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बारिश और शीतलहर से बढ़ी ठिठुरन
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सेंटर प्वाइंट पर बारिश में होकर गुजरते वाहन।
- फोटो : CITY OFFICE
शुक्रवार को पूरे दिन धूप नहीं निकलने, शीतलहर चलने से गलन और ठिठुरन बढ़ गई। जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ। लोग अलाव और हीटर में तापते रहे। बाजारों में भी भीड़ कम रही। जुमे की नमाज के बाद भी लोग अपने अपने घरों की ओर रवाना हो गए। शनिवार और रविवार का अवकाश होने के कारण सरकारी दफ्तरों में भी कामकाज अपेक्षाकृत कम ही हुआ।
एएमयू के भूगोल विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर अतीक अहमद सिद्दीकी ने बताया कि आगामी 15 जनवरी तक मौसम ऐसे ही रहेगा। इसमें बड़ा परिवर्तन नहीं होगा। ऐसे में लोगों को खुद सर्दी का ख्याल रखना चाहिए। 16 जनवरी से मौसम में आंशिक परिवर्तन देखने में आएगा। इधर, बढ़ी हुई सर्दी के कारण जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह के निर्देश पर बीएसए डा. लक्ष्मीकांत पांडेय ने सभी कहा है कि आठवीं कक्षा तक के सभी स्कूलों में अब सुबह दस बजे से दोपहर दो बजे तक ही नियमित कामकाज होंगे।
शुक्रवार सुबह से ही सर्दी, गलन, ठंडक और शीतलहर के कारण लोग परेशान रहे। बाजारों में भी आम दिनों की तुलना में भीड़भाड़ कम रही। शाम से ही लोग अलाव और हीटर की शरण में रहे। रैन बसेरों में भी शाम से ही निराश्रितों का पहुंचना होता रहा। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर लोगों ने एक दूसरे साथ अलाव के सहारे रात काटी। इस दौरान स्वयं सेवी संस्थाओं ने कंबल वितरण, चाय वितरण और खाना वितरण किया।
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एएमयू के भूगोल विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर अतीक अहमद सिद्दीकी ने बताया कि आगामी 15 जनवरी तक मौसम ऐसे ही रहेगा। इसमें बड़ा परिवर्तन नहीं होगा। ऐसे में लोगों को खुद सर्दी का ख्याल रखना चाहिए। 16 जनवरी से मौसम में आंशिक परिवर्तन देखने में आएगा। इधर, बढ़ी हुई सर्दी के कारण जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह के निर्देश पर बीएसए डा. लक्ष्मीकांत पांडेय ने सभी कहा है कि आठवीं कक्षा तक के सभी स्कूलों में अब सुबह दस बजे से दोपहर दो बजे तक ही नियमित कामकाज होंगे।
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शुक्रवार सुबह से ही सर्दी, गलन, ठंडक और शीतलहर के कारण लोग परेशान रहे। बाजारों में भी आम दिनों की तुलना में भीड़भाड़ कम रही। शाम से ही लोग अलाव और हीटर की शरण में रहे। रैन बसेरों में भी शाम से ही निराश्रितों का पहुंचना होता रहा। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर लोगों ने एक दूसरे साथ अलाव के सहारे रात काटी। इस दौरान स्वयं सेवी संस्थाओं ने कंबल वितरण, चाय वितरण और खाना वितरण किया।
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