फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   Rishi-Muni and Anil-Sudhir were saved in police investigation

अलीगढ़ शराब कांडः पुलिस विवेचना में ही बच जाते थे ऋषि-मुनि और अनिल-सुधीर

Tue, 01 Jun 2021 01:01 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 01 Jun 2021 01:01 AM IST
विज्ञापन
Rishi-Muni and Anil-Sudhir were saved  in police investigation
सरकारी शराब ठेकों से बिकी जहरीली शराब ने लगभग 84 लोगों को हमेशा के लिए मौत की नींद दे दी है। पोस्टमार्टम हाउस में चार दिन से लाशों का आना बदस्तूर जारी है। गांव गांव कोहराम मचा है। वहीं इस कांड में मुख्य आरोपी भाजपा नेता ऋषि-मुनि शर्मा, रालोद नेता अनिल चौधरी-सुधीर चौधरी के पिछले अपराधों पर नजर डालें तो उनको हर बार विवेचना तक ही शामिल किया और उसके बाद नाम निकाल दिया जाता था। इसीलिए इन दोनों का हौसला इतना बढ़ गया कि ये लोग मौत ही बेचने लग गए।
विज्ञापन

भाजपा नेता ऋषि की सरकारी ठेके की शराब की दुकान में गैर प्रांत की शराब बरामद होना कोई नई बात नहीं रही। अक्सर इसकी शिकायतें हुई और वह बहुत आसानी से इससे बचते रहे। जवां थाने में दर्ज अपराध संख्या 328/2014 के तहत दर्ज मुकदमे के तहत उनकी साथा स्थित लाइसेंसी शराब दुकान से 152 नकली देशी शराब, 18 पेटी हैवडर्स बीयर हरियाणा की बरामद हुई। आबकारी विभाग ने दुकान को सील किया। पुलिस ने मामले में लाइसेंसी ऋषि शर्मा व सेल्समैन को आरोपी बनाया लेकिन विवेचना में ऋषि का नाम निकल गया। दुकान की सील भी खुल गई। इसके बाद नौ फरवरी 2012 को थाना जवां क्षेत्र के अंतर्गत जवां ब्लॉक कार्यालय के आगे मैरिज होम पर पुलिस व आबकारी विभाग की टीम ने छापा मारा था
विज्ञापन

। जहां अवैध शराब फैक्ट्री चल रही थी। यहां भारी मात्री में लेवल, होलोग्रोम, क्वार्टर व अन्य माल बरामद हुआ था। इस मामले में ऋषि शर्मा व मुनि शर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। जिसमें इरफान, आबिद अली, शिव सिंह, शिवा भी आरोपी थे। इस मुकदमे की विवेचना से ऋषि-मुनि का नाम निकाल दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

शराब कांड के तीसरे मुख्य आरोपी अनिल चौधरी ने अपने भाई सुधीर चौधरी के सात वर्ष 2000 में शराब के कारोबार में कदम बढ़ाया था। ये दोनों भाई आबकारी अधिकारी को रिश्वत कांड में फंसाने को लेकर चर्चा में आए थे। इसके बाद अवैध शराब के मुकदमों में घिरने पर तत्कालीन पुलिस प्रशासन की कृपा प्राप्त हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed