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एससी-एसटी एक्ट लगवा कर बन गए लखपति
अभिषेक शर्मा
Updated Sun, 15 Jan 2017 02:32 AM IST
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प्रदेश में विधानसभा चुनाव जारी है। पार्टियों के चुनावी वादे सामने आ रहे हैं। कुछ दिन पहले ही बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि अगर बसपा सरकार बनी तो इस बार एससी-एसटी एक्ट का दुरुपयोग नहीं होगा। हकीकत में अब तक इस एक्ट का दुरुपयोग नहीं रुक रहा है। ऐसा ही ताजा मामला खुद एसएसपी राजेश पांडेय ने पकड़ा है। यहां इगलास के हस्तपुर का एक दलित इस एक्ट का लाभ लेकर अब तक कई लाख रुपये मुआवजा वसूल चुका है।
गुजरी 5 मई 2016 को हस्तपुर इगलास निवासी विष्णु की तरफ से मारपीट और एससीएसटी एक्ट का मुकदमा इगलास कोतवाली में दर्ज कराया गया। जब पुलिस कार्रवाई नहीं हुई तो विष्णु की पत्नी रूबी के ने इसकी शिकायत एससी एसटी आयोग को कर दी।
आयोग ने सुनवाई की और एसएसपी अलीगढ़ से जवाब तलब हुआ। एसएसपी ने इस मामले की स्क्रूटनी कराई तो जो कुछ सामने आया वह चौंका देने वाला था। पता चला कि एससी-एसटी एक्ट के मुकदमे दर्ज करा कर मुआवजा कमाना विष्णु और उसके परिवार वालों का पेशा बन गया है।
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अब तक विष्णु दस मुकदमे दर्ज करा कर लगभग तीन लाख 6100 रुपये वसूल चुका है। एसएसपी ने इसकी पूरी रिपोर्ट एससी एसटी आयोग को भेजी है, अब आयोग के निर्देश का इंतजार है। खास बात ये है कि विष्णु ने अब ग्यारहवां मुकदमा दर्ज कराने के लिए इगलास कोतवाली में अब एक और प्रार्थना पत्र दे दिया है।
मुआवजे के लिए दर्ज हुए मुकदमों की फेहरिस्त
वर्ष 2010 में विष्णु की तरफ से दर्ज कराए लूट के मुकदमे में 6200-6200 के रुपये के दो मुआवजे मिले।
वर्ष 2012 में विष्णु की मां चंद्रवती की ओर से लिखवाये गये मुकदमे के मुआवजे में 6200 रुपये मिले हैं।
वर्ष 2013 में विष्णु ने मुकदमा लिखवाया, जिसमें 1 लाख 52 हजार 500 रुपये मुआवजे के रूप में मिले।
वर्ष 2013 में विष्णु की मां चंद्रवती द्वारा दर्ज मुकदमे में 15-15 हजार रुपये मुआवजा दोे सदस्यों को मिला।
वर्ष 2014 में विष्णु के पिता चंद्रपाल ने मुकदमा लिखवाया, जिसमें दो लोगों को 15-15 हजार रुपये मिले।
वर्ष 2015 में फिर विष्णु ने एक और मुकदमा लिखवाया जिसमें 30 हजार रुपये का भी मुआवजा मिला है।
वर्ष 2015 में विष्णु की बहन हस्ती देवी ने यह मुकदमा लिखवाया तो 15 हजार रुपये का मुआवजा मिला।
वर्ष 2015 में विष्णु की बहन ने फिर मुकदमा लिखवाया, जिसमें 15-15 हजार रुपये के दो मुआवजे मिले।
वर्ष 2016 में विष्णु की पत्नी रूबी ने एक मुकदमा और लिखवाया, जिसे दौरान जांच खारिज कर दिया गया।
वर्ष 2016 में विष्णु की पत्नी रूबी द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र पर एक अन्य मुद्कमा अभी तक लंबित पड़ा है।
