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अलीगढ़ः संजीव चौधरी हत्याकांड में कालू ने की सजा के खिलाफ अपील
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डीएस कॉलेज में हुए बहुचर्चित संजीव चौधरी हत्याकांड में तीन आरोपियों संजीव रॉबी, राघवेंद्र सिंह कालू व योगेश ग्वालरा को उम्रकैद के फैसले के खिलाफ आरोपियों ने हाईकोर्ट का रुख कर लिया है। सबसे पहले इस मामले में राघवेंद्र सिंह कालू की ओर से हाईकोर्ट में अपील की गई है। यह अपील तीन दिन पहले दायर की गई है। अन्य दोनों आरोपियों की ओर से भी तैयारी की जा रही है। आने वाले सप्ताह में उनके स्तर से भी सजा के फैसले के खिलाफ अपील की तैयारी है।
डीएस कॉलेज में 27 अप्रैल 2002 की सुबह दिनदहाड़े मूल रूप से उसरह टप्पल, वर्तमान में प्रेस कॉलोनी निवासी संजीव चौधरी की उस समय हत्या कर दी गई थी, जब वह बीए तृतीय वर्ष की परीक्षा देने कॉलेज गए थे। उनके अधिवक्ता पिता बलवीर सिंह ने मुकदमा दर्ज कराया था कि उन्होंने जैसे ही बेटे को कॉलेज के गेट पर अपनी कार से छोड़ा और वह परीक्षा देने कॉलेज में प्रवेश कर रहा था, तभी नामजदों ने उन पर फायरिंग कर दी, जिससे संजीव की मौके पर मौत हो गई। आरोप है कि उनका बेटा कुछ लोगों की साझेदारी में रामघाट रोड पर राज विहार कॉलोनी में प्लाटिंग कर रहा था। नामजद हमलावर इस पर एतराज जता रहे थे। इसी विवाद में उसकी हत्या हरदुआगंज के कलाई के संजीव उर्फ रॉबी, राघवेंद्र सिंह कालू, ग्वालरा के योगेश ने हत्या कर दी। इस मामले में सत्र न्यायालय में साक्ष्यों व गवाही के आधार पर 24 सितंबर को तीनों आरोपियों को उम्रकैद व 20-20 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया गया।
नियमानुसार सजा संबंधी किसी भी फैसले के खिलाफ बचाव पक्ष को 90 दिन में हाईकोर्ट में अपील करने का अधिकार होता है। इसी के तहत राघवेंद्र सिंह कालू पक्ष की ओर से इस फैसले के खिलाफ अपील दायर की गई है। कालू के अधिवक्ता कौशल बघेल के अनुसार उन्होंने हाईकोर्ट में अधिवक्ता की मदद से तीन दिन पहले अपील दायर कराई है, जिसमें हमारा यही अनुरोध है कि हमें मुकदमे में गलत फंसाया गया और सत्र न्यायालय ने बिना पक्ष सुने हमें सजा सुनाई है। इस सजा आदेश को खारिज किया जाए। इधर, रॉबी व योगेश पक्ष के अधिवक्ता पूर्व बार अध्यक्ष कैलाश बाबू गुप्ता ने बताया कि उनकी ओर से भी अपील दायर करने की तैयारी पूरी है। संकेत हैं कि आने वाले सप्ताह में अपील दायर कर दी जाएगी। बता दें कि छात्र गुटों की अदावत में यह हत्या हुई थी।
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डीएस कॉलेज में 27 अप्रैल 2002 की सुबह दिनदहाड़े मूल रूप से उसरह टप्पल, वर्तमान में प्रेस कॉलोनी निवासी संजीव चौधरी की उस समय हत्या कर दी गई थी, जब वह बीए तृतीय वर्ष की परीक्षा देने कॉलेज गए थे। उनके अधिवक्ता पिता बलवीर सिंह ने मुकदमा दर्ज कराया था कि उन्होंने जैसे ही बेटे को कॉलेज के गेट पर अपनी कार से छोड़ा और वह परीक्षा देने कॉलेज में प्रवेश कर रहा था, तभी नामजदों ने उन पर फायरिंग कर दी, जिससे संजीव की मौके पर मौत हो गई। आरोप है कि उनका बेटा कुछ लोगों की साझेदारी में रामघाट रोड पर राज विहार कॉलोनी में प्लाटिंग कर रहा था। नामजद हमलावर इस पर एतराज जता रहे थे। इसी विवाद में उसकी हत्या हरदुआगंज के कलाई के संजीव उर्फ रॉबी, राघवेंद्र सिंह कालू, ग्वालरा के योगेश ने हत्या कर दी। इस मामले में सत्र न्यायालय में साक्ष्यों व गवाही के आधार पर 24 सितंबर को तीनों आरोपियों को उम्रकैद व 20-20 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया गया।
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नियमानुसार सजा संबंधी किसी भी फैसले के खिलाफ बचाव पक्ष को 90 दिन में हाईकोर्ट में अपील करने का अधिकार होता है। इसी के तहत राघवेंद्र सिंह कालू पक्ष की ओर से इस फैसले के खिलाफ अपील दायर की गई है। कालू के अधिवक्ता कौशल बघेल के अनुसार उन्होंने हाईकोर्ट में अधिवक्ता की मदद से तीन दिन पहले अपील दायर कराई है, जिसमें हमारा यही अनुरोध है कि हमें मुकदमे में गलत फंसाया गया और सत्र न्यायालय ने बिना पक्ष सुने हमें सजा सुनाई है। इस सजा आदेश को खारिज किया जाए। इधर, रॉबी व योगेश पक्ष के अधिवक्ता पूर्व बार अध्यक्ष कैलाश बाबू गुप्ता ने बताया कि उनकी ओर से भी अपील दायर करने की तैयारी पूरी है। संकेत हैं कि आने वाले सप्ताह में अपील दायर कर दी जाएगी। बता दें कि छात्र गुटों की अदावत में यह हत्या हुई थी।
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