{"_id":"3a4338a800ec2ed46e85b67d40fcf164","slug":"petrol-pumps-blast-due-to-gasolin-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"..तो गैसोलीन से हुआ था पेट्रोल पंप में धमाका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
..तो गैसोलीन से हुआ था पेट्रोल पंप में धमाका
अलीगढ़
Updated Mon, 11 Jan 2016 02:07 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रामघाट रोड पर एसएमवी इंटर कॉलेज के सामने स्थित नौरंगराय जैन पेट्रोल पंप में बीते बुधवार 6 जनवरी की शाम साढ़े पांच बजे के करीब हुआ धमाका गैसोलीन की वजह से हुआ था। हिंदुस्तान पेट्रोलियम की आगरा से आई एक्सपर्ट टीम ने अपनी जांच रिपोर्ट में इसका जिक्र किया है।
इस मामले में चीफ फायर सेफ्टी अफसर राजाराम यादव ने सुरक्षा मानकाें की अनदेखी का जिक्र कर पंप का लाइसेंस निरस्त करने की सिफारिश जिलाधिकारी को भेजी है। इधर, क्वार्सी थाना पुलिस ने भी 308 के तहत मामला दर्ज किया है, क्योंकि धमाके के दौरान आधा दर्जन से अधिक लोग सिर से पेट के बीच गैस से झुलसे हैं।
तीन दिन तक सदमे में रहे इस पंप के मालिक वेदप्रकाश जैन ने रविवार को पूरे प्रकरण पर पहली बार अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि वसुुंधरा फिलिंग स्टेशन के कर्मी के साथ हुई लूट के विरोध में बुधवार को हादसे के दिन पेट्रोल पंपों की हड़ताल थी, लेकिन जिलापूर्ति अधिकारी नीरज कुमार के आग्रह पर जनहित में कुछ पंप खोले गए थे, जिसमें से एक उनका पंप भी था।
विज्ञापन
बोले.. उस दिन जैसी भीड़ जिंदगी में कभी नहीं देखी। इसी बीच अचानक धमाका हुआ तो मैं बहुत देर तक कुछ समझ नहीं पाया। लोगों को झुलसा देख कर मैं बहुत तनाव में आ गया था। जब एचपी की टीम ने पूरी जांच की तो बात समझ में आई। दरअसल, पेट्रोल या डीजल भरवाते वक्त जब वाहन का टैंक खुला होता है और ईंधन भरा जा रहा होता है तो उस वक्त कुछ गैस बनती है। इसे गैसोलीन कहते हैं, पेट्रोल हवा के संपर्क में आने पर गैसोलीन में बदल जाता है।
वाहन अधिक हो तो गैस बढ़ जाती है। इसी गैस में दबाव बनने से और किसी वाहन के धुंए की चिंगारी उस गैस में मिलने से धमाका हुआ, जिससे लोग झुलस गए। जैन ने कहा कि पंप में निर्धारित सुरक्षा मानकों से अधिक अग्निशमन यंत्र हैं, बालू है और दूसरे इंतजाम हैं। इसके बावजूद हम पंप तब तक चालू नहीं करेंगे जब तक एचपी की ओर से हमें पूरी सुरक्षा नहीं मिलती। बोले..पैसा बहुत कमा लिया लोगों की सुरक्षा से बढ़ कर कुछ नहीं है।
एचपी की टीम सभी उपकरणों को जांच कर चुकी है सभी फिट मिले हैं। कंपनी ने पंप को क्लीनचिट दी है। हमारी शिकायत अब प्रशासन से जरूर है कि एचपी की जांच पूरी हुए बिना, मुकदमा दर्ज करा दिया गया, जबकि हमने केवल जनहित में पंप खोला था अगर नहीं खोलते तो ये दिन नहीं देखना पड़ता। गौर हो कि इस हादसे के बाद अधिकांश पंप संचालक सकते में हैं कहीं उनके यहां भी ऐसा हादसा हुआ तो क्या करेंगे..?
विज्ञापन
इस मामले में चीफ फायर सेफ्टी अफसर राजाराम यादव ने सुरक्षा मानकाें की अनदेखी का जिक्र कर पंप का लाइसेंस निरस्त करने की सिफारिश जिलाधिकारी को भेजी है। इधर, क्वार्सी थाना पुलिस ने भी 308 के तहत मामला दर्ज किया है, क्योंकि धमाके के दौरान आधा दर्जन से अधिक लोग सिर से पेट के बीच गैस से झुलसे हैं।
विज्ञापन
तीन दिन तक सदमे में रहे इस पंप के मालिक वेदप्रकाश जैन ने रविवार को पूरे प्रकरण पर पहली बार अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि वसुुंधरा फिलिंग स्टेशन के कर्मी के साथ हुई लूट के विरोध में बुधवार को हादसे के दिन पेट्रोल पंपों की हड़ताल थी, लेकिन जिलापूर्ति अधिकारी नीरज कुमार के आग्रह पर जनहित में कुछ पंप खोले गए थे, जिसमें से एक उनका पंप भी था।
विज्ञापन
बोले.. उस दिन जैसी भीड़ जिंदगी में कभी नहीं देखी। इसी बीच अचानक धमाका हुआ तो मैं बहुत देर तक कुछ समझ नहीं पाया। लोगों को झुलसा देख कर मैं बहुत तनाव में आ गया था। जब एचपी की टीम ने पूरी जांच की तो बात समझ में आई। दरअसल, पेट्रोल या डीजल भरवाते वक्त जब वाहन का टैंक खुला होता है और ईंधन भरा जा रहा होता है तो उस वक्त कुछ गैस बनती है। इसे गैसोलीन कहते हैं, पेट्रोल हवा के संपर्क में आने पर गैसोलीन में बदल जाता है।
वाहन अधिक हो तो गैस बढ़ जाती है। इसी गैस में दबाव बनने से और किसी वाहन के धुंए की चिंगारी उस गैस में मिलने से धमाका हुआ, जिससे लोग झुलस गए। जैन ने कहा कि पंप में निर्धारित सुरक्षा मानकों से अधिक अग्निशमन यंत्र हैं, बालू है और दूसरे इंतजाम हैं। इसके बावजूद हम पंप तब तक चालू नहीं करेंगे जब तक एचपी की ओर से हमें पूरी सुरक्षा नहीं मिलती। बोले..पैसा बहुत कमा लिया लोगों की सुरक्षा से बढ़ कर कुछ नहीं है।
एचपी की टीम सभी उपकरणों को जांच कर चुकी है सभी फिट मिले हैं। कंपनी ने पंप को क्लीनचिट दी है। हमारी शिकायत अब प्रशासन से जरूर है कि एचपी की जांच पूरी हुए बिना, मुकदमा दर्ज करा दिया गया, जबकि हमने केवल जनहित में पंप खोला था अगर नहीं खोलते तो ये दिन नहीं देखना पड़ता। गौर हो कि इस हादसे के बाद अधिकांश पंप संचालक सकते में हैं कहीं उनके यहां भी ऐसा हादसा हुआ तो क्या करेंगे..?