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संदीप हत्याकांडः ट्यूशन से बुलाया था तीनों किशोरों को, 250 रुपये देकर कराई रेकी
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अलीगंज के लॉजिस्टिक व सीमेंट कारोबारी संदीप हत्याकांड में रेकी के आरोप में हिरासत में लिए गए तीनों किशोर रविवार को बाल सुधार गृह आगरा भेज दिए गए। खास बात यह है कि इन तीनों को ट्यूशन पढ़ते समय फोन कर बुलाया गया था और मात्र ढाई सौ रुपये देकर घंटों की रेकी कराई। ये तीनों सीसीटीवी में जेल पुल के बाद सेंटर प्वाइंट के रास्ते कावेरी अपार्टमेंट तक संदीप के पीछे रहे और फिर घटनास्थल की ओर भी गए। मगर, उन्हें इस हत्या के विषय में हत्या होने तक पता नहीं था।
27 दिसंबर की देर शाम अलीगंज के सीमेंट कारोबारी संदीप गुप्ता की गांधी आई तिराहा पर हत्या कर दी गई थी। इस हत्या का खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया कि रिश्ते के दामाद अंकुश अग्रवाल व उसके ट्रांसपोर्टर पिता राजीव अग्रवाल ने साजिश रचकर हत्या कराई। हत्या के वक्त रेकी व शूटरों की कार को गाइड करते समय अंकुश अपने दोस्त दुष्यंत, एटा चुंगी के साहिल व तीन-चार अन्य लोगों के साथ मौजूद था। इसी तलाश में एक बाइक कैद पाई गई, जिसके सहारे धनीपुर इलाके के तीन किशोर शनिवार को पकड़े गए। इन तीनों ने स्वीकारा कि उन्हें साहिल ने संदीप की कार की रेकी के लिए बुलाया था। उन्हें ये नहीं बताया था कि हत्या होनी है। वे जेल पुल तक पीछे रहे। इसके बाद कावेरी अपार्टमेंट तक आए और फिर रामघाट रोड पर घटनास्थल की ओर गए। मगर आगे निकल गए थे। उन्होंने स्वीकार किया है कि तीनों में से दो दोपहर में ट्यूशन पढ़ रहे थे। तभी साहिल ने फोन करके बुलाया। रेकी के लिए कहते हुए गाड़ी नंबर व कलर बताया। साथ में 250 रुपये दिए, जिसमें से 50 रुपये पेट्रोल के लिए और 200 रुपये नाश्ता पानी के खर्च के लिए दिए थे। बाकी कुछ नहीं बताया था। मगर हत्या की खबर मिलने के बाद वे डर गए थे। सीओ तृतीय श्वेताभ पांडेय के अनुसार तीनों चूंकि किशोर है। इसलिए तीनों को रिमांड मजिस्ट्रेट के समक्ष पेशी के बाद बाल सुधार गृह भेज दिया गया है।
मुख्य आरोपियों की तलाश में जुटी टीमें खाली हाथ
इस हत्याकांड के मुख्य आरोपियों के रूप में अब तक चिह्नित हुए अंकुश अग्रवाल, दुष्यंत चौधरी, साहिल यादव के अलावा उनके दो तीन अन्य साथी अभी तक फरार हैं। इन सभी के विषय में अब तक यही इनपुट हैं कि ये गोवा, पंजाब या हरियाणा हो सकते हैं। इसको लेकर टीमें वहां डेरा डाले हैं। मगर, रविवार शाम तक कोई महत्वपूर्ण सुराग नहीं लगा था। एक टीम को सोमवार को भी रवाना करने की तैयारी है। कुछ तथ्यों पर पुलिस काम कर रही है। उम्मीद है कि उन तथ्यों के आधार पर टीम को सोमवार को कोई लाइन मिल रही है और उसे रवाना किया जाएगा।
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सर्विलांस-सीसीटीवी पर लगातार चल रहा अध्ययन
