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RMPSU: दीक्षांत समारोह में 47 मेधावियों को मिला गोल्ड, खुलकर बोलीं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल

Wed, 15 Oct 2025 05:34 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: चमन शर्मा Updated Wed, 15 Oct 2025 05:34 PM IST
सार

राज्यपाल लिव-इन रिलेशनशिप व पॉक्सो एक्ट पर खुलकर बोलीं। उन्होंने कहा कि माता-पिता की अनुमति के बिना किसी के साथ रहना गलत है। यह स्वतंत्रता नहीं बल्कि स्वच्छंदता है। गलत रास्ता जेल के दरवाजे की ओर जाता है। पोक्सो एक्ट के तहत बेटियों के साथ अपराधों में पर उन्होंने चिंता जताई और कहा कि बेटियों को सुरक्षित रखना समाज की जिम्मेदारी है।
 

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Raja Mahendra Pratap Singh University second convocation
दीक्षांत समारोह को संबोधित करतीं कुलाधिपति आनंदी बेन पटेल - फोटो : सूचना विभाग

विस्तार

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि कुछ लोग नाम बदलकर आपके साथ आना और रहना चाहेंगे, इसलिए बेटियों सुरक्षित रहिए, आप सुरक्षित रहोगी तो देश बच जाएगा। उन्होंने कहा कि रात 12 बजे के बाद घर आने वाले बेटों से भी घरवालों को पूछताछ करनी चाहिए।

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राज्यपाल आनंदी बेन पटेल बुधवार को राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय के द्वितीय दीक्षांत समारोह में बतौर कुलाधिपति शामिल हुईं। उन्होंने 47 मेधावियों को स्वर्ण पदक प्रदान किए। समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने बेटियों को नसीहत दी तो साथ ही आगे बढ़ने के लिए भी प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि बेटियों को दूसरे पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। उनके जीवन में कई लोग आएंगे, लेकिन उनसे दूर रहें, जब समय आएगा, तब उत्कृष्ट जीवनसाथी मिल जाएगा।
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राज्यपाल ने कहा कि ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिसमें बेटियों ने गलती है। पॉक्सो एक्ट के तहत कई बेटियां सुधार गृह में हैं। कुछ लोगों ने उन्हें बरगलाया और अपना स्वार्थ सिद्ध कर अकेला छोड़कर चले गए। सुधार गृह में बेटियों ने बताया कि वह पिता, भाई, मामा से परेशान थीं। बेटियों ने हिम्मत करके मुकदमा दर्ज कराया और सभी जेल में हैं। 14-15 साल की बेटियां के पास बच्चे हैं।
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उन्होंने बताया कि आज बेटी और उसके बच्चे को मायके वाले और ससुरालीजन नहीं अपना रहे हैं। इस तरह की घटनाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में लिविंग इन रिलेशनशिप पर कानून बन गया है। लिविंग इन रिलेशनशिप में रहें, लेकिन माता-पिता के अनुमति से।

उन्होंने विश्वविद्यालय के भवन की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए। राज्यपाल ने अनुसंधान, कक्षाओं में 75 फीसदी विद्यार्थियों की उपस्थिति अनिवार्य, शिक्षकों द्वारा शैक्षिक योगदान देने पर जोर दिया। इस मौके पर मुख्य अतिथि आईआईटी रूड़की के निदेशक प्रो. कमल किशोर पंत, अति विशिष्ट अतिथि उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, विशिष्ट अतिथि राज्यमंत्री रजनी तिवारी ने भी विचार व्यक्त किए। इस मौके पर हाथरस सांसद अनूप प्रधान, कुलपति प्रो. एनबी सिंह, कुलसचिव वीके सिंह, परीक्षा नियंत्रक धीरेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।
 

