पुलिस पर लापरवाही का आरोप: चार दिन से नहीं मिला विशाल, पुलिस के डर से कूंद गया था काली नदी में, हंगामा
ग्रामीणों ने बताया कि विगत 8 अक्टूबर को पुलिस द्वारा पीछा करने पर विशाल काली नदी में कूद गया था। जिसका अभी तक कोई पता नहीं लगा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पुलिस की लापरवाही से घटना हुई है।
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अतरौली के गांव मढ़ोली निवासी विशाल के चार दिन से न मिलने पर गुस्साए परिजन और ग्रामीणों ने रामघाट कल्याण मार्ग पर 11 अक्टूबर को जाम लगा दिया। लोगों ने जमकर हंगामा कर नारेबाजी की। पुलिस ने गुस्साए लोगों को समझाकर जाम खुलवाने का प्रयास किया। जाम से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। लोगों ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। दो घंटे बाद जाम खुला।
ग्रामीणों ने बताया कि विगत 8 अक्टूबर को पुलिस द्वारा पीछा करने पर विशाल काली नदी में कूद गया था। जिसका अभी तक कोई पता नहीं लगा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पुलिस की लापरवाही से घटना हुई है। काली नदी में तलाशी अभियान चलाने में भी लापरवाही की जा रही है। लोगों में पुलिस के खिलाफ काफी आक्रोश दिखा।
पुलिस पर लापरवाही के आरोप गलत हैं। पुलिस लगातार तलाशी में जुटी है। एनडीआरएफ की टीम बुलाई गई है। तलाशी अभियान तेज किया जाएगा।- ईश्वर सिंह तौमर, एसओ
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यह है मामला
गांव मढ़ोली निवासी 20 वर्षीय विशाल कुमार पुत्र कलियान सिंह का दोस्त शिवा जवां थाना क्षेत्र के गांव इस्माइलपुर में रहता है। शिवा कुछ दिन पहले दुर्घटना में घायल हो गया था। कलियान सिंह ने बताया कि 8 अक्टूबर शाम करीब पांच बजे विशाल गांव खेड़ा निवासी धीरज पुत्र फूल सिंह, अंकेश पुत्र सुनील और जरगवा निवासी विकास पुत्र नरेश पाल के साथ शिवा की तबीयत देखकर लौट रहे थे। चारों दोस्त एक ही बाइक पर थे, तभी गांव मीरगढी के निकट पुलिस ने उन्हें रोक लिया। चार सवारी होने के कारण चारों दोस्त डर गए और बाइक छोड़कर भागने लगे। धीरज और अंकेश को पुलिस ने पकड़ लिया जबकि विशाल और विकास भाग गए। पुलिस कर्मियों ने उनका पीछा किया तो विशाल काली नदी में कूद गया। तभी से विशाल लापता है।