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अलीगढ़ः जिले में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने की तैयारी
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जिले में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने की तैयारी है। जिलाधिकारी ने निष्क्रिय दुग्ध समितियों को सक्रिय करनेेेेेेेे के आदेश दिए हैं। यही नहीं दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए महिला स्वयं सहायता समितियों को भी दुग्ध उत्पादन के लिए प्रेरित करने को कहा है।
दुग्ध उत्पादन मामले की समीक्षा करते हुए डीएम सेल्वा कुमारी जे ने कहा कि जनपद में दुग्ध उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं । उन्होंने अधिकारियों को दुग्ध उत्पादन की बेहतर संभावनाओं को जमीनी स्तर पर उतारने के निर्देश देते हुए कहा कि वे निष्क्रिय दुग्ध समितियों को सक्रिय करें और महिला स्वयं सहायता समूहों को दुग्ध उत्पादन के लिए प्रेरित किया जाए। मुख्य विकास अधिकारी अंकित खंडेलवाल ने किसानों से आह्वान किया है कि वे प्रदेश सरकार द्वारा संचालित मुख्यमंत्री निराश्रित व बेसहारा गोवंश सहभागिता योजना का भरपूर लाभ उठाएं । जनपद में दुग्ध उत्पादन में अपनी भागेदारी सुनिश्चित करें। उन्होंने डीसी एनआरएलएम को निर्देशित किया कि वह महिला स्वयं सहायता समूहों को दुग्ध उत्पादन के लिए प्रेरित करें।
जिले में 103 समितियां पंजीकृत
प्रधान प्रबंधक दुग्ध सुशील कुमार ने बताया कि जनपद में 103 समितियां पंजीकृत हैं। स्थानीय समस्याओं और निजी क्षेत्र की कंपनियों के आने से कुछ समितियां निष्क्रिय हो गई हैं। इस वजह से वर्तमान में मात्र 86 समितियां ही सक्रिय हैं। हर समिति में 40 सदस्य हैं।
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सात हजार लीटर दूध प्रतिदिन हो रहा एकत्र
अलीगढ़। प्रधान प्रबंधक ने बताया कि जिले में प्रतिदिन 10 हजार लीटर दुग्ध का उत्पादन होता है। 86 सक्रिय समितियां सीधे किसानों से संपर्क कर सात हजार लीटर दूध प्रतिदिन एकत्र कर रही हैं। इस दूध को अतरौली स्थित चिलिंग प्लांट में एकत्रित कर प्रोसेसिंग के लिए मेरठ भेजा जा रहा है।
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दुग्ध उत्पादन मामले की समीक्षा करते हुए डीएम सेल्वा कुमारी जे ने कहा कि जनपद में दुग्ध उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं । उन्होंने अधिकारियों को दुग्ध उत्पादन की बेहतर संभावनाओं को जमीनी स्तर पर उतारने के निर्देश देते हुए कहा कि वे निष्क्रिय दुग्ध समितियों को सक्रिय करें और महिला स्वयं सहायता समूहों को दुग्ध उत्पादन के लिए प्रेरित किया जाए। मुख्य विकास अधिकारी अंकित खंडेलवाल ने किसानों से आह्वान किया है कि वे प्रदेश सरकार द्वारा संचालित मुख्यमंत्री निराश्रित व बेसहारा गोवंश सहभागिता योजना का भरपूर लाभ उठाएं । जनपद में दुग्ध उत्पादन में अपनी भागेदारी सुनिश्चित करें। उन्होंने डीसी एनआरएलएम को निर्देशित किया कि वह महिला स्वयं सहायता समूहों को दुग्ध उत्पादन के लिए प्रेरित करें।
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जिले में 103 समितियां पंजीकृत
प्रधान प्रबंधक दुग्ध सुशील कुमार ने बताया कि जनपद में 103 समितियां पंजीकृत हैं। स्थानीय समस्याओं और निजी क्षेत्र की कंपनियों के आने से कुछ समितियां निष्क्रिय हो गई हैं। इस वजह से वर्तमान में मात्र 86 समितियां ही सक्रिय हैं। हर समिति में 40 सदस्य हैं।
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सात हजार लीटर दूध प्रतिदिन हो रहा एकत्र
अलीगढ़। प्रधान प्रबंधक ने बताया कि जिले में प्रतिदिन 10 हजार लीटर दुग्ध का उत्पादन होता है। 86 सक्रिय समितियां सीधे किसानों से संपर्क कर सात हजार लीटर दूध प्रतिदिन एकत्र कर रही हैं। इस दूध को अतरौली स्थित चिलिंग प्लांट में एकत्रित कर प्रोसेसिंग के लिए मेरठ भेजा जा रहा है।