विश्वविद्यालय में अनुसंधान के साथ अनुशासन भी जरूरी : आनंदीबेन पटेल

दीक्षांत समारोह में मेधावियों को स्वर्ण पदक प्रदान करने के बाद आरएमपीयू की कुलाधिपति व राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि यह केवल पदक नहीं, बल्कि उज्ज्वल भविष्य की प्रतिकृति है। राज्यपाल ने कहा कि जो भी काम सही ढंग से होगा, वही एक प्रथा और परंपरा बन जाएगी। विवि परिसर में अनुसंधान के साथ ही अनुशासन भी जरूरी है।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को दूसरे विश्वविद्यालयों से भी एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा रखनी है। हमें विकसित भारत बनाना है। गुणवत्ता और कल्पनाशीलता, अनुसंधान में योग्यता रखने वाले विद्यार्थियों को आगे बढ़ाने का हरसंभव प्रयास करना होगा। जब कोई नया विश्वविद्यालय शुरू होता है, तब काफी परेशानियां होती हैं। परेशानियों को दूर करने के लिए यहां मौजूद प्रदेश के शिक्षा मंत्री सहयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि तीन-चार साल के 51 हजार अंक पत्र और उपाधियों को डीजी लॉकर में अपलोड कर दिया गया है। पिछले सात साल में प्रदेश के कॉलेजों में 15 लाख डिग्रियां थीं, जिसे निशुल्क दिलाकर भ्रष्टाचार खत्म किया।


विज्ञान और कला के समन्वय से विकसित बन सकता है भारत : प्रो. पंत
दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रूड़की के निदेशक प्रो. कमल किशोर पंत ने कहा कि विज्ञान और कला का समन्वय होने पर ही देश विकसित बन सकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत में 50 प्रतिशत महिलाओं के योगदान देने को मूर्त रूप लेते हुए देखना बेहद सुखद अनुभव है।

उन्होंने पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखने और वसुधैव कुटुम्बकम के सिद्धांत को अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जब तक हम मिलजुलकर कार्य नहीं करेंगे, तब तक आगे नहीं बढ़ सकेंगे। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के गांवों में बिजली-पानी पहुंचाने की दिशा में काम होना चाहिए। नई चुनौतियों के लिए अनेक रास्ते खोजने होंगे। एमएसएमई को आधार बनाकर स्टार्टअप को अपनाना चाहिए। उन्होंने कम्युनिटी कनेक्शन और छोटे उद्योगों को गति देने की आवश्यकता पर भी बल दिया।

छात्राओं का पदक प्रदान किए गए
डिग्री का मतलब अलंकृत नहीं, जीवन में उत्कृष्टता लाएं : योगेंद्र उपाध्याय
दीक्षांत समारोह के विशिष्ट अतिथि प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि डिग्री का मतलब अलंकृत होना नहीं है। अपने जीवन में उत्कृष्टता लाएं। पद चिह्नों पर चलना आसान है, लेकिन पदचिह्न बनाना उतना ही कठिन है। उपाधियों की उपयोगिता केवल व्यक्तिगत लाभ तक सीमित नहीं है। अपने मेडल को समाज और राष्ट्र के विकास का मॉडल बनाएं।
उन्होंने कहा कि अलीगढ़ प्राचीन, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक शहर है। राजा सूरजमल के शासन के समय यह रामगढ़ के नाम से जाना जाता था। अलीगढ़ उद्योग और शिक्षा का महत्वपूर्ण केंद्र है। उन्होंने एएमयू का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राजा महेंद्र प्रताप सिंह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बने हुए हैं। पीएम मोदी ने पूर्वजों की स्मृति में विश्वविद्यालय की स्थापना की और विद्यार्थियों के लिए सीखने व सृजन का केंद्र बनाया। कुलाधिपति के मार्गदर्शन में प्रदेश में विश्वविद्यालयों की ग्रेडिंग क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि अर्जित की गई है। पहले जहां टॉप 500 में भी प्रदेश का कोई विवि नहीं था। अब टॉप 100 में प्रदेश के तीन विवि शामिल हैं। 

