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Aligarh News: पूछ रहे हैं लोग, कब तक बनेगी विजयगढ़ से अकराबाद की सड़क
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विजयगढ़ अकराबाद मार्ग
- फोटो : samvad
विजयगढ़ से अकराबाद तक 13 किमी की सड़क पर चलना अब तो दूभर होता जा रहा है। सड़क में गड्ढे हैं या फिर गड्ढों में सड़क है इसका आभास तभी पता चलता है जब वाहन पर हिचकोले खाते हुए मात्र 15 मिनट के सफर को 60 मिनट से ज्यादा में तय करने को मजबूर होना पड़ रहा है। क्षेत्रीय जनता सुगम आवागमन की आस में कराह रही है लेकिन विधायक, सांसद और अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों का कहना है कि सड़क बनाने में इस्तेमाल होने वाला बिटुमिन नहीं मिल रहा है। अब जनता उनसे पूछ रही है कि बिटुमिन क्यों नहीं मिल रहा है तो अधिकारी कहते हैं कि ईरान-इजराइल युद्ध ने बिटुमिन की कमी कर दी है। जबकि हकीकत यह है कि यह सड़क दो साल से ऊबड़-खाबड़ पड़ी है। तब बिटुमिन बहुतायत में था फिर उस समय सड़क को क्यों नहीं बनाया गया। इस मार्ग पर दीपपुर, मदोवा, सिंहपुर, नगला तुलाराम, बरौठ, दिनावली सहित एक दर्जन गांवों के लोगों का आना-जाना रहता है। अलीगढ़ में पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं और नौकरीपेशा लोग अधिक परेशान हैं। क्षेत्रीय विधायक रवेंद्रपाल सिंह आश्वासन दे रहे हैं कि सड़क बन जाएगी तो ई-बसें चलवाएंगे। जेई प्रकाश चंंद्र ने बताया जब बिटुमिन मिल रहा था तब पांच किमी तक सड़क बना दी थी। अभी 08 किमी का मार्ग बनना बाकी है। मथुरा से बिटुमिन मिलते ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
विजयगढ़ से सासनी मार्ग की दशा भी बहुत खराब है। इस सड़क पर पैदल चलना भी दूभर है। इस मार्ग पर 15 गांव पड़ते हैं। एक्सईएन संजीव कुमार वर्मा ने बताया कि टेंडर प्रक्रिया कंप्लीट हो चुकी है और साइड में गिट्टी डालकर चौड़ीकरण का कार्य शुरू हो चुका है। मार्च 2027 तक सड़क कंप्लीट करनी है। तब तक बिटुमिन की समस्या भी दूर हो सकती है।
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वैद्य शशांक अग्रवाल का कहना है कि सप्ताह में दो दिन हाथरस जाना होता है। एक घंटे से अधिक समय में सफर तय कर पाते हैं। कई महीने से सुन रहे हैं कि सड़क शीघ्र ही बना दी जाएगी।
वैद्य अमृत गर्ग कहते हैं कि पिछले महीने पिता का जन्म दिन मनाया था। दूर-दूर से लोग आए थे, कह रहे थे कि सौ किमी की दूरी में इतना समय नहीं लगा जितना मात्र 13 किमी वाली सड़क पर लग गया है।
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पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों का कहना है कि सड़क बनाने में इस्तेमाल होने वाला बिटुमिन नहीं मिल रहा है। अब जनता उनसे पूछ रही है कि बिटुमिन क्यों नहीं मिल रहा है तो अधिकारी कहते हैं कि ईरान-इजराइल युद्ध ने बिटुमिन की कमी कर दी है। जबकि हकीकत यह है कि यह सड़क दो साल से ऊबड़-खाबड़ पड़ी है। तब बिटुमिन बहुतायत में था फिर उस समय सड़क को क्यों नहीं बनाया गया। इस मार्ग पर दीपपुर, मदोवा, सिंहपुर, नगला तुलाराम, बरौठ, दिनावली सहित एक दर्जन गांवों के लोगों का आना-जाना रहता है। अलीगढ़ में पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं और नौकरीपेशा लोग अधिक परेशान हैं। क्षेत्रीय विधायक रवेंद्रपाल सिंह आश्वासन दे रहे हैं कि सड़क बन जाएगी तो ई-बसें चलवाएंगे। जेई प्रकाश चंंद्र ने बताया जब बिटुमिन मिल रहा था तब पांच किमी तक सड़क बना दी थी। अभी 08 किमी का मार्ग बनना बाकी है। मथुरा से बिटुमिन मिलते ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
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विजयगढ़ से सासनी मार्ग की दशा भी बहुत खराब है। इस सड़क पर पैदल चलना भी दूभर है। इस मार्ग पर 15 गांव पड़ते हैं। एक्सईएन संजीव कुमार वर्मा ने बताया कि टेंडर प्रक्रिया कंप्लीट हो चुकी है और साइड में गिट्टी डालकर चौड़ीकरण का कार्य शुरू हो चुका है। मार्च 2027 तक सड़क कंप्लीट करनी है। तब तक बिटुमिन की समस्या भी दूर हो सकती है।
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वैद्य शशांक अग्रवाल का कहना है कि सप्ताह में दो दिन हाथरस जाना होता है। एक घंटे से अधिक समय में सफर तय कर पाते हैं। कई महीने से सुन रहे हैं कि सड़क शीघ्र ही बना दी जाएगी।
वैद्य अमृत गर्ग कहते हैं कि पिछले महीने पिता का जन्म दिन मनाया था। दूर-दूर से लोग आए थे, कह रहे थे कि सौ किमी की दूरी में इतना समय नहीं लगा जितना मात्र 13 किमी वाली सड़क पर लग गया है।