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डेढ़ घंटे में दो मुठभेड़, गोली लगी पर तीन लुटेरे गिरफ्तार
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घटनास्थल पर जांच करने पहुंचे क्षेत्राधिकारी ग्रामीण व क्षेत्राधिकारी अतरौली
- फोटो : CHHARRA
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क्राइम न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़।
यूपी में अपराधियों के खिलाफ ऑपरेशन शूटआउट एक बार फिर शुरू हो गया है। इसी क्रम में सोमवार शाम ऑपरेशन आउआउट के दौरान जिला पुलिस ने डेढ़ घंटे में दो मुठभेड़ में तीन बदमाश गिरफ्तार किए हैं। इस दौरान तीनों बदमाशों के पैरों में गोली लगने से वह जख्मी हुए हैं, जिन्हें जिला अस्पताल में भरती कराया गया है। बदमाशों से पहली मुठभेड़ शाम करीब साढ़े पांच बजे हरदुआगंज पुलिस संग हुई, जिसमें एलजी कंपनी के कंप्रेशर से भरे ट्रक को चालक की हत्या कर लूटने वाले गैंग के सरगना को जख्मी होने पर दबोचा गया। इसके दो साथी बाइक लेकर भागने में सफल रहे। वहीं दूसरी मुठभेड़ छर्रा क्षेत्र में शाम करीब सात बजे हुई, जिसमें जिले के विभिन्न इलाकों में बैंकों के बाहर लूटपाट करते फिर रहे दो लुटेरे भी जख्मी होने पर दबोच गए। तीनों बदमाशों को आनन-फानन जिला अस्पताल भेजने के साथ पुलिस टीमें उनके फरार साथियों की तलाश में देर रात तक जुटी हुई हैं। वहीं एसएसपी आकाश कुलहरि, एसपी देहात मणीलाल पाटीदार सहित आला अधिकारियों ने मौका मुआयना भी किया। वहीं फॉरेंसिक टीमें भी साक्ष्य संकलन के लिए मौके पर पहुंची हैं।
मुठभेड़ -1
ड्राइवर की हत्या कर ट्रक लूटने वाला एटा का कुख्यात डकैत
सब हेड...
परी चौक से बनी थी ट्रक लूट की योजना, कासगंज पुलिस ने ट्रक समेत पकड़ा था एक बदमाश
नोएडा से फ्रिज के कंप्रेशर से भरे ट्रक को चालक की हत्या करने के बाद लूटकर भागे बदमाशों का सरगना जलाली क्षेत्र में चंगेरी पुल के पास मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया। वह एटा का कुख्यात डकैत है। दाहिने पैर में गोली लगने के बाद उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। 15 जून की रात ट्रक लूटने के बाद बदमाशों ने चालक की हत्याकर शव जलाली क्षेत्र में ही फेंका था और कासगंज की ओर भाग गए थे। जहां कासगंज पुलिस ने एक बदमाश गिरफ्तार कर ट्रक बरामद कर लिया था और घटना का खुलासा हुआ था। उसी बदमाश से मिली जानकारी के आधार पर हरदुआगंज पुलिस अन्य बदमाशों को तलाश रही थी, जिसके आधार पर सोमवार को मुठभेड़ में सरगना दबोच लिया गया।
थानाध्यक्ष संदीप कुमार ने बताया कि चंगेरी पुल के पास वह पुलिस टीम के साथ शाम करीब साढ़े पांच बजे वाहन चेकिंग कर रहे थे। तभी पुलिस को शेखा गांव की ओर से एक बाइक पर सवार तीन युवक आते दिखाई दिये। वह पुलिस को देख वापस भागने लगे। इस पर संदेह के चलते उन्हें टोका तो पीछे बैठे बदमाश ने पुलिस टीम पर फायर झोंक दिया। इस पर जवाबी फायरिंग में एक गोली पीछे बैठे बदमाश के दाहिने पैर में जा लगी और वह बाइक से गिर गया, जबकि उसके दोनों साथी बाइक लेकर शेखा पुल की ओर भाग गए। जिला अस्पताल में पकडे़ गए बदमाश ने अपना नाम सुखपाल पुत्र जुगेन्द्र सिंह निवासी नगला प्रेमी थाना मिरहची