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अलीगढ़ : बैनामा प्रकरण में हाईकोर्ट में जवाब दाखिल
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राजा महेंद्र प्रताप सिंह के वंशज द्वारा किए गए बैनामे पर लगी आपत्ति के मामले में प्रशासन की ओर से बृहस्पतिवार को हाईकोर्ट में जवाब दाखिल किया गया है।
एएमयू सिटी स्कूल के पास खेल मैदान (तिकोना) में 12 हजार वर्ग मीटर जमीन में से राजा महेंद्र प्रताप सिंह के प्रपौत्र चरत प्रताप सिंह ने 6281 वर्ग मीटर जमीन का करीब नौ करोड़ रुपये में सौदा तय कर 11 अप्रैल को रामघाट रोड स्थित माहेश्वरी सदन सिटी एन्क्लेव निवासी नीरज माहेश्वरी व सूर्य सरोवर निवासी अनुराग सिंह के नाम बैनामा कर दिया था।
निबंधन कार्यालय में 68.34 लाख रुपये का स्टांप शुल्क भी जमा कराया गया था। इस बैनामे के दाखिल खारिज होने पर तहसील कोल प्रशासन ने आपत्ति लगा दी। इस पर चरत प्रताप सिंह हाईकोर्ट चले गए। हाईकोर्ट से इस मामले में तहसील प्रशासन से जवाब मांगा गया। तहसीलदार कोल डॉ. गजेंद्रपाल सिंह ने बताया कि तिकोना की जमीन पर पूर्व में ही मंडलायुक्त की ओर से यथा स्थिति बनाए रखने का आदेश जारी किया गया था। तहसील कोल के अभिलेखागार से कुछ दस्तावेज गायब हो गए थे। इनमें राजा महेंद्र प्रताप सिंह के जमीन से जुड़े दस्तावेज भी थे। जमीन की खरीद-फरोख्त पर कमिश्नर ने रोक लगा दी थी। उन्होंने बताया कि सारे तथ्यों को हाईकोर्ट में प्रस्तुत कर प्रशासन का पक्ष मजबूती से रखा गया है।
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एएमयू सिटी स्कूल के पास खेल मैदान (तिकोना) में 12 हजार वर्ग मीटर जमीन में से राजा महेंद्र प्रताप सिंह के प्रपौत्र चरत प्रताप सिंह ने 6281 वर्ग मीटर जमीन का करीब नौ करोड़ रुपये में सौदा तय कर 11 अप्रैल को रामघाट रोड स्थित माहेश्वरी सदन सिटी एन्क्लेव निवासी नीरज माहेश्वरी व सूर्य सरोवर निवासी अनुराग सिंह के नाम बैनामा कर दिया था।
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निबंधन कार्यालय में 68.34 लाख रुपये का स्टांप शुल्क भी जमा कराया गया था। इस बैनामे के दाखिल खारिज होने पर तहसील कोल प्रशासन ने आपत्ति लगा दी। इस पर चरत प्रताप सिंह हाईकोर्ट चले गए। हाईकोर्ट से इस मामले में तहसील प्रशासन से जवाब मांगा गया। तहसीलदार कोल डॉ. गजेंद्रपाल सिंह ने बताया कि तिकोना की जमीन पर पूर्व में ही मंडलायुक्त की ओर से यथा स्थिति बनाए रखने का आदेश जारी किया गया था। तहसील कोल के अभिलेखागार से कुछ दस्तावेज गायब हो गए थे। इनमें राजा महेंद्र प्रताप सिंह के जमीन से जुड़े दस्तावेज भी थे। जमीन की खरीद-फरोख्त पर कमिश्नर ने रोक लगा दी थी। उन्होंने बताया कि सारे तथ्यों को हाईकोर्ट में प्रस्तुत कर प्रशासन का पक्ष मजबूती से रखा गया है।
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