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भारत बंद का शहरी क्षेत्र में रहा आंशिक असर
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भारत बंद के आह्वान पर दुकानों को बंद करवातीं संयुक्त किसान मोर्चा की नेता कमलेश
- फोटो : CITY OFFICE
राष्ट्रीय आह्वान पर संयुक्त किसान मोर्चा के शुक्रवार को हुए भारत बंद का शहरी क्षेत्र में आंशिक असर रहा। नौरंगाबाद छावनी एवं क्वार्सी बाईपास पर कुछ दुकानें बंद नजर आईं। धनीपुर मंडी में भी कुछ देर के लिए कुछ दुकानें बंद रहीं। अमीर निशां, शमशाद मार्केट, ऊपरकोट, व रसलगंज में साप्ताहिक बंदी के कारण दुकानें बंद रहीं। अन्य बाजारों में सामान्य दिनों की तरह दुकानें खुलीं। देहात क्षेत्र में बंद का मिलाजुला असर रहा। किसानों ने टप्पल एक्सचेंज पर सुबह 11 बजे से तीन बजे तक सड़क जाम की। इस दौरान किसानों की एसडीएम खैर से तीखी नोंकझोंक हो गई। इसके बाद सड़क को खोल दिया गया।
भारत बंद का धनीपुर मंडी में बंद का आंशिक असर रहा। मंडी समिति अध्यक्ष सुरेश चन्द लोधी सहित कई आढ़तियों ने किसानों के समर्थन में अपनी दुकानें बंद रखीं। दोपहर 12 बजे संयुक्त किसान मोर्चा के संयोजक शशिकांत, भाकियू महाशक्ति के जिलाध्यक्ष विनोद चौहान, संगठन मंत्री सुरेश चंद गांधी समेत कई नेता किसान मंडी पहुंचे थे। किसान नेताओं की अपील पर बड़ी संख्या में आढ़त बंद होने लगी। हालांकि, सत्तापक्ष से जुड़े गल्ला व्यापारियों ने अपनी आढ़त बंद नहीं कीं। महिला किसान नेता कमलेश यादव के नेतृत्व में युवा किसानों की एक टीम के आग्रह पर क्वार्सी बाईपास स्थित देवी नगला, डालचंद नगला में कुछ दुकानें बंद रहीं।
नौरंगाबाद छावनी व्यापार मंडल ने एक दिन पहले ही भारत बंद के समर्थन का एलान किया था। सुबह 9 बजे से ही व्यापार मंडल अध्यक्ष नर विक्त्रस्म सिंह, मानव सेवा दल अध्यक्ष केवी मौर्य के साथ बाजार में अपील करने पहुँचे। मेडिकल स्टोर, दूध, सब्जी की दुकानें खुली रही। भाकियू टिकैत के किसानों ने टप्पल एक्सचेंज पर प्रदर्शन एवं चक्का जाम किया। सुबह सात बजे से किसानों का जमावड़ा इंटरचेंज ब्रिज के नीचे होने लगा। जिलाध्यक्ष विमल तोमर, जिला महासचिव वीरेंद्र चौधरी, जिला सचिव धर्मेंद्र चौधरी, तहसील अध्यक्ष गौरव तेवतिया, तहसील उपाध्यक्ष अंकुश चौधरी, ब्लाई महासचिव भुट्टो सिंह, नगेंद्र सिंह, विनीत चौधरी, कपिल चौधरी आदि प्रमुख किसान नेताओं के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान एकत्रित हो गए। 11 बजे से चक्का जाम किया गया।
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किसान हाईवे पर धरने पर बैठ गए। किसानों ने तीनों कृषि कानूनों की वापसी की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की। खबर पाते ही पुलिस क्षेत्राधिकारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे। दोपहर 3 बजे एसडीएम खैर भी मौके पर पहुंचे। एसडीएम सहित पुलिस अधिकारियों और किसान नेताओं के बीच कई बार तीखी नोकझोंक हुई। किसानों ने तय समय शाम 6 बजे तक प्रदर्शन जारी रखा। सांकरा-अतरौली मार्ग पर भाकियू स्वराज के युवा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। छर्रा में गल्ला मंडी के सामने भारतीय किसान यूनियन टिकैत के कार्यकर्ताओं ने रास्ता जाम किया। सूचना पाते ही मौके पर पुलिस कोतवाल पहुंच गए। तहसील अध्यक्ष जगदीश यादव समेत कई किसान नेताओं के साथ पुलिस की तीखी नोकझोंक हुई। इसी दौरान किसानों ने पैदल मार्च कर नारेबाजी की। नारेबाजी के दौरान तीनों काले कृषि कानूनों की वापसी की मांग की। छर्रा ब्लाक कार्यालय पर भारतीय किसान यूनियन के वरिष्ठ नेता चौधरी नबाब सिंह के नेतृत्व में किसानों ने प्रदर्शन किया।
