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कहीं जेल से तो नहीं रची प्रधानपति की हत्या की साजिश
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गांव खेड़ा के प्रधानपति कालीचरण उर्फ करुआ की हत्या में बेशक पुरानी रंजिश से जोड़कर नामजद मुकदमा दर्ज कराया गया हो। मगर शूटरों की मॉडस अपरेंडी और कई ऐसे विवाद हैं, जिन पर पुलिस काम कर रही है। इन्हीं में से एक विवाद ऐसा भी है, जिसमें पुलिस के सामने सवाल खड़ा है कि कहीं यह हत्या जेल से बैठकर तो नहीं कराई गई। फिलहाल पुलिस कालीचरण के नए व पुराने विवादों में कड़ियां जोड़ने का काम कर रही है।
प्रधानपति कालीचरण पर गांव में ही दो हत्याओं का आरोप था। वर्ष 2000 में हरिओम उर्फ भूरा पुत्र बांके लाल की कसीसों रोड पर हत्या हुई थी। जिसमें प्रधानपति पर हत्या का आरोप लगा था। उस समय मृतक हरिओम के तीन बच्चे छोटे थे जिसके चलते किसी ने हत्या की रिपोर्ट दर्ज नही कराई थी। मृतक के तीन लड़के अब अपनी जवानी पर है। जिसमें अमन हरियाणा जेल में है दो लड़के दीपक व गगन गांव में हैं। इसी तरह अब कालीचरण की हत्या में नामजद दबंग ऊधम सिंह के भतीजे सात वर्षीय सतेन्द्र पुत्र सुभाष सिंह की वर्ष 2004 में स्कूल से अपहरण कर हत्या हुई थी। जिसमें मृतक प्रधानपति कालीचरण, उसका भाई पाला, अमित सहित सात लोग नामजद थे। जिसमें अमित आजीवन कारावास में सजा भुगत रहा है। इसके अलावा नया विवाद सोफा नहर से सटे 200 वर्गगज के एक प्लाट का है। जिसका हाल ही में ऊधम सिंह ने बैनामा करा लिया है। दूसरे पक्ष को प्रधानपति सपोर्ट कर रहा था। इसके अलावा चौथा विवाद गांव के बाहर की पोखर पर कुछ दबंगों द्वारा मकान निर्माण से जुड़ा है, जिनका प्रधानपति प्रधान बनने के बाद से विरोध कर रहा है। यहां सौंदर्यीकरण कराने की तैयारी चल रही थी। इसके चलते निर्माण हटाने की भी तैयारी थी। इसके अलावा पिछले प्रधानी चुनाव में ऊधम ने करुआ के विरोध में दूसरे प्रत्याशी का सपोर्ट किया था। इन सभी रंजिशों में कड़ियां जोड़ने का काम पुलिस टीम कर रही है।
संगीन के साये में हुआ अंतिम संस्कार
प्रधानपति की हत्या से गांव में तनाव को देखते हुए अंतिम संस्कार के समय तीन सर्किल के सीओ व काफी मात्रा में पुलिस फोर्स मौजूद रहा। अंतिम संस्कार के समय पुलिस कई लोगों की एक्टिविटी पर फोकस करती रही। ऐहतियात के तौर पर घटनास्थल पर पुलिस पिकेट तैनात कर दी गई है।
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चाय पीते समय दिया घटना को अंजाम
गांव खेड़ा की प्रधान शांतिदेवी के पति कालीचरन शनिवार की सुबह घर के बाहर बैठकर चाय पी रहे थे। तभी एक बाइक पर तीन बाइक सवार युवक आए। इनमें एक युवक बाइक पर बैठा रहा, जबकि दो युवक असलाह लेकर नीचे उतर गया। वही एक युवक ने बाइक को स्टार्ट रखा। असलाहों से लैस दोनों युवकों ने प्रधान पति कालीचरन पर ताबड़तोड़ तीन गोली दाग दीं। चर्चा है कि प्रधानपति की हत्या में पिस्टल व तमंचा का प्रयोग हुआ है। पिस्टल की दो गोली पेट में व तमंचा की गोली छाती में लगी है। पोस्टमार्टम में एक गोली सीने पर एक पेट में साइड से व एक बाजू में लगी है।
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प्रधानपति कालीचरण पर गांव में ही दो हत्याओं का आरोप था। वर्ष 2000 में हरिओम उर्फ भूरा पुत्र बांके लाल की कसीसों रोड पर हत्या हुई थी। जिसमें प्रधानपति पर हत्या का आरोप लगा था। उस समय मृतक हरिओम के तीन बच्चे छोटे थे जिसके चलते किसी ने हत्या की रिपोर्ट दर्ज नही कराई थी। मृतक के तीन लड़के अब अपनी जवानी पर है। जिसमें अमन हरियाणा जेल में है दो लड़के दीपक व गगन गांव में हैं। इसी तरह अब कालीचरण की हत्या में नामजद दबंग ऊधम सिंह के भतीजे सात वर्षीय सतेन्द्र पुत्र सुभाष सिंह की वर्ष 2004 में स्कूल से अपहरण कर हत्या हुई थी। जिसमें मृतक प्रधानपति कालीचरण, उसका भाई पाला, अमित सहित सात लोग नामजद थे। जिसमें अमित आजीवन कारावास में सजा भुगत रहा है। इसके अलावा नया विवाद सोफा नहर से सटे 200 वर्गगज के एक प्लाट का है। जिसका हाल ही में ऊधम सिंह ने बैनामा करा लिया है। दूसरे पक्ष को प्रधानपति सपोर्ट कर रहा था। इसके अलावा चौथा विवाद गांव के बाहर की पोखर पर कुछ दबंगों द्वारा मकान निर्माण से जुड़ा है, जिनका प्रधानपति प्रधान बनने के बाद से विरोध कर रहा है। यहां सौंदर्यीकरण कराने की तैयारी चल रही थी। इसके चलते निर्माण हटाने की भी तैयारी थी। इसके अलावा पिछले प्रधानी चुनाव में ऊधम ने करुआ के विरोध में दूसरे प्रत्याशी का सपोर्ट किया था। इन सभी रंजिशों में कड़ियां जोड़ने का काम पुलिस टीम कर रही है।
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संगीन के साये में हुआ अंतिम संस्कार
प्रधानपति की हत्या से गांव में तनाव को देखते हुए अंतिम संस्कार के समय तीन सर्किल के सीओ व काफी मात्रा में पुलिस फोर्स मौजूद रहा। अंतिम संस्कार के समय पुलिस कई लोगों की एक्टिविटी पर फोकस करती रही। ऐहतियात के तौर पर घटनास्थल पर पुलिस पिकेट तैनात कर दी गई है।
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चाय पीते समय दिया घटना को अंजाम
गांव खेड़ा की प्रधान शांतिदेवी के पति कालीचरन शनिवार की सुबह घर के बाहर बैठकर चाय पी रहे थे। तभी एक बाइक पर तीन बाइक सवार युवक आए। इनमें एक युवक बाइक पर बैठा रहा, जबकि दो युवक असलाह लेकर नीचे उतर गया। वही एक युवक ने बाइक को स्टार्ट रखा। असलाहों से लैस दोनों युवकों ने प्रधान पति कालीचरन पर ताबड़तोड़ तीन गोली दाग दीं। चर्चा है कि प्रधानपति की हत्या में पिस्टल व तमंचा का प्रयोग हुआ है। पिस्टल की दो गोली पेट में व तमंचा की गोली छाती में लगी है। पोस्टमार्टम में एक गोली सीने पर एक पेट में साइड से व एक बाजू में लगी है।