{"_id":"5904f2ec4f1c1bc12cc0ce3d","slug":"petrol-pump-diesel-sale-license-suspended","type":"story","status":"publish","title_hn":"पेट्रोल पंप का डीजल बिक्री लाइसेंस निलंबित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पेट्रोल पंप का डीजल बिक्री लाइसेंस निलंबित
अमर उजाला ब्यूूराे
Updated Sun, 30 Apr 2017 01:54 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रिमोट कंट्रोल से ईंधन चोरी के मामले में अतरौली तहसील के नरौना 12 नंबर गांव अकापुर स्थित मैसर्स शहीद राजवीर सिंह फिलिंग स्टेशन का डीजल बिक्री का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है। जिलाधिकारी ऋषिकेश भास्कर याशोद के निर्देश पर ये कार्रवाई हुई है।
उन्होंने कहा है कि पेट्रोल पंपों पर घटतौली और पेट्रोलियम पदार्थों की गुणवत्ता की जांच होती रहेगी। इधर, एसएसपी राजेश पांडेय ने कहा कि अतरौली की घटना के बाद ही लखनऊ में बड़े पैमाने पर रिमोट से पेेट्रोल चोरी का मामला पकड़ा गया है।
अतरौली में रिमोट आदि डिवाइस अभी केस प्रापर्टी है, इसको अदालत से रिलीज कराने के बाद जांच आगे बढ़ेगी और दोषियों का पूरा नेटवर्क सामने होगा। दोनों अधिकारी शनिवार को कलेक्ट्रेट में मौजूद थे। जिला पूर्ति अधिकारी नीरज सिंह ने बताया कि अतरौली तहसील के नरौना 12 नंबर अकापुर स्थित मैसर्स शहीद राजवीर सिंह फिलिंग स्टेशन उनकी पत्नी राजवती के नाम से मिला है।
विज्ञापन
जिसमें बीती 18 अप्रैल की सुबह पेट्रोल भरवाने पहुंचे राजेश सिंह ने रिमोट कंट्रोल से ईंधन की चोरी की शिकायत अतरौली कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक से की थी। इस प्रकरण में मुकदमा भी दर्ज है। इस संबंध में पंप को सील करने के बाद संचालक को डीजल बिक्री का लाइसेंस निरस्त करने का पहला नोटिस 18 अप्रैल को ही दिया गया था। जिसका जवाब नहीं मिलने पर शनिवार को डीजल ब्रिकी लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है।
दूसरा नोटिस भी शनिवार को दे दिया गया है। इसका जवाब भी अगर सात दिन में नहीं मिला तो डीजल ब्रिकी का लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा। पेट्रोल बिक्री के लिए जिलापूर्ति कार्यालय से लाइसेंस जारी नहीं होता है केवल एनओसी मिलती है। इसलिए एनओसी रोक दी गई है। ये पंप आईओसी की एजेंसी है, इसलिए आईओसी के अधिकारियों को पत्र लिखा गया है। जिस पर कंपनी अपने स्तर से कार्रवाई करेगी। फिलहाल पंप सील है।
शेड्यूल से नहीं हुई कोई चेकिंग
जिलाधिकारी के निर्देश पर 25-26 अप्रैल खैर, 27-28 अप्रैल इगलास, 29-30 अप्रैल गभाना, 1-2 मई अतरौली, 3-4 मई कोल, 5-6 मई नगर निगम सिविल लाइन, 7-8 मई नगर निगम नगर क्षेत्र में पेट्रोल पंप की चेकिंग का शेडयूल है। लेकिन बांट माप विभाग में एक ही निरीक्षक होने के कारण अब तक तयशुदा शेडयूल से कोई भी चेकिंग नहीं हुई है। जिला पूर्ति अधिकारी ने कहा कि अब औचक चेकिंग होगी।
विज्ञापन
उन्होंने कहा है कि पेट्रोल पंपों पर घटतौली और पेट्रोलियम पदार्थों की गुणवत्ता की जांच होती रहेगी। इधर, एसएसपी राजेश पांडेय ने कहा कि अतरौली की घटना के बाद ही लखनऊ में बड़े पैमाने पर रिमोट से पेेट्रोल चोरी का मामला पकड़ा गया है।
विज्ञापन
अतरौली में रिमोट आदि डिवाइस अभी केस प्रापर्टी है, इसको अदालत से रिलीज कराने के बाद जांच आगे बढ़ेगी और दोषियों का पूरा नेटवर्क सामने होगा। दोनों अधिकारी शनिवार को कलेक्ट्रेट में मौजूद थे। जिला पूर्ति अधिकारी नीरज सिंह ने बताया कि अतरौली तहसील के नरौना 12 नंबर अकापुर स्थित मैसर्स शहीद राजवीर सिंह फिलिंग स्टेशन उनकी पत्नी राजवती के नाम से मिला है।
विज्ञापन
जिसमें बीती 18 अप्रैल की सुबह पेट्रोल भरवाने पहुंचे राजेश सिंह ने रिमोट कंट्रोल से ईंधन की चोरी की शिकायत अतरौली कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक से की थी। इस प्रकरण में मुकदमा भी दर्ज है। इस संबंध में पंप को सील करने के बाद संचालक को डीजल बिक्री का लाइसेंस निरस्त करने का पहला नोटिस 18 अप्रैल को ही दिया गया था। जिसका जवाब नहीं मिलने पर शनिवार को डीजल ब्रिकी लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है।
दूसरा नोटिस भी शनिवार को दे दिया गया है। इसका जवाब भी अगर सात दिन में नहीं मिला तो डीजल ब्रिकी का लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा। पेट्रोल बिक्री के लिए जिलापूर्ति कार्यालय से लाइसेंस जारी नहीं होता है केवल एनओसी मिलती है। इसलिए एनओसी रोक दी गई है। ये पंप आईओसी की एजेंसी है, इसलिए आईओसी के अधिकारियों को पत्र लिखा गया है। जिस पर कंपनी अपने स्तर से कार्रवाई करेगी। फिलहाल पंप सील है।
शेड्यूल से नहीं हुई कोई चेकिंग
जिलाधिकारी के निर्देश पर 25-26 अप्रैल खैर, 27-28 अप्रैल इगलास, 29-30 अप्रैल गभाना, 1-2 मई अतरौली, 3-4 मई कोल, 5-6 मई नगर निगम सिविल लाइन, 7-8 मई नगर निगम नगर क्षेत्र में पेट्रोल पंप की चेकिंग का शेडयूल है। लेकिन बांट माप विभाग में एक ही निरीक्षक होने के कारण अब तक तयशुदा शेडयूल से कोई भी चेकिंग नहीं हुई है। जिला पूर्ति अधिकारी ने कहा कि अब औचक चेकिंग होगी।