जिला एटा बताया। थानाध्यक्ष के अनुसार सुखपाल 15 जून की घटना का मुख्य आरोपी है। मुठभेड़ के दौरान थानाध्यक्ष के अलावा जलाली चौकी प्रभारी जितेन्द्र सिंह, एसआई राहुल कुमार, हवलदार श्याम सिंह व अजीत प्रताप सिंह पुलिस टीम में शामिल रहे। पुलिस ने घटना स्थल से पुलिस ने एक तमंचा 315 बोर दो खोखा व चार कारतूस बरामद किए हैं। पूछताछ में सुखपाल ने स्वीकारा कि एलजी कंपनी के 530 फ्रिज कंप्रेशर लेकर आगरा जा रहे ट्रक को लूटने की योजना उसने अपने साथी परी चौक ग्रेटर नोएडा में बनाई थी। वहीं से साथियों की मदद से सवारी बनकर ट्रक में सवार हुए थे। जेवर टोल पार करने के बाद ट्रक ड्राइवर दौलत यादव को कब्जे में कर ट्रक को अलीगढ़ से पनैठी रोड पर ले गए। जहां चालक की हत्या कर आगे निकल गए। इस घटना में उसके साथ रवि उर्फ पटेल पुत्र बाबा यादव निवासी गांव नगला प्रेमी, मिरहची कासगंज, मनीष पुत्र भूरेलाल निवासी डांडा ढोलना कासगंज, लव पुत्र इनाम सिंह निवासी रामपुर, बागवाला एटा व आदेश निवासी सुरजनपुर बिछवां मैनपुरी शामिल थे। इनमें से आदेश कासगंज में पकड़ा गया, जबकि मनीष व लव आज सुखराम के साथ बाइक पर थे, जो भागने में सफल रहे हैं।
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ढोलना पर चेकिंग के दौरान भागने के फेर में फंसे थे लुटेरे
चालक का शव फेंकने के बाद कासगंज की ओर भागे बदमाशों को कासगंज की ढोलना पुलिस ने रात में चेकिंग के दौरान रोका और कागजात दिखाने को कहा। मगर इसी दौरान कागज न होने पर जब वह भागे तो पुलिस ने पीछा कर ट्रक पकड़ लिया। इस दौरान आदेश पकड़ा गया था। बाकी साथी अंधेरे में निकल गए थे।
पुलिस के जाने के बाद घटना स्थल पर लगा ग्रामीणों का हुजूम
लगभग पौने आठ बजे पुलिस व फॉरेंसिक टीम के जाते ही चंगेरी, दौलतपुर और खान आलमपुर के ग्रामीण घटना स्थल की ओर दौड़ पड़े। ग्रामीणों ने बताया कि कई घंटे से पुलिस ने चारों तरफ की नाके बंदी कर रखी थी। वहीं गोलियों की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण और खेतों में काम कर रहे किसान भी अचंभे में थे। लेकिन जैसे ही पुलिस टीम वहां से गई तैसे ही ग्रामीण घटना स्थल की ओर दौड़ पडे़ लेकिन वहां कुछ न मिलने पर मायूस होकर लौट गये। ग्रामीणों ने बताया कि लगभग 36- 37 साल पूर्व पुलिस ने चंगेरी पुल पर ही तीन बदमाशों को मुठभेड़ में मार गिराया था।
मुठभेड़ -2
सीसीटीवी के सहारे हत्थे चढ़े बैंकों के बाहर के लुटेरे
थाना क्षेत्र के छर्रा-अतरौली मार्ग स्थित गुप्ता मोड़ पर शाम करीब सात बजे वाहन चेकिंग कर रही पुलिस टीम ने जब बाइक सवारों को रोकने का इशारा किया तो उन्होंने रोकने के बजाय भागने की कोशिश की और घेराबंदी कर पुलिस पर फायरिंग कर दी। इसी जवाबी फायरिंग में दोनों बदमाशों के पैरों में गोली लगने से वह जख्मी हो गए और पुलिस के हत्थे चढ़ गए। खास बात यह रही कि इन दोनों बदमाशों को जिले के सभी थानों की पुलिस करीब एक माह से खोज रही थी। यह दोनों बैंकों से रुपये लेकर निकले ग्राहकों से लूट की कई घटनाओं में सीसीटीवी में कैद थे। जख्मी होने के बाद गिरते ही इन्हें देखने पर पुलिस ने पहचान लिया और आनन-फानन अधिकारियों को सूचना देकर जिला अस्पताल भिजवाया।
