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राहुल को मालूम नहीं आलू जमीन के नीचे पैदा होता है या ऊपर : शाह
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हाथ उठाकर लोगों का अभिवादन करते केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह।
- फोटो : CITY OFFICE
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अतरौली विधानसभा क्षेत्र के भाजपा प्रत्याशी एवं राज्यमंत्री संदीप सिंह के समर्थन में बुधवार को केएमबी इंटर कॉलेज में आयोजित जनसभा को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने संबोधित किया। उन्होंने सपा, बसपा और कांग्रेस पर जमकर बरसे। उन्होंने कहा कि राहुल बाबा (राहुल गांधी) को मालूम नहीं है कि खरीफ और रबी में कौन फसल होता हैं। वह आलू की फैक्टरी लगाने की बात करते हैं। उन्हें मालूम नहीं है कि आलू जमीन के नीचे पैदा होता है या ऊपर। गृहमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार सात करोड़ किसानों को छह-छह हजार रुपये का सम्मान निधि भेजने का काम किया है। लाखों टन अनाज एमएसपी पर खरीदने का काम किया है। अखिलेश यादव एवं मुलायम सिंह यादव की कई बार सरकार रही है। कभी किसानों का भला नहीं किया। यह लोग अपने परिवार का भला करते हैं। समाजवादी इत्र वाले के यहां से बेनामी 250 करोड़ रुपये निकले। अखिलेश बताएं कि इससे उनका रिश्ता क्या है। अगर नहीं है तो उनको दुख क्यों हो रहा है। उन्होंने कहा कि ये लोग कभी पारदर्शिता से शासन नहीं कर सकते।
शाह ने कोविड रोधी टीका को लेकर भी अखिलेश को घेरा। कहा कि कोविड रोधी टीका लगवाने के लिए किसी को एक पैसा देना पड़ा क्या? जवाब आया नहीं। अखिलेश बाबू टीके का विरोध करते थे। कहते थे कि भाजपा का टीका है नहीं लगवाएंगे। उन्होंने उत्तर प्रदेश के निवासियों को गुमराह किया। बाद में वह टीका लगवाएं। टीका नहीं लगवाते तो तीसरी लहर में हम बच पाते क्या? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को टीका लगवाकर सुरक्षित किया। उन्होंने कहा कि कोरोना ने गरीबों के रोजगार छिने। खाने-पीने को लाले पड़ गए। उत्तर प्रदेश के 15 करोड़ सहित देश के 80 करोड़ गरीबों को प्रति व्यक्ति पांच किलो अनाज देने का काम किया गया। यह कमल का फूल है। इस पर मां लक्ष्मी अन्नपूर्णा आईं हैं। उनके बच्चों का पेट भरने का काम किया। सपा एवं बसपा की सरकार ने राजा महेंद्र प्रताप सिंह को याद नहीं किया। योगी आदित्यनाथ ने राजा महेंद्र प्रताप सिंह के नाम पर यूनिवर्सिटी बनाकर युवाओं के लिए पढ़ाई-लिखाई की व्यवस्था कर दी।
गृहमंत्री ने कहा कि दूसरी बार अतरौली में आया हूं। ब्रज भूमि की जनता से हाथ जोड़कर निवेदन है कि 2022 में फिर से योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री बनाने का काम करें। 2014 में नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाया। 2017 में उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनवाएं। 2019 में फिर से नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाया। 2014, 2017 और 2019 का चुनाव उत्तर प्रदेश का किस्मत बदलने वाला साबित हुआ। सपा, बसपा उत्तर प्रदेश का भला नहीं कर सकते। उन लोगों ने उत्तर प्रदेश को बीमारू राज्य बना दिया।
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दूसरी बार मोदी को पीएम बनाया तो 370 को उखाड़ कर फेंक दिया
