अल्पसंख्यक स्वरूप पर बोले प्रो. इरफान हबीब
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अलीगढ़। अल्पसंख्यक स्वरूप को लेकर केंद्र सरकार के रुख से अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में अवकाश के बावजूद हलचल है। इस खबर के आने के बाद इंतजामिया तथा शिक्षक व छात्र संगठन केंद्र सरकार को कोस रहे हैं।
दूसरी तरफ प्रख्यात इतिहासकार प्रो. इरफान हबीब का इस मामले में मत कुछ और ही है। उनका कहना है कि उन्हें नहीं लगता कि एएमयू को अल्पसंख्यक दर्जा मिलेगा। सरकार द्वारा मेनटेन संस्थान को अल्पसंख्यक दर्जा दिया जाना संभव नहीं।
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है, इसलिए कोर्ट का रुख देना दिलचस्प होगा। प्रो. इरफान ने कहा कि हाईकोर्ट पहले ही कह चुकी है कि एएमयू अल्पसंख्यक संस्थान नहीं है।
1981 के एक्ट से मुस्लिम एजूकेेशन प्रोमोट करने के लिए कुछ छूट अवश्य मिली हुई है। अजीज बाशा केस में सुप्रीम कोर्ट पहले ही मान चुकी है कि एएमयू का अल्पसंख्यक स्वरूप नहीं है।