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दुष्कर्म में जमानत पर आए युवक ने बयां किया दर्द
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डीएनए रिपोर्ट के आधार पर 26 माह बाद जेल से जमानत पर रिहा हुए बरला क्षेत्र के युवक अमित ने बृहस्पतिवार को मीडिया के सामने अपना दर्द बयां किया। इस पूरे घटनाक्रम के लिए उसने गांव के प्रधान व तत्कालीन थाना पुलिस को जिम्मेवार ठहराया। इस दौरान दीवानी पहुंचकर अपने अधिवक्ता से मुकदमे से बरी कराए जाने संबंधी प्रक्रिया पर विमर्श किया। इस मामले में 7 अप्रैल तारीख नियत है।
अमित ने मीडिया को बताया कि 23 फरवरी 2019 को उसे गंभीर आरोप में जेल भेज दिया गया, जबकि उसने कोई अपराध नहीं किया। वह खुद थाने गया था। पुलिस से निर्दोष होने का अनुरोध किया था। मगर एक न सुनी। पुलिस ग्राम प्रधान के इशारे पर काम कर रही थी। इतना ही नहीं जेल जाने के बाद जब डीएनए कराने संबंधी आदेश जनवरी 2020 में मिल गया तो उस प्रक्रिया को पूरा कराने में भी पुलिस ने जानबूझकर देरी की। इसी वजह से 26 महीने जेल में रहना पड़ गया। उसने पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों व न्यायालय से अनुरोध किया है कि उसे बेवजह 26 माह जेल में रखने वाले लोगों पर कठोर कार्रवाई हो।
साथ में उस परिवार पर भी कार्रवाई हो, जिसने झूठा आरोप लगाया है। ताकि भविष्य में इस तरह की कोई हरकत न कर सके। उसके अधिवक्ता हरिओम वार्ष्णेय ने बताया कि इस मामले में 7 अप्रैल तारीख नियत है। न्यायालय से अमित को बरी करने के संबंध में अनुरोध किया जाएगा और प्रयास होगा कि जल्द से जल्द उसे बरी कराया जा सके। इस मौके पर उसके पिता सज्जन सिंह, मां शशि, फूफा देवेंद्र, योगेंद्र, बुआ का लड़का अनिल, भूप सिंह भी मौजूद रहे।
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अमित ने मीडिया को बताया कि 23 फरवरी 2019 को उसे गंभीर आरोप में जेल भेज दिया गया, जबकि उसने कोई अपराध नहीं किया। वह खुद थाने गया था। पुलिस से निर्दोष होने का अनुरोध किया था। मगर एक न सुनी। पुलिस ग्राम प्रधान के इशारे पर काम कर रही थी। इतना ही नहीं जेल जाने के बाद जब डीएनए कराने संबंधी आदेश जनवरी 2020 में मिल गया तो उस प्रक्रिया को पूरा कराने में भी पुलिस ने जानबूझकर देरी की। इसी वजह से 26 महीने जेल में रहना पड़ गया। उसने पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों व न्यायालय से अनुरोध किया है कि उसे बेवजह 26 माह जेल में रखने वाले लोगों पर कठोर कार्रवाई हो।
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साथ में उस परिवार पर भी कार्रवाई हो, जिसने झूठा आरोप लगाया है। ताकि भविष्य में इस तरह की कोई हरकत न कर सके। उसके अधिवक्ता हरिओम वार्ष्णेय ने बताया कि इस मामले में 7 अप्रैल तारीख नियत है। न्यायालय से अमित को बरी करने के संबंध में अनुरोध किया जाएगा और प्रयास होगा कि जल्द से जल्द उसे बरी कराया जा सके। इस मौके पर उसके पिता सज्जन सिंह, मां शशि, फूफा देवेंद्र, योगेंद्र, बुआ का लड़का अनिल, भूप सिंह भी मौजूद रहे।
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