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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   Principal of 25 schools of the district will be suspended

जिले के 25 विद्यालयों के प्रधानाचार्य होंगे निलंबित

Fri, 22 Sep 2017 01:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूूराे
अमर उजाला ब्यूूराे Updated Fri, 22 Sep 2017 01:50 AM IST
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यूपी बोर्ड के 25 प्रधानाचार्यों के निलंबन की जानकारी मिलने के बाद यहां माध्यमिक शिक्षा विभाग में खलबली मची रही। काफी प्रधानाचार्य इसे लेकर लेकर परेशान रहे कि शासन की कार्रवाई की जद में वह तो नहीं आ रहे। वह अपने सूत्रों के माध्यम से इसे लेकर जानकारी करते रहे। 
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इधर, जिले के करीब 20 हजार प्राइवेट परीक्षार्थियों के परीक्षाफल घोषित नहीं हुए हैं। डीआईओएस का कहना है कि शासन की कार्रवाई की जानकारी तो उन्हें भी मिली है। वहीं जिन प्रधानाचार्यों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। उनके नामों की लिस्ट उन पर नहीं आई है। 
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यह जिला पिछले कई साल से यूपी बोर्ड परीक्षा में नकल के लिए कुख्यात रहा है। काफी दूर-दूर तक के परीक्षार्थी यहां नकल कराने के लिए बदले माफियाओं को रकम देते हैं और माफिया उन्हें बड़े आराम से नकल कराकर परीक्षा पास कराते हैं। माफियाओं की चेन इतनी लंबी है कि वह अपने विद्यालय का परीक्षा केंद्र भी मनचाहे स्कूल को बनवाते हैं।
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अतरौली के अलावा गंगीरी आदि इलाके यहां नकल के लिए काफी संवेदनशील रहे हैं। पिछले शैक्षिक सत्र में भी  काफी विद्यालयों से नियम-कानूनों को ताक पर रखकर ऐसे प्राइवेट छात्रों को यूपी बोर्ड की परीक्षा दिलाई गई थी, जिन पर पूरे प्रमाणपत्र नहीं थे। 

इसके अलावा काफी विद्यार्थी ऐसे थे, जिन्होंने कक्षा नौ पास नहीं थी, लेकिन उन्हें हाईस्कूल की परीक्षा में शामिल करा दिया गया था। यही स्थिति इंटरमीडिएट का एग्जाम दिलाने के लिए की गई थी। इसकी शिकायत जब उच्च स्तर पर की गई तो यहां के करीब 20 हजार प्राइवेट परीक्षा देने वाले परीक्षार्थियों के रिजल्ट परिषद द्वारा रोक दिए गए। अब नियमों का उल्लंघन करने वाले जिले के 25 प्रधानाचार्यों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई शासन स्तर से की जा रही है। 


इसमें दो राजकीय विद्यालयों के प्रधानाचार्य भी शामिल हैं। इसकी जानकारी मिलने पर मिलने पर यहां माध्यमिक शिक्षा महकमे में खलबली मची रही। 
डीआईओएस धर्मेंद्र शर्मा का कहना है कि इन प्रधानाचार्यों ने नियमों को ताक पर रखकर प्राइवेट फॉर्म भरवाए थे। इसी के चलते इनके खिलाफ कार्रवाई शासन स्तर से की जा रही है। ऐसे ही विद्यार्थियों का रिजल्ट रुका हुआ है। उनका कहना है कि अभी उनके पास निलंबित प्रधानाचार्यों की सूची नहीं आई है। 
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