गृहमंत्री ने कहा कि आपने दूसरी बार नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाया तो अनुच्छेद 370 उखाड़ कर फेंक दिया। अखिलेश यादव विरोध कर रहे थे। उनकी अतरौली आने की हिम्मत नहीं है। अगर यहां आएं तो उनसे पूछना कि आखिर क्यों अनुच्छेद 370 का विरोध कर रहे थे। कहते थे कि 370 हटने पर खून की नदियां बहेंगी। किसी की कंकड़ चलाने की भी हिम्मत नहीं हुई। सोनिया गांधी एवं मनमोहन सिंह को सपा व बसपा का समर्थन प्राप्त था। हमारे जवानों का सिर काट कर ले जाया जाता था। मौनीबाबा (मनमोहन सिंह) के कान पर जूं नहीं रेंगती थी। आतंकवादियों ने उरी एवं पुलवामा में हमला किया। इस बार कांग्रेस की सरकार नहीं थी। नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री थे। दस दिन के अंदर हमारे जवानों ने पाकिस्तान में घुसकर एयर स्ट्राइक एवं सर्जिकल स्ट्राइक कर आतंकियों का सफाया किया।
यहां से मोदी जी तक आवाज जानी चाहिए
गृहमंत्री अमित शाह ने भारत माता की जय से भाषण की शुरुआत की। जनता की ओर से तीव्र प्रतिक्रिया न होने पर कहा कि क्या हो गया है आप लोगों को। यह कल्याण सिंह की भूमि है। यहां से मोदी जी तक आवाज जानी चाहिए। फिर लोगों से मुठ्ठी बांध हाथ उठाकर भारत माता की जय के नारे लगवाए।
योजनाएं गिनाकर मांगे वोट
गृहमंत्री ने डबल इंजन की सरकार की उपलब्धियां गिनाकर जनता से वोट मांगे। पब्लिक की ओर सवाल उछाल कर पूछा कि सपा के शासनकाल में गरीबों के घर में शौचालय बना क्या, बिजली आती थी क्या, गैस सिलिंडर मिला क्या, पांच लाख रुपये तक का इलाज मिला क्या, गरीबों के मकान बने क्या? जनता की ओर से जवाब आया कि नहीं। इस पर उन्होंने लोगों से भाजपा प्रत्याशी संदीप सिंह को जिताने, योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री बनवाने एवं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथ मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज तीन जगह जाना है। जीत के बाद तसल्ली से आकर अतरौली के लोगों से बात करेंगे। इससे पूर्व भाजपा प्रत्याशी संदीप सिंह ने जनता से आशीर्वाद मांगा। कार्यक्रम को एटा सांसद राजवीर सिंह राजू भैया, सह प्रदेश प्रभारी संजीव चौरसिया, ठाकुर श्यौराज सिंह आदि ने संबोधित किया। संचालन गोपाल माहेश्वरी ने किया। इस अवसर पर ब्रज क्षेत्र के प्रभारी अर्जुुन राम मेघवाल, सांसद सतीश गौतम, भाजपा जिलाध्यक्ष चौधरी ऋषिपाल सिंह आदि मौजूद थे।
‘बाबूजी’ ने पढ़ाया यूपी की राजनीति का पाठ, फिर बनी केंद्र की सरकार
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने यह खुलासा कर लोगों को चौंका दिया कि उत्तर प्रदेश की राजनीति का पाठ उनको कल्याण सिंह ने ही पढ़ाया था। जिसकी वजह से 2014 के चुनाव में भाजपा को बड़ी कामयाबी मिली और केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बनी। गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि वर्ष 2013 में उनको भाजपा का महामंत्री एवं उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाकर भेजा गया था। गुजरात का रहने वाला हूं। उत्तर प्रदेश में लखनऊ और बनारस से बाहर नहीं गया था। बड़ा प्रदेश है और 80 सीटों पर चुनाव लड़ाना था। मैने पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह से मिलने के लिए समय मांगा। बाबूजी (कल्याण सिंह) ने समय दिया। उनके घर पर भोजन के लिए गया। राजवीर सिंह राजू भैया (कल्याण सिंह के पुत्र एवं एटा सांसद) भी मौजूद थे। पिता की तरह अंगुली पकड़कर उत्तर प्रदेश की राजनीति का पाठ पढ़ाया। उसी की नींव पर 2014 में केंद्र की सरकार बनी। उन्होंने कहा कि बाबूजी ने समाज का विभाजन किए