{"_id":"5eaf19a88ebc3e90b43de35e","slug":"rain-in-aligarh-city-office-news-ali2328258154","type":"story","status":"publish","title_hn":"अलीगढ़ः ऐसे ही बारिश हुई तो मानसून देरी से आएगा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अलीगढ़ः ऐसे ही बारिश हुई तो मानसून देरी से आएगा
विज्ञापन
बारिश में छाता लेकर जाती महिला।
- फोटो : CITY OFFICE
ऐसे ही ़ रविवार सुबह से बादल छाये रहे। ठंडी हवा चली और रिमझिम बारिश शुरू हो गई, जो शाम तक रूक होती रही। इससे गरमी से राहत मिली, लेकिन खेतों में काम करने वाले किसानों को परेशानी हुई है। खासतौर पर भूसा उठाने में दिक्कत हुई, किसानों की चिंता है कि उनका भूसा भीग कर खराब न हो जाए। इसी तरह से मंडियों और खलिहानों में पड़ा गेहूं खराब होने की चिंता भी सता रही है।
बार बार इस बेमौसम बारिश से मानसून के लेट होने की संभावना बन रही है। एएमयू के भूगोल विभाग के चेयरमैन प्रो. अतीक अहमद सिद्दीकी ने बताया कि दक्षिण पश्चिमी विक्षोभ लगातार बन रहा है। इस विक्षोभ के कारण दक्षिण पश्चिमी समंदर से आने वाली गरम हवाएं उत्तर भारत की हिमालय रेंज की उत्तरी हवाओं से टकरा कर निचले स्तर पर बारिश का कारण बन रही है। इसी वजह से मैदानी इलाकों में बारिश हो रही है तो कुछ पहाड़ी इलाकों में जहां बादल में पानी जम रहा है वहां ओलावृष्टि का कारण बन रहा है। अगर ये हवाएं उत्तरी हवाओं से टकराए बिना पृथ्वी के ऊपरी उत्तरी गोलार्ध की ओर निकल जाती तो इस वक्त बेमौसम बारिश नहीं होती।
अगर यही सिलसिला बन रहा तो मानसून के लिए बनने वाला जरूरी दबाव नहीं बन पाएगा और जून के पहले हफ्ते में आने वाला मानसून लेट हो जाएगा। इससे आगे का मौसम समय बदल सकता है। अभी 20 मई तक ऐसे ही मौसम का पूर्वानुमान बन रहा है। इसके बाद ही कोई दूसरा परिवर्तन देखने को मिल सकता है। इधर, बारिश के बाद नगर निगम के नाला सफाई अभियान को भी झटका लगा है, जिससे कामकाज प्रभावित हुआ है। सड़कों पर कीचड़ और सिल्ट के कारण गदंगी हो गई है। जहां जहां भी नालों की सिल्ट निकाल कर उठाने का क्रम जारी था वहां भी काम प्रभावित हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बार बार इस बेमौसम बारिश से मानसून के लेट होने की संभावना बन रही है। एएमयू के भूगोल विभाग के चेयरमैन प्रो. अतीक अहमद सिद्दीकी ने बताया कि दक्षिण पश्चिमी विक्षोभ लगातार बन रहा है। इस विक्षोभ के कारण दक्षिण पश्चिमी समंदर से आने वाली गरम हवाएं उत्तर भारत की हिमालय रेंज की उत्तरी हवाओं से टकरा कर निचले स्तर पर बारिश का कारण बन रही है। इसी वजह से मैदानी इलाकों में बारिश हो रही है तो कुछ पहाड़ी इलाकों में जहां बादल में पानी जम रहा है वहां ओलावृष्टि का कारण बन रहा है। अगर ये हवाएं उत्तरी हवाओं से टकराए बिना पृथ्वी के ऊपरी उत्तरी गोलार्ध की ओर निकल जाती तो इस वक्त बेमौसम बारिश नहीं होती।
विज्ञापन
अगर यही सिलसिला बन रहा तो मानसून के लिए बनने वाला जरूरी दबाव नहीं बन पाएगा और जून के पहले हफ्ते में आने वाला मानसून लेट हो जाएगा। इससे आगे का मौसम समय बदल सकता है। अभी 20 मई तक ऐसे ही मौसम का पूर्वानुमान बन रहा है। इसके बाद ही कोई दूसरा परिवर्तन देखने को मिल सकता है। इधर, बारिश के बाद नगर निगम के नाला सफाई अभियान को भी झटका लगा है, जिससे कामकाज प्रभावित हुआ है। सड़कों पर कीचड़ और सिल्ट के कारण गदंगी हो गई है। जहां जहां भी नालों की सिल्ट निकाल कर उठाने का क्रम जारी था वहां भी काम प्रभावित हुआ है।
विज्ञापन