विष्णु और परिजन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराते और मुआवजा वसूलते हैं। आयोग को इसकी पूरी रिपोर्ट दे दी है। अब वहां से होने वाली कार्रवाई का इंतजार है। पुलिस भी इसमें कार्रवाई करेगी। जिससे कोई अन्य इस तरह से किसी एक्ट का दुरुपयोग न कर सके।
- राजेश पांडेय, एसएसपी अलीगढ़
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गुजरी 5 मई 2016 को हस्तपुर इगलास निवासी विष्णु की तरफ से मारपीट और एससीएसटी एक्ट का मुकदमा इगलास कोतवाली में दर्ज कराया गया। जब पुलिस कार्रवाई नहीं हुई तो विष्णु की पत्नी रूबी के ने इसकी शिकायत एससी एसटी आयोग को कर दी।
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आयोग ने सुनवाई की और एसएसपी अलीगढ़ से जवाब तलब हुआ। एसएसपी ने इस मामले की स्क्रूटनी कराई तो जो कुछ सामने आया वह चौंका देने वाला था। पता चला कि एससी-एसटी एक्ट के मुकदमे दर्ज करा कर मुआवजा कमाना विष्णु और उसके परिवार वालों का पेशा बन गया है।
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अब तक विष्णु दस मुकदमे दर्ज करा कर लगभग तीन लाख 6100 रुपये वसूल चुका है। एसएसपी ने इसकी पूरी रिपोर्ट एससी एसटी आयोग को भेजी है, अब आयोग के निर्देश का इंतजार है। खास बात ये है कि विष्णु ने अब ग्यारहवां मुकदमा दर्ज कराने के लिए इगलास कोतवाली में अब एक और प्रार्थना पत्र दे दिया है।
मुआवजे के लिए दर्ज हुए मुकदमों की फेहरिस्त
वर्ष 2010 में विष्णु की तरफ से दर्ज कराए लूट के मुकदमे में 6200-6200 के रुपये के दो मुआवजे मिले।
वर्ष 2012 में विष्णु की मां चंद्रवती की ओर से लिखवाये गये मुकदमे के मुआवजे में 6200 रुपये मिले हैं।
वर्ष 2013 में विष्णु ने मुकदमा लिखवाया, जिसमें 1 लाख 52 हजार 500 रुपये मुआवजे के रूप में मिले।
वर्ष 2013 में विष्णु की मां चंद्रवती द्वारा दर्ज मुकदमे में 15-15 हजार रुपये मुआवजा दोे सदस्यों को मिला।
वर्ष 2014 में विष्णु के पिता चंद्रपाल ने मुकदमा लिखवाया, जिसमें दो लोगों को 15-15 हजार रुपये मिले।
वर्ष 2015 में फिर विष्णु ने एक और मुकदमा लिखवाया जिसमें 30 हजार रुपये का भी मुआवजा मिला है।
वर्ष 2015 में विष्णु की बहन हस्ती देवी ने यह मुकदमा लिखवाया तो 15 हजार रुपये का मुआवजा मिला।
वर्ष 2015 में विष्णु की बहन ने फिर मुकदमा लिखवाया, जिसमें 15-15 हजार रुपये के दो मुआवजे मिले।
वर्ष 2016 में विष्णु की पत्नी रूबी ने एक मुकदमा और लिखवाया, जिसे दौरान जांच खारिज कर दिया गया।
वर्ष 2016 में विष्णु की पत्नी रूबी द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र पर एक अन्य मुद्कमा अभी तक लंबित पड़ा है।
विष्णु और परिजन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराते और मुआवजा वसूलते हैं। आयोग को इसकी पूरी रिपोर्ट दे दी है। अब वहां से होने वाली कार्रवाई का इंतजार है। पुलिस भी इसमें कार्रवाई करेगी। जिससे कोई अन्य इस तरह से किसी एक्ट का दुरुपयोग न कर सके।
- राजेश पांडेय, एसएसपी अलीगढ़