बिना पिछड़े समाज को उनका अधिकार दिया। उनके समक्ष रामजन्म भूमि या मुख्यमंत्री की कुर्सी में से किसी एक को चुनने की स्थिति उत्पन्न हुई। उन्होंने मुख्यमंत्री की कुर्सी को ठोकर मारकर राममंदिर को चुना। इस्तीफा देने गए तो उनके चेहरे पर गौरव का भाव था। अमित शाह ने विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके स्व. अशोक सिंघल को भी याद किया। अशोक सिंघल भी अतरौली क्षेत्र के निवासी थे। भाषण के प्रारंभ में उन्होंने विश्वामित्र, राजा महेंद्र प्रताप, स्वामी हरिदास, नीरज और भगत सिंह को भी याद किया। उन्होंने कहा कि भगत सिंह ने यहां के शादीपुर गांव में रहकर क्रांति को प्रज्ज्वलित किया था।
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शाह ने कोविड रोधी टीका को लेकर भी अखिलेश को घेरा। कहा कि कोविड रोधी टीका लगवाने के लिए किसी को एक पैसा देना पड़ा क्या? जवाब आया नहीं। अखिलेश बाबू टीके का विरोध करते थे। कहते थे कि भाजपा का टीका है नहीं लगवाएंगे। उन्होंने उत्तर प्रदेश के निवासियों को गुमराह किया। बाद में वह टीका लगवाएं। टीका नहीं लगवाते तो तीसरी लहर में हम बच पाते क्या? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को टीका लगवाकर सुरक्षित किया। उन्होंने कहा कि कोरोना ने गरीबों के रोजगार छिने। खाने-पीने को लाले पड़ गए। उत्तर प्रदेश के 15 करोड़ सहित देश के 80 करोड़ गरीबों को प्रति व्यक्ति पांच किलो अनाज देने का काम किया गया। यह कमल का फूल है। इस पर मां लक्ष्मी अन्नपूर्णा आईं हैं। उनके बच्चों का पेट भरने का काम किया। सपा एवं बसपा की सरकार ने राजा महेंद्र प्रताप सिंह को याद नहीं किया। योगी आदित्यनाथ ने राजा महेंद्र प्रताप सिंह के नाम पर यूनिवर्सिटी बनाकर युवाओं के लिए पढ़ाई-लिखाई की व्यवस्था कर दी।
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गृहमंत्री ने कहा कि दूसरी बार अतरौली में आया हूं। ब्रज भूमि की जनता से हाथ जोड़कर निवेदन है कि 2022 में फिर से योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री बनाने का काम करें। 2014 में नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाया। 2017 में उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनवाएं। 2019 में फिर से नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाया। 2014, 2017 और 2019 का चुनाव उत्तर प्रदेश का किस्मत बदलने वाला साबित हुआ। सपा, बसपा उत्तर प्रदेश का भला नहीं कर सकते। उन लोगों ने उत्तर प्रदेश को बीमारू राज्य बना दिया।
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दूसरी बार मोदी को पीएम बनाया तो 370 को उखाड़ कर फेंक दिया
गृहमंत्री ने कहा कि आपने दूसरी बार नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाया तो अनुच्छेद 370 उखाड़ कर फेंक दिया। अखिलेश यादव विरोध कर रहे थे। उनकी अतरौली आने की हिम्मत नहीं है। अगर यहां आएं तो उनसे पूछना कि आखिर क्यों अनुच्छेद 370 का विरोध कर रहे थे। कहते थे कि 370 हटने पर खून की नदियां बहेंगी। किसी की कंकड़ चलाने की भी हिम्मत नहीं हुई। सोनिया गांधी एवं मनमोहन सिंह को सपा व बसपा का समर्थन प्राप्त था। हमारे जवानों का सिर काट कर ले जाया जाता था। मौनीबाबा (मनमोहन सिंह) के कान पर जूं नहीं रेंगती थी। आतंकवादियों ने उरी एवं पुलवामा में हमला किया। इस बार कांग्रेस की सरकार नहीं थी। नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री थे। दस दिन के अंदर हमारे जवानों ने पाकिस्तान में घुसकर एयर स्ट्राइक एवं सर्जिकल स्ट्राइक कर आतंकियों का सफाया किया।