पुलिस टीमों को इस हत्याकांड के खुलासे में जैसे-जैसे सर्विलांस व सीसीटीवी की मदद से सफलता हाथ लग रही है। उसे देखते हुए टीम लगातार सर्विलांस व सीसीटीवी की मदद से इन फरारों की तलाश में अध्ययन कर रही है ताकि कोई महत्वपूर्ण क्लू मिल सके। प्रयास किए जा रहे हैं कि आरोपी कोई तकनीकी गलती करें और सर्विलांस से कोई क्लू मिले।
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27 दिसंबर की देर शाम अलीगंज के सीमेंट कारोबारी संदीप गुप्ता की गांधी आई तिराहा पर हत्या कर दी गई थी। इस हत्या का खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया कि रिश्ते के दामाद अंकुश अग्रवाल व उसके ट्रांसपोर्टर पिता राजीव अग्रवाल ने साजिश रचकर हत्या कराई। हत्या के वक्त रेकी व शूटरों की कार को गाइड करते समय अंकुश अपने दोस्त दुष्यंत, एटा चुंगी के साहिल व तीन-चार अन्य लोगों के साथ मौजूद था। इसी तलाश में एक बाइक कैद पाई गई, जिसके सहारे धनीपुर इलाके के तीन किशोर शनिवार को पकड़े गए। इन तीनों ने स्वीकारा कि उन्हें साहिल ने संदीप की कार की रेकी के लिए बुलाया था। उन्हें ये नहीं बताया था कि हत्या होनी है। वे जेल पुल तक पीछे रहे। इसके बाद कावेरी अपार्टमेंट तक आए और फिर रामघाट रोड पर घटनास्थल की ओर गए। मगर आगे निकल गए थे। उन्होंने स्वीकार किया है कि तीनों में से दो दोपहर में ट्यूशन पढ़ रहे थे। तभी साहिल ने फोन करके बुलाया। रेकी के लिए कहते हुए गाड़ी नंबर व कलर बताया। साथ में 250 रुपये दिए, जिसमें से 50 रुपये पेट्रोल के लिए और 200 रुपये नाश्ता पानी के खर्च के लिए दिए थे। बाकी कुछ नहीं बताया था। मगर हत्या की खबर मिलने के बाद वे डर गए थे। सीओ तृतीय श्वेताभ पांडेय के अनुसार तीनों चूंकि किशोर है। इसलिए तीनों को रिमांड मजिस्ट्रेट के समक्ष पेशी के बाद बाल सुधार गृह भेज दिया गया है।
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मुख्य आरोपियों की तलाश में जुटी टीमें खाली हाथ
इस हत्याकांड के मुख्य आरोपियों के रूप में अब तक चिह्नित हुए अंकुश अग्रवाल, दुष्यंत चौधरी, साहिल यादव के अलावा उनके दो तीन अन्य साथी अभी तक फरार हैं। इन सभी के विषय में अब तक यही इनपुट हैं कि ये गोवा, पंजाब या हरियाणा हो सकते हैं। इसको लेकर टीमें वहां डेरा डाले हैं। मगर, रविवार शाम तक कोई महत्वपूर्ण सुराग नहीं लगा था। एक टीम को सोमवार को भी रवाना करने की तैयारी है। कुछ तथ्यों पर पुलिस काम कर रही है। उम्मीद है कि उन तथ्यों के आधार पर टीम को सोमवार को कोई लाइन मिल रही है और उसे रवाना किया जाएगा।
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सर्विलांस-सीसीटीवी पर लगातार चल रहा अध्ययन
पुलिस टीमों को इस हत्याकांड के खुलासे में जैसे-जैसे सर्विलांस व सीसीटीवी की मदद से सफलता हाथ लग रही है। उसे देखते हुए टीम लगातार सर्विलांस व सीसीटीवी की मदद से इन फरारों की तलाश में अध्ययन कर रही है ताकि कोई महत्वपूर्ण क्लू मिल सके। प्रयास किए जा रहे हैं कि आरोपी कोई तकनीकी गलती करें और सर्विलांस से कोई क्लू मिले।