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टेक्नोलॉजी युग में उपन्यास विद्या की प्रासंगिकता कायम : वजाहत
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प्रसिद्ध कथाकार व साहित्यकार प्रोफेसर असगर वजाहत ने कहा कि आज इंटरनेट, मोबाइल और ट्विटर के युग में उपन्यास विद्या की प्रासंगिकता बनी हुई है। उन्होंने कहा कि इंटरनेट और मोबाइल केवल सूचनाएं प्रदान करते हैं, जबकि मनुष्य अपनी संवेदना को विस्तार देने के लिए उन सूचनाओं की बारीकी में जाता है।
मंगलवार को वह एएमयू के हिंदी विभाग की ओर से आयोजित ‘संवाद : अपने लेखक से मिलिए’ विषय पर बोल रहे थे। उन्होेंने कहा कि वक्ता पर अक्सर मनोरंजन करने का दबाव भी रहता है, जिसका कारण यह है कि श्रोता की दिलचस्पी सुनने में बनी रहे और उसको जोड़ना आवश्यक होता है, लेकिन वक्ता को संतुलन बनाए रखना चाहिए।
प्रो. वजाहत ने अपने नाटक महाबली की नाट्य योजना के बारे में जानकारी दी। कहानियों, यात्रा वृतान्त और अनुवाद आदि से संबंधित पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दिए। हिंदी विभाग के अध्यक्ष प्रो. मोहम्मद आशिक अली ने कहा कि विद्यार्थियों में साहित्यिक रुचि जगाने के लिए उनको प्रेरित करने और उनके भीतर रचनात्मक कौशल को पैदा करने के लिए इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। संचालन प्रो. शंभुनाथ ने किया। इस अवसर पर प्रो. अब्दुल अलीम, प्रो. तस्नीम सुहैल, प्रो. मेराज अहमद, प्रो. वेद प्रकाश, प्रो. एम शाहुल हमीद, प्रो. देवेंद्र कुमार गुप्ता, डॉ. शगुफ्ता नियाज, डॉ दीपशिखा सिंह आदि मौजूद रहे।
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मंगलवार को वह एएमयू के हिंदी विभाग की ओर से आयोजित ‘संवाद : अपने लेखक से मिलिए’ विषय पर बोल रहे थे। उन्होेंने कहा कि वक्ता पर अक्सर मनोरंजन करने का दबाव भी रहता है, जिसका कारण यह है कि श्रोता की दिलचस्पी सुनने में बनी रहे और उसको जोड़ना आवश्यक होता है, लेकिन वक्ता को संतुलन बनाए रखना चाहिए।
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प्रो. वजाहत ने अपने नाटक महाबली की नाट्य योजना के बारे में जानकारी दी। कहानियों, यात्रा वृतान्त और अनुवाद आदि से संबंधित पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दिए। हिंदी विभाग के अध्यक्ष प्रो. मोहम्मद आशिक अली ने कहा कि विद्यार्थियों में साहित्यिक रुचि जगाने के लिए उनको प्रेरित करने और उनके भीतर रचनात्मक कौशल को पैदा करने के लिए इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। संचालन प्रो. शंभुनाथ ने किया। इस अवसर पर प्रो. अब्दुल अलीम, प्रो. तस्नीम सुहैल, प्रो. मेराज अहमद, प्रो. वेद प्रकाश, प्रो. एम शाहुल हमीद, प्रो. देवेंद्र कुमार गुप्ता, डॉ. शगुफ्ता नियाज, डॉ दीपशिखा सिंह आदि मौजूद रहे।
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