छर्रा कोतवाली निरीक्षक अनिल कुमार सिंह के अनुसार वह एसआई तरुण तोमर, संदीप सिंह, रोहित तोमर, रोशन लाल, अजय कृष्ण यादव, सिपाही अनुपम, सतेंद्र कुमार, रजनेश कुमार और गंगीरी पुलिस के साथ छर्रा-अतरौली रोड पर गुप्ता मोड़ के पास वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इसी बीच बिना नंबर वाली एक बाइक पर दो व्यक्ति आते नजर आए। एक सिपाही ने उन्हें रुकने के लिए हाथ से इशारा किया तो पुलिस को देखकर दोनों छर्रा रफायतपुर (नगला बादशाह) की ओर से खेतों के रास्ते से भागे। इस पर पुलिस ने उन्हें पकड़ने के लिए पीछा किया तो बदमाशों ने पलटकर पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। इस पर पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की। इस मुठभेड़ में दोनों बदमाशों के गोली लग गई और गिर पड़े। इन्होंने पूछताछ में अपने नाम मनीष पुत्र विजेंद्र और बंगाली पुत्र ब्रजपाल निवासी पींजरी थाना गोंडा बताए। इनके पास से बाइक के अलावा दो तमंचे 315 बोर और 6 कारतूस व खोखा बरामद हुए हैं। जिला अस्पताल में उपचार के दौरान अब तक की पूछताछ में उन्होंने जिले की 7-8 लूट करना स्वीकारा है। इनमें अतरौली, छर्रा, अकराबाद व विजयगढ़ आदि की लूट शामिल हैं। अधिकांश लूट बैंकों से रुपये लेकर निकले ग्राहकों से रुपये छीनना शामिल है। इनमें से कुछ में यह दोनों सीसीटीवी में कैद हुए हैं।
-हरदुआगंज लूट में शामिल अपराधी पहले से हत्या युक्त डकैती में एटा के मिरहची से ही आरोपी है। इसके अलावा उसका अन्य रिकार्ड भी निकलवाया जा रहा है। बाकी साथियों की तलाश कराई जा रही है। इसी तरह छर्रा में पकड़े गए दोनों अपराधियों को पुलिस काफी समय से तलाश रही थी। मुठभेड़ में गिरफ्तारी के बाद उनसे आधा दर्जन से ज्यादा लूटें खुली हैं और उनका रिकार्ड भी खंगलवाया जा रहा है। दोनों जगहों पर वाहन चेकिंग के दौरान मुठभेड़ में बदमाशों के गोली लगी है। -मणीलाल पाटीदार एसपी देहात
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यूपी में अपराधियों के खिलाफ ऑपरेशन शूटआउट एक बार फिर शुरू हो गया है। इसी क्रम में सोमवार शाम ऑपरेशन आउआउट के दौरान जिला पुलिस ने डेढ़ घंटे में दो मुठभेड़ में तीन बदमाश गिरफ्तार किए हैं। इस दौरान तीनों बदमाशों के पैरों में गोली लगने से वह जख्मी हुए हैं, जिन्हें जिला अस्पताल में भरती कराया गया है। बदमाशों से पहली मुठभेड़ शाम करीब साढ़े पांच बजे हरदुआगंज पुलिस संग हुई, जिसमें एलजी कंपनी के कंप्रेशर से भरे ट्रक को चालक की हत्या कर लूटने वाले गैंग के सरगना को जख्मी होने पर दबोचा गया। इसके दो साथी बाइक लेकर भागने में सफल रहे। वहीं दूसरी मुठभेड़ छर्रा क्षेत्र में शाम करीब सात बजे हुई, जिसमें जिले के विभिन्न इलाकों में बैंकों के बाहर लूटपाट करते फिर रहे दो लुटेरे भी जख्मी होने पर दबोच गए। तीनों बदमाशों को आनन-फानन जिला अस्पताल भेजने के साथ पुलिस टीमें उनके फरार साथियों की तलाश में देर रात तक जुटी हुई हैं। वहीं एसएसपी आकाश कुलहरि, एसपी देहात मणीलाल पाटीदार सहित आला अधिकारियों ने मौका मुआयना भी किया। वहीं फॉरेंसिक टीमें भी साक्ष्य संकलन के लिए मौके पर पहुंची हैं।
मुठभेड़ -1
ड्राइवर की हत्या कर ट्रक लूटने वाला एटा का कुख्यात डकैत
सब हेड...