यहां से मोदी जी तक आवाज जानी चाहिए
गृहमंत्री अमित शाह ने भारत माता की जय से भाषण की शुरुआत की। जनता की ओर से तीव्र प्रतिक्रिया न होने पर कहा कि क्या हो गया है आप लोगों को। यह कल्याण सिंह की भूमि है। यहां से मोदी जी तक आवाज जानी चाहिए। फिर लोगों से मुठ्ठी बांध हाथ उठाकर भारत माता की जय के नारे लगवाए।
योजनाएं गिनाकर मांगे वोट
गृहमंत्री ने डबल इंजन की सरकार की उपलब्धियां गिनाकर जनता से वोट मांगे। पब्लिक की ओर सवाल उछाल कर पूछा कि सपा के शासनकाल में गरीबों के घर में शौचालय बना क्या, बिजली आती थी क्या, गैस सिलिंडर मिला क्या, पांच लाख रुपये तक का इलाज मिला क्या, गरीबों के मकान बने क्या? जनता की ओर से जवाब आया कि नहीं। इस पर उन्होंने लोगों से भाजपा प्रत्याशी संदीप सिंह को जिताने, योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री बनवाने एवं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथ मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज तीन जगह जाना है। जीत के बाद तसल्ली से आकर अतरौली के लोगों से बात करेंगे। इससे पूर्व भाजपा प्रत्याशी संदीप सिंह ने जनता से आशीर्वाद मांगा। कार्यक्रम को एटा सांसद राजवीर सिंह राजू भैया, सह प्रदेश प्रभारी संजीव चौरसिया, ठाकुर श्यौराज सिंह आदि ने संबोधित किया। संचालन गोपाल माहेश्वरी ने किया। इस अवसर पर ब्रज क्षेत्र के प्रभारी अर्जुुन राम मेघवाल, सांसद सतीश गौतम, भाजपा जिलाध्यक्ष चौधरी ऋषिपाल सिंह आदि मौजूद थे।
‘बाबूजी’ ने पढ़ाया यूपी की राजनीति का पाठ, फिर बनी केंद्र की सरकार
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने यह खुलासा कर लोगों को चौंका दिया कि उत्तर प्रदेश की राजनीति का पाठ उनको कल्याण सिंह ने ही पढ़ाया था। जिसकी वजह से 2014 के चुनाव में भाजपा को बड़ी कामयाबी मिली और केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बनी। गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि वर्ष 2013 में उनको भाजपा का महामंत्री एवं उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाकर भेजा गया था। गुजरात का रहने वाला हूं। उत्तर प्रदेश में लखनऊ और बनारस से बाहर नहीं गया था। बड़ा प्रदेश है और 80 सीटों पर चुनाव लड़ाना था। मैने पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह से मिलने के लिए समय मांगा। बाबूजी (कल्याण सिंह) ने समय दिया। उनके घर पर भोजन के लिए गया। राजवीर सिंह राजू भैया (कल्याण सिंह के पुत्र एवं एटा सांसद) भी मौजूद थे। पिता की तरह अंगुली पकड़कर उत्तर प्रदेश की राजनीति का पाठ पढ़ाया। उसी की नींव पर 2014 में केंद्र की सरकार बनी। उन्होंने कहा कि बाबूजी ने समाज का विभाजन किए बिना पिछड़े समाज को उनका अधिकार दिया। उनके समक्ष रामजन्म भूमि या मुख्यमंत्री की कुर्सी में से किसी एक को चुनने की स्थिति उत्पन्न हुई। उन्होंने मुख्यमंत्री की कुर्सी को ठोकर मारकर राममंदिर को चुना। इस्तीफा देने गए तो उनके चेहरे पर गौरव का भाव था। अमित शाह ने विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके स्व. अशोक सिंघल को भी याद किया। अशोक सिंघल भी अतरौली क्षेत्र के निवासी थे। भाषण के प्रारंभ में उन्होंने विश्वामित्र, राजा महेंद्र प्रताप, स्वामी हरिदास, नीरज और भगत सिंह को भी याद किया। उन्होंने कहा कि भगत सिंह ने यहां के शादीपुर गांव में रहकर क्रांति को प्रज्ज्वलित किया था।