पदक और उपाधि मिलना गौरव का क्षण : रजनी तिवारी
दीक्षांत समारोह में विशिष्ट अतिथि प्रदेश की उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी ने कहा कि विद्यार्थियों को पदक और उपाधि मिलना छात्र-छात्राओं के साथ ही उनके अभिभावकों के लिए भी गौरव का क्षण है। दीक्षांत समारोह साधना और संस्कार का उत्सव है। आपने यहां न केवल ज्ञान अर्जित किया बल्कि समाज के प्रति अपने उत्तरदायित्वों को भी सीखा। उन्होंने कहा कि आज हम विकासशील देशों में अग्रिम पंक्ति पर हैं और विकसित देशों में शामिल होने से चंद कदम दूर हैं। प्रधानमंत्री का संकल्प है कि बेटियां घर ही नहीं देश की दिशा और दशा बदल सकतीं है। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को सफल बनाने वाली विंग कमांडर व्योमिका सिंह व ऑपरेशन लीडर सोफिया कुरैशी का जिक्र करते हुए कहा कि बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं।

75 फीसदी उपस्थिति नहीं होने पर परीक्षा से होंगे वंचित, नहीं चलेगी सिफारिश


कुलाधिपति ने कहा कि प्रतिभा को आगे बढ़ाएं, शॉर्टकट न ढ़ूंढे। गुरुजन के अनुभव का लाभ लेते हुए गुरु-शिष्य परंपरा को आगे बढ़ाएं। कक्षाओं में विद्यार्थियों की 75 फीसदी उपस्थिति अनिवार्य है। इससे कम उपस्थिति होने पर विद्यार्थी परीक्षा में नहीं बैठ पाएंगे। इसमें विधायक-सांसद, कुलपति और शिक्षकों की एक भी सिफारिश नहीं चलेगी। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में तकनीक, अनुसंधान और ज्ञान के आदान-प्रदान के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एमओयू करने पर जोर दिया।

गुजरात स्थित राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के साथ डाॅ. शकुंतला मिश्रा विश्वविद्यालय लखनऊ द्वारा एमओयू कर पाठ्यक्रमों का संचालन किया जा रहा है। उन्होंने राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय द्वारा ऑपरेशन सिंदूर के सफल क्रियान्वयन में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि जब वह यूनिवर्सिटी जाती हैं, तो प्रवेश 50 होते हैं, लेकिन कक्षा में सिर्फ 10 ही विद्यार्थी होते हैं। यह चिंतनीय है। कुलपति को आईआईटी रूड़की के साथ एमओयू साइन करने के आदेश दिए। उन्होंने शैक्षणिक भवन व अतिथिगृह का शिलान्यास किया। इस दौरान आईआईटी रूड़की के निदेशक प्रो. कमल किशोर पंत को डी.लिट प्रदान की गई।


दीक्षांत समारोह में बेटियों का दबदबा... 47 में 36 स्वर्ण पदक मिले
राजा महेंद्र प्रताप विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में स्नातक और परास्नातक वर्ग के 47 मेधावियों को स्वर्ण पदक मिले। इनमें बेटियों का दबदबा रहा। 47 में 36 स्वर्ण पदक बेटियों के गले का शोभा बना। स्वर्णिम सफलता पर बेटियों की प्रशंसा राज्यपाल, मंत्री से लेकर आईआईटी रुड़की के निदेशक ने भी की।

