जेएन मेडिकल कॉलेज में स्ट्रेचर से गिरा मरीज, मौत, परिजनों का आरोप- समय पर नहीं मिला उपचार
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जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों सहित इमरजेंसी के अन्य स्टाफ की लापरवाही से एक मरीज की मौत का मामला सामने आया है। आरोप है कि स्टाफ ने उसे स्ट्रेचर पर लिटाकर छोड़ दिया था। काफी समय बाद भी मरीज को उपचार नहीं दिया गया। तबीयत अधिक बिगड़ने पर युवक अचानक से नीचे गिर गया। गिरने से उसके सिर में चोट लग गई। सिर से खून बहने लगा। इसके बाद भी डॉक्टरों ने मरीज को समय पर उपचार नहीं दिया। अधिक खून बहने से युवक की मौके पर ही मौत हो गई। इससे गुस्साए परिजनों ने रात को वहां जमकर हंगामा काटा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। शुक्रवार को शव परिजनों के सुपुर्द किया गया।
मुकेश पुत्र होडल सिंह, निवासी धुर्रा तोड़करपुर, पाली मुकीमपुर की गुरुवार को दिन में तबीयत खराब हो गई थी। परिजनों के अनुसार उसे बुखार और दस्त होने लगे थे। इस पर मुकेश को उपचार के लिए सीएचसी में भर्ती कराया गया। वहां से मरीज को जेएन मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया गया। यहां रात नौ बजे करीब मरीज को इमरजेंसी में भर्ती करने के लिए लेकर पहुंचे। इमरजेंसी स्टाफ ने मरीज को स्ट्रेचर पर लिटा दिया। उसकी हालत गंभीर होने पर भी समय से उपचार नहीं दिया गया। थोड़ी देर बाद मरीज अचानक से स्ट्रेचर से नीचे फर्श पर गिर गया। गिरने से उसके सिर में चोट लग गई और खून बहने लगा। इस बात की जानकारी मौजूद डाक्टरों को दी। इसके बाद भी उन्होंने तत्परता नहीं दिखाई। इससे मरीज की थोड़ी देर बाद मौत हो गई।
हंगामा होने पर पहुंची पुलिस
मुकेश की मौत होने पर गुस्साए परिजनों में इमरजेंसी में हंगामा काटना शुरू कर दिया। डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया। हंगामे की सूचना पर पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने उन्हें समझाकर शांत कराया। इसके बाद शव को मोर्चरी में रखवा दिया। शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द किया। युवक की मौत से परिवार सदमे में है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।