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बन्नादेवी में दबोचा अंतर्राज्यीय वाहन चोर गिरोह, एक फरार

Sun, 17 Nov 2019 02:12 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 17 Nov 2019 02:12 AM IST
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Police arrested inter-state vehicle thief gang
थाना बन्नादेवी पुलिस ने शुक्रवार को अंतर्राज्यीय वाहन चोर गिरोह के तीन सदस्यों को दबोचा है। हालांकि धरपकड़ में उनका एक साथी भागने में सफल रहा। गिरोह के पास से चोरी की सात बाइक बरामद हुई हैं, जिन्हें वह गाजियाबाद ले जाकर बेचने की फिराक में कृष्णा इंटरनेशनल स्कूल के पास एकत्रित थे। तभी दबोच लिए गए। पूछताछ में सामने आया कि गिरोह एनसीआर सहित अलीगढ़ में वाहन चोरियों को अंजाम देता था। इस गैंग का सरगना एटा के एक सरकारी शिक्षक का बेटा है।
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एसपी क्राइम डॉ. अरविंद ने पुलिस कार्यालय पर प्रेसवार्ता में बताया कि दबोचे गए शातिर चोरों की पहचान लेखांशु उर्फ लेखा पुत्र ओमप्रकाश निवासी बिहारीपुर, खैर, जीतू पुत्र देवराज, भागीरथ पुत्र उदय सिंह निवासी संग्रामपुर, खैर के रूप में हुई है। इनका साथी अनुज पुत्र देवराज मौके से भागने में सफल हो गया। वह दबोचे गए जीतू का भाई भी है। गैंग का सरगना लेखांशु है।
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गिरोह ने स्वीकारा कि वह दिल्ली-गाजियाबाद, नोएडा और अलीगढ़ से वाहनों की चोरी करते थे। वाहन इकट्ठे होने के बाद उनको गाजियाबाद और मेरठ ले जाकर बेचते थे। बरामद सात बाइकों को भी वह गाजियाबाद ले जाने की तैयारी में थे।
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शातिरों को दबोचने वाली टीम में एसआई अश्वनी कुमार, राहुल कादियान, कांस्टेबल राजेश कुमार, विनय कुमार शामिल रहे। फरार अनुज की तलाश की जा रही है। उसके संबंध में गाजियाबाद और दिल्ली में इनपुट मिले हैं। उसके ठिकानों पर दबिश देने को एक टीम तैयार की जा रही है। संभवत: इस गिरोह में और भी शातिर शामिल हैं, जिनके बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
पढ़ने गए थे दिल्ली, ऊंचे शौक लगते ही बने चोर
इंस्पेक्टर बन्नादेवी रविंद्र कुमार दुबे के अनुसार यह गैंग के सभी सदस्य दिल्ली-गाजियाबाद के कालेजों में पढ़ाई करने करीब दो साल पहले गए थे। वहां इनको ऊंचे शौक लग गए और जरायम की दुनिया में दाखिला ले लिया। एक साथ गाजियाबाद में रहने लगे और वहां चोरी की वारदातें करने लगे।

बाप ने दी अच्छाई की सीख, भाई ने अपराधी बनाया
जांच में सामने आया है कि गैंग सरगना लेखांशु के पिता ओमप्रकाश एटा में सरकारी शिक्षक हैं। वह बच्चों को शुरुआत से ही अच्छाई की सीख देते रहे। मगर, लेखांशु का बड़ा भाई ऋिषी अपराध में शामिल होकर चोरी, लूट की घटनाओं को अंजाम देने लगा। लेखांशु जब गाजियाबाद पहुंचा तो उसे भी अपने साथ ले लिया और अपराधी बना दिया। इधर, अपराधी जीतू का भाई अनुज भी पहले से अपराधी था। उसने ही लेखांशु को चोरी की तरकीबें सिखाईं।
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