अतिथियों ने बी.कॉम वोकेशनल में रिंकी, बीपीईएस में जितेंद्र यादव, नाजरीन, बीएससी (वोक) जैव प्रौद्योगिकी में पारुल सिंह, बीएससी (वोक) कंप्यूटर एप्लीकेशन में तनिष्का सक्सेना, बीएससी जैव प्रौद्योगिकी में तूलिका वार्ष्णेय, बीएससी कृषि (ऑनर्स) में रजनी यादव, पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान में प्रियंका, बीए में नेहा, बीबीए में अक्षिता जैन, बी.कॉम में मोहिनी गुप्ता को स्वर्ण पदक मिले। बीसीए में शिल्पी चौहान, बीएड में उज्ज्वल शर्मा, बीएफए में नेहा वार्ष्णेय, बीपीईएस में नरेंद्र कुमार, बीएससी में दिशा, एलएलबी में साक्षी शर्मा ने स्वर्ण पदक प्रदान किया।
 एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण कार्यक्रम
एलएलएम में हिमांशु सक्सेना, एमए (संगीत वाद्य यंत्र तबला) सृष्टि कौशिक, एमए (रक्षा एवं सामरिक अध्ययन) में दीक्षा शर्मा, एमए (ड्राइंग एवं पेंटिंग) में माधुरी, एमए-अर्थशास्त्र में गौरव पाराशर, एमए-शिक्षा में गरिमा परमार, एमए-अंग्रेजी में हिमांशी जादौन, एमए-भूगोल में शोभित शर्मा, एमए-हिंदी पूनम पाल, एमए-इतिहास में नीरज वार्ष्णेय, एमए-गृह विज्ञान में मिथलेश वर्मा, एमए-राजनीति विज्ञान में रमन कुमार, एमए-मनोविज्ञान में आकाश नागर को को पदक मिले।

एमए- संस्कृत में विदुषी द्विवेदी, एमए-समाजशास्त्र में भारती, एम.कॉम. में लक्ष्मी, एमएससी जैव प्रौद्योगिकी में दिव्या सक्सेना, एमएससी-वनस्पति विज्ञान में आद्या दीक्षित, एमएससी-रसायन विज्ञान में वरुण तालान, एमएससी-कंप्यूटर साइंस में डॉली अग्रवाल, एमएससी-पर्यावरण विज्ञान में हिमाद्री सारस्वत, एमएससी-वानिकी में अविनाश पटेल, एमएससी-भूविज्ञान में अंजू सिंह, एमएससी-गणित में आयशा, एमएससी-सूक्ष्म जीव विज्ञान में पल्लवी शर्मा, एमएससी-भौतिकी में सौम्या तिवारी, एमएससी-जंतु विभाग में आकांक्षा अग्रवाल, एमएससी (कृषि) एग्रोनॉमी में निखिल चौहान, एमएससी (कृषि) बागवानी में यतेंद्र कुमार, एमएड में अंजलि गर्ग को स्वर्ण पदक प्रदान किया गया।
 

मेधावी बोले

मुझे सर्वाधिक अंक मिलने पर स्वर्ण पदक और कुलाधिपति पदक पाकर गर्व महसूस हो रहा है। - नेहा, बीए, कुसमा देवी महाविद्यालय एटा
जिस तरह से पढ़ाई की थी और परीक्षा दी थी, उससे पूरी उम्मीद थी कि स्वर्ण पदक मिलेगा। - हिमांशु सक्सेना, एलएलएम, डीएस कॉलेज, अलीगढ़
 एमए (अर्थशास्त्र) में स्वर्ण पदक मिला है। यह पदक कॅरिअर में नई दिशा देगा। पदक ने जिम्मेदारी दी है। - गगन प्रसाद, आरके एस डी कॉलेज एटा
दीक्षांत समारोह में स्वर्ण पदक मिलना गर्व का एहसास करा रहा है। पदक ने नई ऊर्जा दी है। आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली है। - मोहिनी, बीकॉम, एसवी कॉलेज, अलीगढ़
मुझे अपने कोर्स में 75 फीसदी अंक मिलने पर स्वर्ण पदक से अलंकृत किया गया है। पदक पाना अच्छा लगा है। - नरेंद्र कुमार, बीपीईएस, एस के कॉलेज एटा
 एमए (हिंदी) में स्वर्ण पदक मिलना एक उपलब्धि है। यह सम्मान अपने माता-पिता और अपने गुरुजन को समर्पित करना चाहूंगी। -पूनम पाल, डीएस कॉलेज, अलीगढ़
मंच पर राज्यपाल और अतिथियों के हाथों पदक पाना अद्भुत रहा। दीक्षांत समारोह का यह पल हमेशा अविस्मरणीय रहेगा। - नाजरीन, बीपीईस, आरजे पीजी कॉलेज, अलीगढ़
स्वर्ण पदक पाकर गर्व का अनुभव हो रहा है। मंच पर सम्मान पाना मेरे लिए एक उपलब्धि है। मुझे काफी अच्छा लगा है। -डॉली, एमएससी-कंप्यूटर साइंस, एसवी कॉलेज अलीगढ़