लगी वाहनों की कतारें
अलीगढ़। टप्पल एक्सचेंज पर जाम के दौरान वहां वाहनों की कतारें लग गईं। इससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हालांकि जाम के दौरान एंबुलेंस को जाने दिया गया। जाम में फंसे यात्रियों में विशेषकर बच्चों को किसानों ने बिस्किट व केले खाने को दिए।
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भारत बंद का धनीपुर मंडी में बंद का आंशिक असर रहा। मंडी समिति अध्यक्ष सुरेश चन्द लोधी सहित कई आढ़तियों ने किसानों के समर्थन में अपनी दुकानें बंद रखीं। दोपहर 12 बजे संयुक्त किसान मोर्चा के संयोजक शशिकांत, भाकियू महाशक्ति के जिलाध्यक्ष विनोद चौहान, संगठन मंत्री सुरेश चंद गांधी समेत कई नेता किसान मंडी पहुंचे थे। किसान नेताओं की अपील पर बड़ी संख्या में आढ़त बंद होने लगी। हालांकि, सत्तापक्ष से जुड़े गल्ला व्यापारियों ने अपनी आढ़त बंद नहीं कीं। महिला किसान नेता कमलेश यादव के नेतृत्व में युवा किसानों की एक टीम के आग्रह पर क्वार्सी बाईपास स्थित देवी नगला, डालचंद नगला में कुछ दुकानें बंद रहीं।
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नौरंगाबाद छावनी व्यापार मंडल ने एक दिन पहले ही भारत बंद के समर्थन का एलान किया था। सुबह 9 बजे से ही व्यापार मंडल अध्यक्ष नर विक्त्रस्म सिंह, मानव सेवा दल अध्यक्ष केवी मौर्य के साथ बाजार में अपील करने पहुँचे। मेडिकल स्टोर, दूध, सब्जी की दुकानें खुली रही। भाकियू टिकैत के किसानों ने टप्पल एक्सचेंज पर प्रदर्शन एवं चक्का जाम किया। सुबह सात बजे से किसानों का जमावड़ा इंटरचेंज ब्रिज के नीचे होने लगा। जिलाध्यक्ष विमल तोमर, जिला महासचिव वीरेंद्र चौधरी, जिला सचिव धर्मेंद्र चौधरी, तहसील अध्यक्ष गौरव तेवतिया, तहसील उपाध्यक्ष अंकुश चौधरी, ब्लाई महासचिव भुट्टो सिंह, नगेंद्र सिंह, विनीत चौधरी, कपिल चौधरी आदि प्रमुख किसान नेताओं के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान एकत्रित हो गए। 11 बजे से चक्का जाम किया गया।
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किसान हाईवे पर धरने पर बैठ गए। किसानों ने तीनों कृषि कानूनों की वापसी की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की। खबर पाते ही पुलिस क्षेत्राधिकारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे। दोपहर 3 बजे एसडीएम खैर भी मौके पर पहुंचे। एसडीएम सहित पुलिस अधिकारियों और किसान नेताओं के बीच कई बार तीखी नोकझोंक हुई। किसानों ने तय समय शाम 6 बजे तक प्रदर्शन जारी रखा। सांकरा-अतरौली मार्ग पर भाकियू स्वराज के युवा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। छर्रा में गल्ला मंडी के सामने भारतीय किसान यूनियन टिकैत के कार्यकर्ताओं ने रास्ता जाम किया। सूचना पाते ही मौके पर पुलिस कोतवाल पहुंच गए। तहसील अध्यक्ष जगदीश यादव समेत कई किसान नेताओं के साथ पुलिस की तीखी नोकझोंक हुई। इसी दौरान किसानों ने पैदल मार्च कर नारेबाजी की। नारेबाजी के दौरान तीनों काले कृषि कानूनों की वापसी की मांग की। छर्रा ब्लाक कार्यालय पर भारतीय किसान यूनियन के वरिष्ठ नेता चौधरी नबाब सिंह के नेतृत्व में किसानों ने प्रदर्शन किया।
लगी वाहनों की कतारें
अलीगढ़। टप्पल एक्सचेंज पर जाम के दौरान वहां वाहनों की कतारें लग गईं। इससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हालांकि जाम के दौरान एंबुलेंस को जाने दिया गया। जाम में फंसे यात्रियों में विशेषकर बच्चों को किसानों ने बिस्किट व केले खाने को दिए।