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Aligarh News: आलू खेत से ग्राहक तक पहुंचने में छह रुपये किलो तक हो रहा महंगा
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रामघाट रोड पर सब्जी बेचता दुकानदार।
- फोटो : samvad
आलू के सीजन में भी फुटकर दुकानों में इसका भाव कम नहीं हो रहा है। खेत से चार रुपये किलो में खरीदा जा रहा आलू फुटकर की दुकानों में 10 रुपये में मिल रहा है। इसमें छह रुपये किलो का बड़ा अंतर आ रहा है।
खेत से मंडी तक का भाड़ा, मंडी में होने वाला खर्च, आढ़ती का कमीशन, आढ़त से फुटकर बाजार पहुंचने का भाड़ा, फुटकर दुकानदार का मुनाफा मिलाने पर छह रुपये तक कीमत बढ़ रही है, जिससे आम ग्राहकों को सस्ता आलू नहीं मिल पा रहा है।
अतरौली के आलू किसान हेमंत कुमार कहते हैं कि दो दिन पहले ही उन्होंने 3797 आलू का 50 किलो का बैग 200 रुपये में बेचा है, यह बेहतरीन आलू था। किसानों को यह चार रुपये किलो में बेचना पड़ रहा है।
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इसके अलावा जिसका आकार छोटा और कुछ दागी है, वह 150 रुपये प्रति 50 किलो बैग की दर से लिया जा रहा है। यह तीन रुपये किलो में बिक रहा है। ग्राहकों को फुटकर में चार रुपये किलो वाला आलू 10 रुपये के भाव में दिया जा रहा है। किसान को आलू का पूरा भाव नहीं मिल रहा है। ग्राहकों को भी इसका लाभ नहीं मिल रहा है।
ब्रोकली, तोरई, करेला, भिंडी, अरबी, मैथी और अदरक 100 रुपये किलो
शहर में सब्जी की फुटकर दुकानों में ब्रोकली, तोरई, करेला, अरबी, भिंडी, खुली मैथी और अदरक 100 रुपये किलो के भाव में है। सेम और शिमला मिर्च 80 रुपये किलो है। देसी खीरा, मैथी की गड्डी, हरा प्याज और कटहल 60 रुपये किलो है। इसी तरह से पालक और गाजर 40 रुपये में है। लौकी, हायब्रिड खीरा, बैंगन, फूल गोभी और कद्दू 30 रुपये किलो है। टमाटर 20, प्याज 25, बंद गोभी 20 रुपये किलो है। हरी सब्जी महंगी होने के कारण अधिकांश ग्राहकों ने इसकी मात्रा कम कर दी है। लोग आधा किलो और पाव भर सब्जी ले रहे हैं, ताकि सब्जी खराब न हो।
मार्च में बहुत तेज धूप होने और उसके बाद बारिश के कारण सब्जी की फसलों को नुकसान हुआ है, जिससे आवक कम हुई और भाव बढ़ गया है। ग्राहक अब किलो की जगह आधा किलो और पाव भर सब्जी ले रहे हैं।
-नौशाद, सब्जी विक्रेता।
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खेत से मंडी तक का भाड़ा, मंडी में होने वाला खर्च, आढ़ती का कमीशन, आढ़त से फुटकर बाजार पहुंचने का भाड़ा, फुटकर दुकानदार का मुनाफा मिलाने पर छह रुपये तक कीमत बढ़ रही है, जिससे आम ग्राहकों को सस्ता आलू नहीं मिल पा रहा है।
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अतरौली के आलू किसान हेमंत कुमार कहते हैं कि दो दिन पहले ही उन्होंने 3797 आलू का 50 किलो का बैग 200 रुपये में बेचा है, यह बेहतरीन आलू था। किसानों को यह चार रुपये किलो में बेचना पड़ रहा है।
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इसके अलावा जिसका आकार छोटा और कुछ दागी है, वह 150 रुपये प्रति 50 किलो बैग की दर से लिया जा रहा है। यह तीन रुपये किलो में बिक रहा है। ग्राहकों को फुटकर में चार रुपये किलो वाला आलू 10 रुपये के भाव में दिया जा रहा है। किसान को आलू का पूरा भाव नहीं मिल रहा है। ग्राहकों को भी इसका लाभ नहीं मिल रहा है।
ब्रोकली, तोरई, करेला, भिंडी, अरबी, मैथी और अदरक 100 रुपये किलो
शहर में सब्जी की फुटकर दुकानों में ब्रोकली, तोरई, करेला, अरबी, भिंडी, खुली मैथी और अदरक 100 रुपये किलो के भाव में है। सेम और शिमला मिर्च 80 रुपये किलो है। देसी खीरा, मैथी की गड्डी, हरा प्याज और कटहल 60 रुपये किलो है। इसी तरह से पालक और गाजर 40 रुपये में है। लौकी, हायब्रिड खीरा, बैंगन, फूल गोभी और कद्दू 30 रुपये किलो है। टमाटर 20, प्याज 25, बंद गोभी 20 रुपये किलो है। हरी सब्जी महंगी होने के कारण अधिकांश ग्राहकों ने इसकी मात्रा कम कर दी है। लोग आधा किलो और पाव भर सब्जी ले रहे हैं, ताकि सब्जी खराब न हो।
मार्च में बहुत तेज धूप होने और उसके बाद बारिश के कारण सब्जी की फसलों को नुकसान हुआ है, जिससे आवक कम हुई और भाव बढ़ गया है। ग्राहक अब किलो की जगह आधा किलो और पाव भर सब्जी ले रहे हैं।
-नौशाद, सब्जी विक्रेता।