आरएमपीयू के भवन में दरारें देख राज्यपाल ने जताई नाराजगी

दीक्षांत समारोह के बाद राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कुलपति और शिक्षकों के साथ बैठक की। इस दौरान भवन में दरारें और निर्माण में खराब गुणवत्ता पर राज्यपाल ने भवन के ठेकेदार को जमकर खरी-खोटी सुनाई। राज्यपाल अस्थायी शिक्षकों के मानदेय पर भी नाराज दिखीं। विवि के दो अधिकारियों की अनुपस्थिति पर भी नाराजगी दिखाई। अस्थायी शिक्षकों की तनख्वाह पर वह हैरत में पड़ गईं। उन्होंने कहा कि 15 हजार रुपये में क्या भला होगा? कुलपति से कहा कि इन शिक्षकों को स्थायी करने का प्रयास किया जाए।

झलकियां
-दीक्षांत समारोह के उपलक्ष्य में बृहस्पतिवार को विवि परिसर में रहेगा अवकाश
-छात्रा नेहा को कुलाधिपति पदक समेत मिले दो स्वर्ण पदक
-अलीगढ़ व हाथरस के 500 आंगनबाड़ी केंद्रों को प्रदान की गई किट
- राज्यपाल ने डीएम अलीगढ़ संजीव रंजन व सीडीओ हाथरस पीएन दीक्षित को प्रदान की पुस्तकें
- राज्यपाल व मंत्रियों ने विश्वविद्यालय की स्मारिका का किया विमोचन
-शिक्षकों के पुस्तक न लिखने और जर्नल में न छपने पर राज्यपाल ने जताई नाराजगी
- 9 से 15 वर्ष की बालिकाओं को लगाई गई एचपीवी वैक्सीन
-राज्यपाल बोलीं- दहेज में 2400 कम कर देना, वैक्सीन जरूर लगवाएं
-राज्यपाल ने कहा कि समर्थ पोर्टल से बचा प्रदेश का 200 करोड़ रुपये
-विवि परिसर को शराब और ड्रग्स से पवित्र बनाने की सलाह
-परिषदीय विद्यालय करसुआ की छात्राओं ने दी पर्यावरण संरक्षण पर प्रस्तुति
-पर्यावरण पर नाट्य प्रस्तुति पर गीत के दौरान साउंड में आई खराबी
-विवि परिसर में लगे सीएम योगी के कट आउट के साथ लोगों ने ली सेल्फी
-पदक पाने के बाद मेधावियों ने ली खिंचवाई फोटो

सपाइयों ने दीक्षांत समारोह में किया प्रदर्शन
 राजा महेंद्र प्रताप सिंह राज्य विश्वविद्यालय में मंगलवार को आयोजित दीक्षांत समारोह के दौरान सपा छात्र सभा और मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। विरोध प्रदर्शन के बाद राज्यपाल को संबंधित ज्ञापन एसएचओ सौंपा। मौके पर महानगर अध्यक्ष मो. मोहसिन मेवाती, युथ ब्रिगेड के प्रदेश सचिव इमरान पठान, प्रदेश सचिव सौरभ कुमार वाल्मीकि, प्रदेश उपाध्यक्ष इसरार सोलंकी, महानगर उपाध्यक्ष सैय्यद दानिश अली, फैजान पठान आदि मौजूद रहे। 

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