परी चौक से बनी थी ट्रक लूट की योजना, कासगंज पुलिस ने ट्रक समेत पकड़ा था एक बदमाश
नोएडा से फ्रिज के कंप्रेशर से भरे ट्रक को चालक की हत्या करने के बाद लूटकर भागे बदमाशों का सरगना जलाली क्षेत्र में चंगेरी पुल के पास मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया। वह एटा का कुख्यात डकैत है। दाहिने पैर में गोली लगने के बाद उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। 15 जून की रात ट्रक लूटने के बाद बदमाशों ने चालक की हत्याकर शव जलाली क्षेत्र में ही फेंका था और कासगंज की ओर भाग गए थे। जहां कासगंज पुलिस ने एक बदमाश गिरफ्तार कर ट्रक बरामद कर लिया था और घटना का खुलासा हुआ था। उसी बदमाश से मिली जानकारी के आधार पर हरदुआगंज पुलिस अन्य बदमाशों को तलाश रही थी, जिसके आधार पर सोमवार को मुठभेड़ में सरगना दबोच लिया गया।
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थानाध्यक्ष संदीप कुमार ने बताया कि चंगेरी पुल के पास वह पुलिस टीम के साथ शाम करीब साढ़े पांच बजे वाहन चेकिंग कर रहे थे। तभी पुलिस को शेखा गांव की ओर से एक बाइक पर सवार तीन युवक आते दिखाई दिये। वह पुलिस को देख वापस भागने लगे। इस पर संदेह के चलते उन्हें टोका तो पीछे बैठे बदमाश ने पुलिस टीम पर फायर झोंक दिया। इस पर जवाबी फायरिंग में एक गोली पीछे बैठे बदमाश के दाहिने पैर में जा लगी और वह बाइक से गिर गया, जबकि उसके दोनों साथी बाइक लेकर शेखा पुल की ओर भाग गए। जिला अस्पताल में पकडे़ गए बदमाश ने अपना नाम सुखपाल पुत्र जुगेन्द्र सिंह निवासी नगला प्रेमी थाना मिरहची जिला एटा बताया। थानाध्यक्ष के अनुसार सुखपाल 15 जून की घटना का मुख्य आरोपी है। मुठभेड़ के दौरान थानाध्यक्ष के अलावा जलाली चौकी प्रभारी जितेन्द्र सिंह, एसआई राहुल कुमार, हवलदार श्याम सिंह व अजीत प्रताप सिंह पुलिस टीम में शामिल रहे। पुलिस ने घटना स्थल से पुलिस ने एक तमंचा 315 बोर दो खोखा व चार कारतूस बरामद किए हैं। पूछताछ में सुखपाल ने स्वीकारा कि एलजी कंपनी के 530 फ्रिज कंप्रेशर लेकर आगरा जा रहे ट्रक को लूटने की योजना उसने अपने साथी परी चौक ग्रेटर नोएडा में बनाई थी। वहीं से साथियों की मदद से सवारी बनकर ट्रक में सवार हुए थे। जेवर टोल पार करने के बाद ट्रक ड्राइवर दौलत यादव को कब्जे में कर ट्रक को अलीगढ़ से पनैठी रोड पर ले गए। जहां चालक की हत्या कर आगे निकल गए। इस घटना में उसके साथ रवि उर्फ पटेल पुत्र बाबा यादव निवासी गांव नगला प्रेमी, मिरहची कासगंज, मनीष पुत्र भूरेलाल निवासी डांडा ढोलना कासगंज, लव पुत्र इनाम सिंह निवासी रामपुर, बागवाला एटा व आदेश निवासी सुरजनपुर बिछवां मैनपुरी शामिल थे। इनमें से आदेश कासगंज में पकड़ा गया, जबकि मनीष व लव आज सुखराम के साथ बाइक पर थे, जो भागने में सफल रहे हैं।
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चालक का शव फेंकने के बाद कासगंज की ओर भागे बदमाशों को कासगंज की ढोलना पुलिस ने रात में चेकिंग के दौरान रोका और कागजात दिखाने को कहा। मगर इसी दौरान कागज न होने पर जब वह भागे तो पुलिस ने पीछा कर ट्रक पकड़ लिया। इस दौरान आदेश पकड़ा गया था। बाकी साथी अंधेरे में निकल गए थे।
पुलिस के जाने के बाद घटना स्थल पर लगा ग्रामीणों का हुजूम
