांव-गांव जाकर शिविर लगाकर पात्रों का चयन करेगा और सूची में दर्ज अपात्रों के नाम भौतिक सत्यापन के बाद बाहर होंगे।
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