Russia Ukraine Tension: यूक्रेन में फंसे उत्तर प्रदेश के 45 एमबीबीएस विद्यार्थी
यूक्रेन में फंसी फाल्गुनी धीरज की मां काजल धीरज ने बताया कि तीन दिन पहले ही यूक्रेन छोड़ने का फरमान सुना दिया था, लेकिन भारतीय दूतावास ने स्थिति को गंभीरतापूर्व नहीं लिया। दूतावास ने भारत सरकार को सही समय पर इस भयावह स्थिति की जानकारी नहीं दी।
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जिले के 45 एमबीबीएस के विद्यार्थी यूक्रेन में फंसे है। विद्यार्थियों के परिजनों ने बुधवार को डीएम और कमिश्नर से मुलाकात करके यूक्रेन में फंसे बच्चों को वापस लाने की मांग की है। यह विद्यार्थी यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं। परिजनों ने फंसे विद्यार्थियों को एअरलिफ्ट कराने की मांग सरकार से की है।
यूक्रेन में फंसी फाल्गुनी धीरज की मां काजल धीरज ने बताया कि तीन दिन पहले ही यूक्रेन छोड़ने का फरमान सुना दिया था, लेकिन भारतीय दूतावास ने स्थिति को गंभीरतापूर्वक नहीं लिया। यूक्रेन में स्थित भारतीय दूतावास ने भारत सरकार को सही समय पर इस भयावह स्थिति की जानकारी नहीं दी। यूक्रेन में फंसे छात्रों के कारण अलीगढ़ में उनके परिजन काफी चिंतित हैं।
छात्रा नियम रशीद के पिता शेख रशीद ने बताया कि यूक्रेन से भारत आने वाली हवाई सेवा निरस्त है। हवाई यात्रा के जहां 22 हजार रुपये लगते थे, अब डेढ़ लाख से दो लाख रुपये लिए जा रहे हैं। अलीगढ़ के रहने वाले भारतीय छात्र परेशान है और प्रधानमंत्री व विदेश मंत्री के साथ ही दूतावस को मेल, ट्वीट कर रहे हैं।
डीएम को दिया पीएम के नाम ज्ञापन
उन्होंने बताया कि वे अध्ययनरत छात्रों की शिक्षा व खासकर उनकी सुरक्षा को लेकर देश के प्रधानमंत्री के नाम सम्बोधित प्रतिवेदन अलीगढ़ जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी को दे चुके हैं। यूक्रेन से सुरक्षित निकलने के लिए प्रधानमंत्री को मेल किया गया है। अलीगढ़ में रह रहे परिवार यूक्रेन में मेडिकल की शिक्षा ग्रहण कर रहे अपने बच्चों से संपर्क में है, लेकिन युद्ध की स्थिति में यह संपर्क टूट सकता है।
कोविड 19 की वजह से भी छात्रों की शिक्षा पर खासा प्रभाव पड़ा है. वहीं, यूक्रेन में युद्ध के हालात पर वहां इंडियन एम्बेसी द्वारा भारतीय छात्रों को अचानक 15 फरवरी को यूक्रेन छोड़ने की एडवाइजरी जारी करने से परिवार गहरी पशोपेश में है। यूक्रेन में युद्ध संकट की वजह से वहां से दिल्ली/भारत की वापसी की फ्लाइट का किराया भी डेढ़ लाख से दो लाख रुपयों तक प्रति यात्री लिया जा रहा है, जबकि नॉर्मल समय में ये किराया 22-23 हजार रुपया होता है।