लगभग पौने आठ बजे पुलिस व फॉरेंसिक टीम के जाते ही चंगेरी, दौलतपुर और खान आलमपुर के ग्रामीण घटना स्थल की ओर दौड़ पड़े। ग्रामीणों ने बताया कि कई घंटे से पुलिस ने चारों तरफ की नाके बंदी कर रखी थी। वहीं गोलियों की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण और खेतों में काम कर रहे किसान भी अचंभे में थे। लेकिन जैसे ही पुलिस टीम वहां से गई तैसे ही ग्रामीण घटना स्थल की ओर दौड़ पडे़ लेकिन वहां कुछ न मिलने पर मायूस होकर लौट गये। ग्रामीणों ने बताया कि लगभग 36- 37 साल पूर्व पुलिस ने चंगेरी पुल पर ही तीन बदमाशों को मुठभेड़ में मार गिराया था।
मुठभेड़ -2
सीसीटीवी के सहारे हत्थे चढ़े बैंकों के बाहर के लुटेरे
थाना क्षेत्र के छर्रा-अतरौली मार्ग स्थित गुप्ता मोड़ पर शाम करीब सात बजे वाहन चेकिंग कर रही पुलिस टीम ने जब बाइक सवारों को रोकने का इशारा किया तो उन्होंने रोकने के बजाय भागने की कोशिश की और घेराबंदी कर पुलिस पर फायरिंग कर दी। इसी जवाबी फायरिंग में दोनों बदमाशों के पैरों में गोली लगने से वह जख्मी हो गए और पुलिस के हत्थे चढ़ गए। खास बात यह रही कि इन दोनों बदमाशों को जिले के सभी थानों की पुलिस करीब एक माह से खोज रही थी। यह दोनों बैंकों से रुपये लेकर निकले ग्राहकों से लूट की कई घटनाओं में सीसीटीवी में कैद थे। जख्मी होने के बाद गिरते ही इन्हें देखने पर पुलिस ने पहचान लिया और आनन-फानन अधिकारियों को सूचना देकर जिला अस्पताल भिजवाया।
छर्रा कोतवाली निरीक्षक अनिल कुमार सिंह के अनुसार वह एसआई तरुण तोमर, संदीप सिंह, रोहित तोमर, रोशन लाल, अजय कृष्ण यादव, सिपाही अनुपम, सतेंद्र कुमार, रजनेश कुमार और गंगीरी पुलिस के साथ छर्रा-अतरौली रोड पर गुप्ता मोड़ के पास वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इसी बीच बिना नंबर वाली एक बाइक पर दो व्यक्ति आते नजर आए। एक सिपाही ने उन्हें रुकने के लिए हाथ से इशारा किया तो पुलिस को देखकर दोनों छर्रा रफायतपुर (नगला बादशाह) की ओर से खेतों के रास्ते से भागे। इस पर पुलिस ने उन्हें पकड़ने के लिए पीछा किया तो बदमाशों ने पलटकर पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। इस पर पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की। इस मुठभेड़ में दोनों बदमाशों के गोली लग गई और गिर पड़े। इन्होंने पूछताछ में अपने नाम मनीष पुत्र विजेंद्र और बंगाली पुत्र ब्रजपाल निवासी पींजरी थाना गोंडा बताए। इनके पास से बाइक के अलावा दो तमंचे 315 बोर और 6 कारतूस व खोखा बरामद हुए हैं। जिला अस्पताल में उपचार के दौरान अब तक की पूछताछ में उन्होंने जिले की 7-8 लूट करना स्वीकारा है। इनमें अतरौली, छर्रा, अकराबाद व विजयगढ़ आदि की लूट शामिल हैं। अधिकांश लूट बैंकों से रुपये लेकर निकले ग्राहकों से रुपये छीनना शामिल है। इनमें से कुछ में यह दोनों सीसीटीवी में कैद हुए हैं।
-हरदुआगंज लूट में शामिल अपराधी पहले से हत्या युक्त डकैती में एटा के मिरहची से ही आरोपी है। इसके अलावा उसका अन्य रिकार्ड भी निकलवाया जा रहा है। बाकी साथियों की तलाश कराई जा रही है। इसी तरह छर्रा में पकड़े गए दोनों अपराधियों को पुलिस काफी समय से तलाश रही थी। मुठभेड़ में गिरफ्तारी के बाद उनसे आधा दर्जन से ज्यादा लूटें खुली हैं और उनका रिकार्ड भी खंगलवाया जा रहा है। दोनों जगहों पर वाहन चेकिंग के दौरान मुठभेड़ में बदमाशों के गोली लगी है। -मणीलाल पाटीदार एसपी देहात