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पसमांदा मुसलमानों को संख्या के मुताबिक मिले हिस्सेदारी
अमर उजाला ब्यूूराे
Updated Wed, 21 Dec 2016 01:44 AM IST
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पसमांदा मुसलमानों को संख्या के मुताबिक मिले हिस्सेदारी
- फोटो : Rupesh
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बैकवर्ड वेलफेयर समिति द्वारा धौर्रा बाईपास स्थित शाहीन गार्डन में पसमांदा समाज जगाओ सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें मुख्य अतिथि के रूप में राज्य सभा सांसद और पसमांदा समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष अली अनवर अंसारी शामिल हुए।
कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज कोई वोट देने वाली मशीन नहीं है। यह कानूनी तरीके से पिछड़े मुसलमानों के साथ नाइंसाफी है। भारत में मुसलमानों की संख्या 22 फीसदी है। इसमें पसमांदा मुसलमानों की संख्या 16 फीसदी है। राजनीतिक संगठनों को संख्या के मुताबिक पसमांदा मुसलमानों को राजनीतिक हिस्सेदारी मिलनी चाहिए। हरियाणा से आए चौ. रमजान खां ने कहा कि 1940 में पसमांदा समाज के लोगों ने दिल्ली में इकट्ठा होकर देश को टूटने से बचाया था।
आज अपने अधिकार लेने के लिए फिर से इकट्ठा होना होगा। मुस्लिम पिछड़ा वर्ग के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हाजी निसार अहमद ने कहा कि अलीगढ़ के कई विधानसभा क्षेत्रों में पसमांदा मुसलमानों की संख्या 80 से 90 फीसदी तक है। समिति के जिलाध्यक्ष शकील प्रधान, असलम नूर मलिम ने संगठन को मजबूत करने की अपील की। इस अवसर पर पूर्व पार्षद अहमद सईद सिद्दीकी, साजिद कुरैशी, साबिर राही, निजाम सैफी, शहजाद अल्वी, ताज मोहम्मद, नवीजान मेव, मेहंदी हसन अल्वी, यामीन खान अब्बासी, अब्दुल गफ्फार, तारिक, यूनिस आदि मौजूद थे।
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कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज कोई वोट देने वाली मशीन नहीं है। यह कानूनी तरीके से पिछड़े मुसलमानों के साथ नाइंसाफी है। भारत में मुसलमानों की संख्या 22 फीसदी है। इसमें पसमांदा मुसलमानों की संख्या 16 फीसदी है। राजनीतिक संगठनों को संख्या के मुताबिक पसमांदा मुसलमानों को राजनीतिक हिस्सेदारी मिलनी चाहिए। हरियाणा से आए चौ. रमजान खां ने कहा कि 1940 में पसमांदा समाज के लोगों ने दिल्ली में इकट्ठा होकर देश को टूटने से बचाया था।
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आज अपने अधिकार लेने के लिए फिर से इकट्ठा होना होगा। मुस्लिम पिछड़ा वर्ग के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हाजी निसार अहमद ने कहा कि अलीगढ़ के कई विधानसभा क्षेत्रों में पसमांदा मुसलमानों की संख्या 80 से 90 फीसदी तक है। समिति के जिलाध्यक्ष शकील प्रधान, असलम नूर मलिम ने संगठन को मजबूत करने की अपील की। इस अवसर पर पूर्व पार्षद अहमद सईद सिद्दीकी, साजिद कुरैशी, साबिर राही, निजाम सैफी, शहजाद अल्वी, ताज मोहम्मद, नवीजान मेव, मेहंदी हसन अल्वी, यामीन खान अब्बासी, अब्दुल गफ्फार, तारिक, यूनिस आदि मौजूद थे।
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