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इंग्लैंड में प्यार से लोग पुलिसकर्मियों को बॉबी कहते हैं...
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प्रोफेसर मोहम्मद शब्बीर।
- फोटो : CITY OFFICE
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कौशल कुमार ओझा
गोंडा थानाध्यक्ष एवं इगलास विधानसभा क्षेत्र के विधायक के बीच मारपीट को लेकर एएमयू के राजनीति विज्ञान विभाग के प्रो. मिर्जा असमर बेग कहते हैं कि आप एक बार अपने मन में पुलिस और इंडियन आर्मी का नाम लें, फिर ध्यान दें कि आपके दिमाग में अलग-अलग कैसी छवि बनती है।
जाहिर है कि आर्मी की इमेज अच्छी बनती है। किसी से पुलिस की इमेज के बारे में पूछे। यह इमेज अचानक नहीं बनती बल्कि धीरे-धीरे अनुभव के आधार पर बनती है। पुलिस वाले विकास दुबे को बता देंगे कि हम आ रहे हैं। वह निर्दोष को पकड़ कर जेल में डाल सकते हैं। दोषी छूट जाते हैं। यही सब चीजे धीरे-धीरे इंस्टीट्यूशन इमेज बनती है। इंग्लैंड में पुलिस की इमेज इतनी अच्छी है कि वहां के लोग पुलिस वालों को प्यार से बॉबी कहते हैं। उन्हें पूरा विश्वास है कि पुलिसकर्मी उनकी हिफाजत और मदद के लिए हैं।
गोंडा थाना प्रकरण पर प्रो. मिर्जा असमर बेग कहते हैं कि इस मुद्दे पर क्या कहा जाए, कुछ भी नया नही है। हमारे प्रदेश में तो ऐसी घटनाएं आए दिन होती रहती है। हालांकि प्रो. असमर बेग के कथन में ही यहां की पुलिसिंग एवं नेताओं के व्यवहार की सच्चाई छुपी हुई है। मतलब पानी सिर से ऊपर बह रहा है।
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जन प्रतिनिधि व पुलिस के बीच टकराव अच्छे संकेत नहीं है। इससे तो हमारी पुरी व्यवस्था छिन्न-भिन्न हो जाएगी। एक का काम कानून बनाना है और दूसरे का काम उसे लागू करना एवं उसका पालन कराना है। इनके बीच टकराव पूरे तंत्र को जोखिम में डालने के समान है। यह तो संविधान की हत्या करने के समान है। - प्रो. मो. शब्बीर, कानूनविद्
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गोंडा थानाध्यक्ष एवं इगलास विधानसभा क्षेत्र के विधायक के बीच मारपीट को लेकर एएमयू के राजनीति विज्ञान विभाग के प्रो. मिर्जा असमर बेग कहते हैं कि आप एक बार अपने मन में पुलिस और इंडियन आर्मी का नाम लें, फिर ध्यान दें कि आपके दिमाग में अलग-अलग कैसी छवि बनती है।
जाहिर है कि आर्मी की इमेज अच्छी बनती है। किसी से पुलिस की इमेज के बारे में पूछे। यह इमेज अचानक नहीं बनती बल्कि धीरे-धीरे अनुभव के आधार पर बनती है। पुलिस वाले विकास दुबे को बता देंगे कि हम आ रहे हैं। वह निर्दोष को पकड़ कर जेल में डाल सकते हैं। दोषी छूट जाते हैं। यही सब चीजे धीरे-धीरे इंस्टीट्यूशन इमेज बनती है। इंग्लैंड में पुलिस की इमेज इतनी अच्छी है कि वहां के लोग पुलिस वालों को प्यार से बॉबी कहते हैं। उन्हें पूरा विश्वास है कि पुलिसकर्मी उनकी हिफाजत और मदद के लिए हैं।
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गोंडा थाना प्रकरण पर प्रो. मिर्जा असमर बेग कहते हैं कि इस मुद्दे पर क्या कहा जाए, कुछ भी नया नही है। हमारे प्रदेश में तो ऐसी घटनाएं आए दिन होती रहती है। हालांकि प्रो. असमर बेग के कथन में ही यहां की पुलिसिंग एवं नेताओं के व्यवहार की सच्चाई छुपी हुई है। मतलब पानी सिर से ऊपर बह रहा है।
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जन प्रतिनिधि व पुलिस के बीच टकराव अच्छे संकेत नहीं है। इससे तो हमारी पुरी व्यवस्था छिन्न-भिन्न हो जाएगी। एक का काम कानून बनाना है और दूसरे का काम उसे लागू करना एवं उसका पालन कराना है। इनके बीच टकराव पूरे तंत्र को जोखिम में डालने के समान है। यह तो संविधान की हत्या करने के समान है। - प्रो. मो. शब्बीर, कानूनविद्